हरियाणा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की हालिया परीक्षाओं में पकड़े गए नकलचियों पर अब सख्त कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। परीक्षा के दौरान कुल 441 नकल के मामले सामने आए थे। बोर्ड ने सभी आरोपित परीक्षार्थियों को नोटिस जारी कर 29 अप्रैल को भिवानी स्थित बोर्ड मुख्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया है। सुनवाई के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। प्रदेशभर में नकल के कुल 441 मामले दर्ज हुए, जिनमें नूंह जिला सबसे आगे रहा। यहां 74 केस सामने आए। इसके बाद पलवल में 61, सोनीपत में 50, पानीपत में 41, रोहतक में 38 और गुरुग्राम में 37 मामले दर्ज हुए।
यमुनानगर और अंबाला में एक भी नकल का मामला नहीं मिला, जबकि कुरुक्षेत्र और फरीदाबाद में केवल एक-एक केस दर्ज हुआ। सिरसा, हिसार, फतेहाबाद और रेवाड़ी में दो-दो मामले सामने आए। 5.71 लाख से अधिक छात्रों ने दी परीक्षा इस वर्ष 10वीं और 12वीं की परीक्षाओं में कुल 5,71,767 परीक्षार्थियों ने 1,433 केंद्रों पर परीक्षा दी। इनमें 10वीं के 2,95,748, 12वीं के 2,70,663 और डी.एल.एड के 5,356 छात्र शामिल रहे। अधिकारियों के अनुसार, लगभग 144 मामले अभी भी जांच के अधीन हैं, जिनमें अधिकतर सामूहिक नकल से जुड़े हैं। फर्जी उम्मीदवारों और प्रतिरूपण के मामले नूंह में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया, जहां 10वीं की गणित परीक्षा में एक बड़ा भाई अपने छोटे भाई की जगह परीक्षा देता पकड़ा गया। यह घटना सलंबा स्थित आरके इंटरनेशनल सीनियर सेकेंडरी स्कूल की है, जहां आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड के जरिए प्रवेश लिया।
गुरुग्राम में भी प्रतिरूपण (इम्पर्सनेशन) का मामला दर्ज हुआ, जबकि नूंह के एक अन्य केंद्र पर दो फर्जी परीक्षार्थी अंग्रेजी की परीक्षा देते पकड़े गए। तीन स्तरीय कार्रवाई की व्यवस्था बोर्ड चेयरमैन डॉ. पवन कुमार के अनुसार, नकल के मामलों में तीन स्तर पर कार्रवाई की जाती है… भिवानी में आज होगी सुनवाई नकल के आरोप में पकड़े गए सभी परीक्षार्थियों को 29 अप्रैल सुबह 9:30 बजे भिवानी स्थित बोर्ड मुख्यालय में व्यक्तिगत सुनवाई के लिए बुलाया गया है। इसके लिए SMS और ईमेल के माध्यम से नोटिस भेजे गए हैं। सुनवाई के बाद बोर्ड अंतिम निर्णय लेगा। सुरक्षा उपायों से घटी नकल की घटनाएं 10वीं की परीक्षाएं 28 मार्च और 12वीं की परीक्षाएं 1 अप्रैल को समाप्त हुईं। 2 अप्रैल से मूल्यांकन कार्य शुरू हो गया। अधिकारियों का कहना है कि इस बार प्रश्न पत्रों में QR कोड और अन्य सुरक्षा फीचर्स के कारण नकल के मामलों में कमी आई है। यह पिछले तीन वर्षों में सबसे कम संख्या है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि नकल के मामलों में “जीरो टॉलरेंस” की नीति जारी रहेगी और दोषियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।