हरियाणा के पंचकूला की विशेष CBI कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम से जुड़े बहुचर्चित नसबंदी मामले में अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अमेरिका में रह रहे दूसरे गवाह को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) के जरिए गवाही देने की अनुमति दे दी है कोर्ट ने इससे पहले न्यूयॉर्क में मौजूद पहले गवाह की वर्चुअल गवाही की तकनीकी जांच की थी, जो सफल रही। इसके बाद अभियोजन पक्ष ने दूसरे गवाह को भी इसी माध्यम से पेश करने की मांग की। बचाव पक्ष की ओर से कोई आपत्ति नहीं आने पर अदालत ने अनुमति दे दी। कैलिफोर्निया में रहता है नया गवाह कोर्ट ने निर्देश दिया कि अमेरिका के कैलिफोर्निया में रह रहे गवाह की गवाही सुनिश्चित करने के लिए न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास से संपर्क किया जाए। साथ ही सैन फ्रांसिस्को स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। गवाही की अगली तारीखें तय कोर्ट ने मामले में आगे की सुनवाई के लिए 15 और 16 मई की तारीख तय की है। इन दिनों में अन्य गवाहों की पहचान कर उनकी पेशी सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे पहले एक मुख्य गवाह की गवाही स्वास्थ्य कारणों से टाल दी गई थी। गवाह ने बताया था कि आंख में इंजेक्शन लगने और तेज माइग्रेन के चलते वह बयान देने की स्थिति में नहीं था। 400 अनुयायियों की जबरन नसबंदी CBI ने यह केस 7 जनवरी 2015 को दर्ज किया था। आरोप है कि गुरमीत राम रहीम ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करीब 400 अनुयायियों की जबरन नसबंदी करवाई थी, यह कहकर कि इससे वे “भगवान के करीब” पहुंच जाएंगे। मामले में IPC की विभिन्न धाराओं के तहत सुनवाई जारी है।