‘यादव समाज के लोगों ने कहा कि दुसाध समाज के लोग यहां अपनी मनमानी नहीं चला सकते। यादवों के दरवाजे पर चिराग पासवान का गाना बजाने की हिम्मत नहीं होनी चाहिए। इतना कहते ही वे हमारे साथ मारपीट करने लगे। मेरा बाल पकड़कर घसीटा गया और मेरे भतीजे का पत्थर से सिर फोड़ दिया।’ यह कहना है दूल्हे की मां बुधनी देवी का। उन्होंने बताया कि बेटे की बारात निकलने से ठीक पहले डीजे पर गाना बजने को लेकर हंगामा शुरू हुआ था। यादव समाज के लोग चिराग पासवान का गाना बंद करवाना चाहते थे, लेकिन डीजे बंद नहीं किया गया।हालात ऐसे बन गए कि पुलिस की मौजूदगी में बारात को रवाना करनी पड़ी। वहीं गांव के लोगों का कहना है कि लालू यादव का गाना बजता है तो हम नजर अंदाज कर देते, कुछ नहीं कहते। मामला वैशाली जिले के बिदुपुर थाना क्षेत्र के कथौलिया बांध गांव का है। यहां चिराग पासवान का गाना बजाने को लेकर दो गुटों में जमकर मारपीट हुई। डीजे पर कौन सा गाना बजाया जा रहा था? किस गाने पर आपत्ति की गई? दूल्हे पक्ष के लोगों ने यादव समुदाय पर क्या आरोप लगाए हैं? क्या शादी हुई या नहीं? अभी वहां की स्थिति क्या है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… कथौलिया गांव में पासवान समाज के एक परिवार में 18 अप्रैल को शादी थी। दूल्हा पिंटू कुमार की बारात समस्तीपुर जाने वाली थी। घर में शादी का माहौल था। महिलाएं बिलौकी की रस्म निभाने के लिए डीजे की धुन पर नाचते-गाते गांव में घूम रही थीं। महिलाएं गांव में घूमते हुए यादव मोहल्ले में पहुंचीं तो डीजे पर चिराग पासवान का गाना ‘तोर मजनुआ हकौ चिराग भैया के फैन गे पगली’ बजने लगा। इस गाने की आवाज सुनकर कुछ लोग पहुंचे और गाना बंद कराने का दबाव बनाने लगे। गाना बंद नहीं किया गया तो लोगों ने महिलाओं और बच्चों पर ईंट-पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। इस घटना के दूसरे दिन दैनिक भास्कर की टीम जिला मुख्यालय से 30 किलोमीटर दूर मौके पर पहुंची। इस दौरान एक ओर जहां सड़कों पर ईंट-पत्थर बिखरे पड़े थे। हमारी मुलाकात दूल्हे की मां बुधनी देवी से हुई। उन्होंने बताया कि शाम करीब 8 बजे बारात निकलनी थी। इससे पहले महिलाएं रस्म निभाने जा रही थीं। उनके साथ कोई पुरुष नहीं था, सिर्फ 10 से 15 साल के 8–10 लड़के थे। बाल पकड़कर घसीटा और मारपीट की गई बुधनी देवी ने आगे बताया, हमलोगों ने अपने घर के पुरुषों को फोन कर बुलाने की कोशिश की। इस दौरान दूसरे पक्ष की महिलाएं हमलोगों के साथ मारपीट करने लगीं। उन्होंने बाल पकड़कर घसीटा और गहने भी छीन लिए। करीब 15 मिनट बाद उनके परिवार के लोग पहुंचे। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद 10 पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे, तब जाकर आरोपियों ने उन्हें छोड़ा। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में बेटे की बारात रवाना हुई। लालू का गाना बजता है तो हम कुछ नहीं कहते गांव के रहने वाले नागेश पासवान ने बताया कि शादी समारोह के दौरान गाना बजाने को लेकर विवाद हो गया। हमलोग डीजे पर चिराग पासवान का गाना बजा रहे थे, तभी कुछ लोग नाराज होकर ईंट, पत्थर और लाठी से हमला कर दिया। इसके बाद माहौल अचानक तनावपूर्ण हो गया। उन्होंने कहा कि जब यादव समाज के लोग लालू का गाना बजाते हैं, तो हमलोग कुछ नहीं कहते, बल्कि उस बात को नजरअंदाज कर देते हैं। नागेश पासवान ने कहा कि उस समय बारात निकलने की तैयारी चल रही थी। शादी के माहौल में बेवजह विवाद खड़ा कर दिया गया। महिलाएं छत से पत्थर फेंक रही थी अखिलेश कुमार ने बताया कि बारात निकलने से पहले रिश्तेदारों के बीच पानी बांट रहे थे। इसी दौरान कुछ बच्चों ने सूचना दी कि गली के बाहर मारपीट हो रही है। इस सूचना पर हम मौके पर पहुंचे। यादव समाज की कुछ महिलाएं अपने घर की छत से पत्थर फेंक रही थी। इसमें एक पत्थर मुझे भी लगा, जिससे मेरा सिर फूट गया। अश्लील गाना बजाने से हुआ विवाद इस मामले में भास्कर टीम ने यादव पक्ष से बात की तो उन्होंने कैमरे पर बोलने से इनकार कर दिया। हालांकि ऑफ रिकॉर्ड बातचीत में उनका कहना था कि शाम के समय घर की महिलाएं और बुजुर्ग दरवाजे पर बैठे थे। इसी दौरान वहां से डीजे गुजर रही थी, जिस पर अश्लील गाने बज रहे थे। यादव समाज के लोगों के मुताबिक, उन्होंने अश्लील गाना बंद करने को कहा। इस पर पासवान पक्ष के लड़कों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। यादव पक्ष का यह भी कहना है कि पासवान समाज के कुछ लोग शराब के नशे में थे और धक्का-मुक्की करने लगे। इसके बावजूद उन्होंने कुछ नहीं कहा और मामला शांत कराने की कोशिश करते हुए लोगों को वहां से हटा दिया। बाद में पासवान समाज के पुरुष मौके पर पहुंचे और हंगामा शुरू हो गया। दो पक्षों में पत्थरबाजी की मिली थी सूचना इस संबंध में सदर SDPO-1 सुबोध कुमार ने बताया कि दो पक्षों में पत्थरबाजी होने की सूचना मिली। इस सूचना पर मौके पर पहुंचकर पुलिस ने मामला शांत करवाया। घटना के बाद दहशत के कारण बरात नहीं निकल रही थी। पुलिस की मदद से बारातियों की गाड़ी को समस्तीपुर के लिए निकलवाया गया। अभी तक किसी पक्ष के द्वारा आवेदन प्राप्त नहीं हुआ है। आवेदन मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, दोनों पक्षों की तरफ से 5 लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।