IDFC बैंक घोटाला: HPGCL के फाइनेंस डायरेक्टर को मिली बेल:मंसूरी के होटल में बेटे की शादी, पासपोर्ट जमा करवाने की लगाई शर्त

590 करोड़ रुपए के IDFC बैंक घोटाले में आरोपित हरियाणा पावर जेनरेशन कारपोरेशन लिमिटेड (एचपीजीसीएल) के डायरेक्टर फाइनेंस अमित दीवान को बेटे की शादी में शामिल होने के लिए कोर्ट ने 10 दिन की अंतरिम जमानत प्रदान की है। आरोपी ने 19 दिन की अंतरिम बेल के लिए कोर्ट में याचिका लगाई थी। पंचकूला कोर्ट में याचिका पर सुनवाई के दौरान फैसला सुनाते हुए आदेश दिए कि उसे पहले कोर्ट में अपना पासपोर्ट जमा करवाना होगा तथा 5 लाख के बेल बॉन्ड भी सबमिट करने होगी, जो उनके वकील द्वारा सभी फार्मलिटी पूरी कर दी गई हैं। मसूरी में JW मैरिएट होटल में शादी अंतरिम जमानत अर्जी में आरोपित ने बताया कि उसके बेटे अर्नव दीवान की शादी 19 अप्रैल 2026 को निर्धारित है। शादी से जुड़े कार्यक्रम 14 अप्रैल से 24 अप्रैल तक चलेंगे। परिवार के अनुसार, शादी के अधिकांश कार्यक्रम मसूरी के जेडब्ल्यू मैरियट होटल में आयोजित किए जाने हैं, जिनकी बुकिंग पहले ही की जा चुकी है और ये नॉन-रिफंडेबल हैं। अर्जी में कहा कि परिवार में शादी की जिम्मेदारियों को निभाने के लिए अमित दीवान ही एकमात्र पुरुष सदस्य हैं। उनके पिता 84 वर्ष के हैं और अन्य कोई व्यक्ति व्यवस्थाएं संभालने में सक्षम नहीं है। आरोपित ने कोर्ट को आश्वासन दिया है कि यदि उसे अंतरिम जमानत दी जाती है, तो वह सभी शर्तों का पालन करेगा और निर्धारित अवधि पूरी होने पर स्वयं को सरेंडर कर देगा। फिलहाल कोर्ट ने मामले में अगली सुनवाई 6 अप्रैल को तय की है। अंबाला की सेंट्रल जेल में बंद अमित दीवान इस समय अंबाला सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं। उन्हें 18 मार्च को एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गिरफ्तार किया था। रिमांड अवधि पूरी होने के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। जांच एजेंसी के अनुसार, दीवान पर आरोप है कि उन्होंने चंडीगढ़ के सेक्टर-32 स्थित आईडीएफसी फर्स्ट बैंक में गलत मंशा से दो बैंक खाते खुलवाए और मुख्य आरोपित रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर घोटाले को अंजाम देने में सक्रिय भूमिका निभाई। मास्टरमाइंड रिभव ऋषि से पुराना संपर्क जांच में यह भी सामने आया है कि इस कथित घोटाले के बदले उन्होंने भारी अवैध धनराशि (घूस) प्राप्त की। एसीबी को रिमांड के दौरान कई अहम सुराग मिले हैं और कुछ अन्य सरकारी अधिकारियों के नाम भी जांच के दायरे में आए हैं। पंचकूला ACB अधिकारियों के अनुसार आरोपी अमित दीवान लंबे समय से मास्टरमाइंड, विशेष रूप से रिभव ऋषि के साथ मिलीभगत कर कथित अपराधों के निष्पादन में सक्रिय रूप से सहायता की। इसके लिए उसने भारी मात्रा में अवैध लाभ/रिश्वत भी स्वीकार की, जिसकी पुष्टि जब्त सामग्री एवं गवाहों के बयानों से होती है।

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