किशनगंज में सेक्स रैकेट, 4 नाबालिग समेत 9 लड़कियां रेस्क्यू:500m दौड़ाकर पुलिस ने 3 को पकड़ा, बॉयफ्रेंड के साथ मिलकर रैकेट चला रही थी मुन्नी

किशनगंज के खगड़ा में सेक्स रैक्ट में शामिल 9 लड़कियों को रेस्क्यू किया गया है। इनमें 4 लड़कियां नाबालिग है। वहीं कुछ ग्राहक युवकों को भी पकड़ा गया है। रेड लाइट एरिया की संचालिका मुन्नी बेगम को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। वह अपने बॉयफ्रेंड सोनू के साथ रैकेट चला रही थी। घटनास्थल से कंडोम के 25 पैकेट भी मिले हैं। पुलिस ने बताया कि सेक्स रैक्ट की सूचना मिली थी। इस सूचना के आधार पर रविवार की शाम छापेमारी की गई। रेस्क्यू की गई लड़कियों को काउंसलिंग के लिए सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया है। इसके साथ ही कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। डीएसपी अशोक कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई एसपी संतोष कुमार के निर्देश पर की गई है। घटना से जुड़ी 2 तस्वीरें.. पुलिस को देख भागने लगीं लड़कियां डीएसपी अशोक कुमार ने बताया कि ‘ऑपरेशन सवेरा’ के तहत खगड़ा रेड लाइट एरिया में छापेमारी की गई। इस कार्रवाई में पुलिस ने 9 लड़कियों को रेस्क्यू किया है, जिनमें 4 नाबालिग हैं। कई ग्राहकों और युवकों को भी हिरासत में लिया गया है। डीएसपी ने बताया कि कुछ लड़कियां मौके से पकड़ी गईं। वहीं, कुछ लड़कियां पुलिस को देखती ही भागने लगीं। पुलिस ने 500 मीटर दौड़ाकर तीन लड़कियों को पकड़ा है। अलग-अलग राज्यों की लड़िकयां है स्थानीय युवक राजीव रंजन ने बताया कि इस इलाके में रहते हुए हमलोगों को बहुत शर्मिंदगी झेलनी पड़ती है। पुलिस ने कई बार छापेमारी की, लेकिन इससे कोई फर्क नहीं पड़ा। इलाके में अलग-अलग राज्यों की लड़िकयां नजर आती है। हमारे बच्चों पर भी इसका बुरा असर पड़ रहा है। हम चाहते हैं कि पुलिस ऐसी कार्रवाई करे कि यह हमेशा के लिए बंद हो जाए। वहीं, शकील अख्तर ने कहा कि यहां लड़कियों की खरीद-फरोख्त भी होती है। इनमें नाबालिग ज्यादा रहती है। असम-बंगाल के गावों से लड़कियों को खरीदकर यहां लाया जाता है। शुरुआत में यहां आती है, तो इन्हें कमरे में ही कई दिनों तक बंद रखा जाता है, फिर कुछ दिनों बाद इनको बाहर जाने की इजाजत मिलती है। पुलिस भी कार्रवाई करके थक चुकी है। कोई असर नहीं हो रहा है। अब जानिए कौन है मुन्नी बेगम स्थानीय लोगों ने कहा कि इस रैकेट की मुख्य सरगना मुन्नी बेगम है। समस्तीपुर और मुजफ्फरपुर की लड़कियां उसकी सहयोगी है। उसका भाई कृष्णा खलीफा फिलहाल जेल में बंद है, लेकिन कहा जा रहा है कि वह जेल से पूरे गिरोह का संचालन कर रहा है। यह नेटवर्क सिर्फ बिहार तक सीमित नहीं है, बल्कि बंगाल, असम और झारखंड तक फैला है। जानकारी के मुताबिक, मुन्नी बेगम का पूरा परिवार लंबे समय से इस धंधे में शामिल है। हाल ही में उस पर दो नाबालिग लड़कियों को महज 5 लाख रुपए में बेचने का आरोप भी लगा है। वहीं, कृष्णा खलीफा के पिता सीसा खलीफा पर 2001 में समस्तीपुर में हत्या का मामला दर्ज है, जिसमें पूरे परिवार की संलिप्तता बताई जाती है। बीते दिनों किशनगंज थाना कांड संख्या 430/25 में कृष्णा खलीफा और उसके परिजनों पर केस दर्ज हुआ है। साथ ही उन पर मानव तस्करी जैसे गंभीर आरोप भी हैं। हाल के दिनों में पंजीपारा में दो लड़कियों के साथ उनके ही एक रिश्तेदार द्वारा रेप की वारदात देने की बात सामने आई थी, लेकिन पश्चिम बंगाल का मामला होने के कारण इसे दबा दिया गया। तस्करों के नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना एसडीपीओ मंगलेश कुमार ने बताया कि रेड लाइट एरिया में लंबे समय से अवैध गतिविधियां चल रही थीं। गिरफ्तार युवकों से पूछताछ की जा रही है, जिससे दलालों और तस्करों के बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *