चंडीगढ़। पंजाब में असमय हुई बारिश से प्रभावित फसल को ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार ने पंजाब को बड़ी राहत दी है। गेहूं की खरीद के लिए तय मानकों में विशेष छूट दी गई है। इसमें चमक में कमी वाले गेहूं की सीमा 70% तक बढ़ा दी गई है। वहीं, सिकुड़े एवं टूटे हुए दानों की सीमा, 6% से बढ़ाकर 15% तक कर दी है। यह फैसला पंजाब के सभी जिलों के साथ-साथ चंडीगढ़ पर भी लागू होगा। दरअसल, राज्य सरकार और एफसीआई की ओर से केंद्र को भेजे गए अनुरोध में बताया गया था कि बारिश के कारण गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित हुई है। इसके बाद केंद्र ने तुरंत कार्रवाई करते हुए 10 अप्रैल को टीमों को जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए भेजा। फील्ड रिपोर्ट पर यह निर्णय लिया गया। गेहूं खरीद मानकों में ये छूट कलर लॉस (चमक में कमी) वाले गेहूं की सीमा 70% तक बढ़ा दी गई है। {सिकुड़े एवं टूटे हुए दानों की सीमा, 6% से बढ़ाकर 15% तक की {क्षतिग्रस्त एवं आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त दानों का कुल प्रतिशत 6% से अधिक नहीं होगा। {नए मानकों के तहत खरीदे गेहूं को अलग जाएगा और उसका अलग हिसाब रखा जाएगा। नए मानकों के तहत खरीदे गेहूं के भंडारण के दौरान गुणवत्ता में किसी भी प्रकार की गिरावट के लिए पंजाब सरकार स्वयं जिम्मेदार होगी। {नए खरीदे गेहूं के स्टॉक का निपटान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। इस छूट के कारण उत्पन्न किसी भी वित्तीय या परिचालन संबंधी प्रभाव की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।