नवगछिया में परशुराम जयंती के अवसर पर राष्ट्रीय ब्राह्मण महासभा ने भव्य धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया। यह आयोजन जगतपति नाथ महादेव मंदिर परिसर में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत सुबह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ रुद्राभिषेक से हुई, जिसमें भगवान शिव और भगवान परशुराम की पूजा-अर्चना कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की गई। रुद्राभिषेक के बाद परशुराम चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इसके उपरांत भजन-कीर्तन और हवन-पूजन का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर आहुतियां दीं। मंदिर परिसर भक्ति गीतों, वैदिक मंत्रों और जयकारों से गूंज उठा, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। कार्यक्रम के दौरान भगवान परशुराम के जीवन, उनके पराक्रम, तपस्या, त्याग और धर्म रक्षा के आदर्शों का गुणगान किया गया। वक्ताओं ने बताया कि भगवान परशुराम केवल शक्ति के प्रतीक नहीं, बल्कि न्याय, संयम और संस्कारों के प्रेरणास्रोत हैं। उनका जीवन समाज को धर्म के मार्ग पर चलने की सीख देता है। इस अवसर पर संत सियावल्लभ जी महाराज का विशेष सम्मान किया गया। उन्होंने अपने प्रवचन में सनातन धर्म की महत्ता, सामाजिक एकता, नैतिक मूल्यों और संस्कारों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान परशुराम का जीवन हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और धर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने युवाओं से भारतीय संस्कृति को अपनाने और समाज में सकारात्मक भूमिका निभाने का आह्वान किया। आयोजन में समाज के कई प्रमुख और सम्मानित व्यक्ति उपस्थित रहे। इनमें अजय रूंगटा, पूर्व जदयू जिला अध्यक्ष त्रिपुरारी भारती, भाजपा के पूर्व जिला महामंत्री मनोज पांडे, नवगछिया जिला अध्यक्ष ललित शास्त्री, नंदलाल तिवारी, अजीत पांडे, विश्वास झा, राजेश कनोडिया, बरुण बाबुल, समर्थ झा, भोला शर्मा, रमेश शर्मा, सुभाष पांडे, कन्हैया कुमार (सिमरा), पवन कुमार, कन्हिया झा, विभाष झा, श्रीराम पाठक, सजन शर्मा, मोहन शर्मा और दीपक चिरनिया शामिल थे। गोसाई गांव निवासी राकेश कुमार और उनकी धर्मपत्नी स्वीटी झा ने मुख्य यजमान के रूप में पूजा-अर्चना और हवन संपन्न कराया। स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और आयोजन समिति के सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।