पंजाब सफाई सेवक एक्शन कमेटी ने 6 मई से पूरे पंजाब में राज्य स्तरीय हड़ताल की घोषणा की है। कर्मचारियों ने सरकारी नीतियों और मांगों की लगातार अनदेखी के विरोध में यह कदम उठाया है। यूनियन नेताओं ने आज प्रदर्शन करते हुए चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगों पर तत्काल ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और तेज हो सकता है। एक्शन कमेटी के जनरल सेक्रेटरी रमेश गैचड़ ने बताया कि सरकार ने सफाई कर्मचारियों से किए गए वादों को पूरा नहीं किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि लंबे समय से उनकी जायज़ मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है, जिसके कारण कर्मचारियों में असंतोष है। उन्होंने कहा कि सरकार की नीतियों के खिलाफ संघर्ष तेज किया जाएगा। गैचड़ ने कहा कि कर्मचारियों के पास संघर्ष के अलावा कोई अन्य विकल्प नहीं बचा है। संगठन के मुख्य सलाहकार कुलदीप शर्मा ने भी सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि कर्मचारियों की समस्याओं को लंबे समय से गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सफाई कर्मचारी शहरों और गांवों को स्वच्छ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, फिर भी सरकार उनकी समस्याओं पर ध्यान नहीं दे रही है। सम्मान और अधिकारों के लिए लड़ाई शुरू शर्मा ने कहा कि अब कर्मचारियों के सम्मान और अधिकारों के लिए लड़ाई शुरू हो गई है, और इसे किसी भी कीमत पर कमजोर नहीं पड़ने दिया जाएगा। एक्शन कमेटी के प्रेसिडेंट अरुण गिल ने कहा कि पंजाब के सफाई कर्मचारियों ने अपना विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अभी भी कर्मचारियों की मांगों को गंभीरता से नहीं लिया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और अधिक तेज और व्यापक हो जाएगा। सरकार पर अनदेखी का लगाया आरोप गिल ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है और जमीनी स्तर पर स्थिति सुधारने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। संगठन सचिव कुलदीप कांगड़ा ने कहा कि अगर कर्मचारियों की मांगों का जल्द समाधान नहीं किया गया तो यह आंदोलन पूरे राज्य में बड़े स्तर पर फैल जाएगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि कर्मचारी अब अपने अधिकारों के लिए पूरी मजबूती से खड़े हैं और किसी भी तरह का दबाव स्वीकार नहीं करेंगे। नेताओं ने कहा कि 6 मई से शुरू होने वाली काम बंद हड़ताल के दौरान सफाई सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।