बेअदबी कानून पर अकाल तख्त साहिब करेगा अंतिम फैसला:धामी बोले-धार्मिक मामलों में विमर्श जरूरी; रविदास जयंती पर 3 दिन होंगे समागम

अमृतसर। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के प्रधान एडवोकेट हरजिंदर सिंह धामी ने बेअदबी कानून पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के बयान पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि इस मामले पर अंतिम निर्णय अकाल तख्त साहिब और जत्थेदार साहिब ही लेंगे। धामी ने जोर दिया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी करने वालों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इस संबंध में कड़ा कानून बनाने पर किसी को आपत्ति नहीं होनी चाहिए। हालांकि, धार्मिक मामलों से जुड़े अन्य बिंदुओं पर पंथक संगठनों और विद्वानों से विचार-विमर्श आवश्यक है। गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती पर धार्मिक समागमों की घोषणा एक अन्य घोषणा में, एसजीपीसी प्रधान धामी ने गुरु रविदास जी की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में बड़े स्तर पर धार्मिक समागमों की घोषणा की। एसजीपीसी की सब-कमेटी ने 18, 19 और 20 फरवरी, 2027 को तीन दिवसीय विशाल धार्मिक कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है। इन समागमों के लिए तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री आनंदपुर साहिब की धरती पर विचार किया जा रहा है, हालांकि अंतिम स्थान अभी तय नहीं हुआ है। रविदास जी के जन्म स्थान से एक नगर कीर्तन निकाला जाएगा इन आयोजनों के तहत रविदास जी के जन्म स्थान से एक विशाल नगर कीर्तन निकाला जाएगा। इसकी रूपरेखा तैयार करने के लिए एस जी पी सी अधिकारियों और सदस्यों की एक टीम गठित की गई है। पंजाब के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में “गुरबाणी दर्शन और जीवन शैली” विषय पर कम से कम छह सेमिनार आयोजित होंगे, साथ ही ऐतिहासिक गुरुद्वारा साहिबों में कीर्तन दरबार भी सजाए जाएंगे। 202 पन्नों की एक शोध पुस्तक प्रकाशित होगी इसके अतिरिक्त, पंजाबी, हिंदी और अंग्रेजी भाषाओं में रविदास जी के जीवन और गुरबाणी पर आधारित 202 पन्नों की एक शोध पुस्तक प्रकाशित की जाएगी। इसे नगर कीर्तन और समागमों के दौरान वितरित किया जाएगा। धामी ने परीक्षा केंद्रों में सिख विद्यार्थियों से कड़ा और श्री साहिब उतरवाने के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि SGPC इस मुद्दे को सरकारी अधिकारियों के समक्ष फिर से उठाएगी ताकि ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *