पानीपत के चांदनीबाग थाना क्षेत्र की एक महिला डॉक्टर से पीजी में एडमिशन दिलाने के नाम पर 14 लाख रुपए की ठगी करने वाले शातिर जालसाज को साइबर थाना पुलिस ने उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार कर लिया है। 12वीं पास आरोपी खुद को डॉक्टर बताकर सोशल मीडिया पर मेडिकल छात्राओं को अपना शिकार बनाता था। पुलिस ने आरोपी के अलग-अलग बैंक खातों में मौजूद 6 लाख रुपए की राशि को फ्रीज करवा दिया है। इंस्टाग्राम पर दोस्ती, लखनऊ में एडमिशन का झांसा पीड़ित महिला डॉक्टर हरसिमरन कौर ने पुलिस को बताया कि उन्होंने साल 2022 में अपनी ग्रेजुएशन पूरी की थी और वह मास्टर डिग्री (PG) के लिए एडमिशन की तलाश में थी। इसी दौरान इंस्टाग्राम पर उनकी मुलाकात कथित डॉ. निखिल नाम के एक व्यक्ति से हुई। आरोपी ने खुद को रसूखदार बताते हुए लखनऊ के एक प्रतिष्ठित संस्थान में एडमिशन दिलाने का झांसा दिया। उसकी बातों में आकर हरसिमरन ने बताए गए खातों में 14 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। संस्थान पहुंचने पर खुला राज धोखाधड़ी का पता तब चला, जब हरसिमरन कौर लखनऊ स्थित संबंधित संस्थान में पहुंची। वहां जाने पर पता चला कि उनके नाम का कोई एडमिशन नहीं हुआ है और न ही डॉ. निखिल नाम का कोई व्यक्ति वहां कार्यरत है। ठगी का एहसास होने पर उन्होंने 4 मई को पानीपत पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। मुजफ्फरनगर से पकड़ा मुन्नाभाई साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच के बाद आरोपी की पहचान साधू जमन निवासी कुटेसरा, मुजफ्फरनगर, यूपी के रूप में की। पुलिस ने दबिश देकर उसे 6 मई को गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट ने आरोपी को 3 दिन के पुलिस रिमांड पर भेजा। 10 मई को रिमांड अवधि पूरी होने पर आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। 15 महिला डॉक्टरों को बना चुका शिकार पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी साधू जमन एक पेशेवर अपराधी है। 6 लाख रुपए फ्रीज, रिमांड पर पूछताछ जारी साइबर थाना प्रभारी दीपक ने बताया कि आरोपी के बैंक खातों की जांच कर 6 लाख रुपए फ्रीज करवा दिए गए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है और ठगी गई बाकी रकम कहां ठिकाने लगाई गई है।