अमृतसर में युवक की तेजधार हथियारों से हत्या कर दी गई। मृतक की पत्नी ने पुलिस को बताया कि पति के पड़ोस में रहने वाली एक महिला के साथ अवैध संबंध थे। इस बात को लेकर पहले भी कई बार झगड़ा हो चुका था। परिवार ने उन्हें समझाने का प्रयास किया था। लेकिन विवाद खत्म नहीं हुआ। पत्नी के अनुसार महिला के पति अशोक कुमार ने कुछ अन्य युवकों के साथ मिलकर बोहडू पुल के पास पति पर तेजधार हथियारों से हमला किया। इस हमले में पति की मौत हो गई। मृतक की पहचान तरनतारन निवासी डेविड मसीह के तौर पर हुई है। (पढ़ें पूरी खबर) लुधियाना में गाड़ी साइड करने पर 2 पक्ष भिड़े, युवक का दांतों से काटा कान लुधियाना में पड़ोसियों के बीच विवाद हो गया। विवाद गाड़ी खड़ी करने और निकलने की जगह को लेकर शुरू हुआ। जिसके बाद दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। घायल युवक जतिंदर सिंह ने बताया कि वह अपने घर के बाहर गाड़ी धो रहा था। इसी दौरान उसके पड़ोसी गुलशन धीर वहां आए। जतिंदर के मुताबिक उसने पड़ोसियों से सिर्फ 2 मिनट का समय मांगा था ताकि वह गाड़ी या मोटरसाइकिल हटा सके और उन्हें निकलने की जगह मिल सके। जतिंदर का आरोप है कि इतनी सी बात पर गुलशन धीर का बेटा गौतम धीर नीचे आया और हाथापाई शुरू कर दी। विवाद इतना बढ़ा कि गुलशन धीर ने जतिंदर पर हमला किया और उसका कान काट दिया। जतिंदर ने पुलिस से कड़ी कार्रवाई की अपील की है। (पढ़ें पूरी खबर) मोहाली के कारोबारी से 1.27 करोड़ की धोखाधड़ी, कहा- घर के बाहर फायरिंग हुई मोहाली में कारोबारी के साथ करीब 1.27 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी हुई। ठगी के बाद आरोपियों ने कारोबारी के घर के बाहर फायरिंग भी करवाई। कारोबारी योगेश कुमार की इंडस्ट्रियल एरिया में कंपनी है। उन्होंने अपनी कंपनी की डायरेक्टर ममता रानी, उनके पति अंकुश बस्सी और कैलिफोर्निया (अमेरिका) में रहने वाले रिश्तेदार मोहन मोए पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। कंपनी की इंटरनेशनल डीलिंग मोहन मोए संभालते थे। आरोप है कि इन तीनों ने मिलीभगत कर ग्राहकों से मिले 1,34,022 अमेरिकी डॉलर (करीब 1.27 करोड़ रुपए) कंपनी के भारतीय खाते में जमा नहीं करवाए और रकम डकार ली। योगेश कुमार के अनुसार जब उन्होंने पैसों के लिए दबाव बनाया तो उन्हें विदेशी नंबरों से जान से मारने की धमकियां मिलने लगीं। (पढ़ें पूरी खबर) जालंधर में BSF हेडक्वार्टर ब्लास्ट का मुख्य आरोपी पकड़ा जालंधर BSF हेडक्वार्टर के सामने 5 मई की रात हुए IED ब्लास्ट केस में पुलिस ने मुख्यारोपी को हिरासत में लिया है। आरोपी यूपी का रहने वाला बताया जा रहा है, हालांकि पुलिस ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है। इस मामले में अभी तक 17 के करीब आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। बताया जा रहा है कि ब्लास्ट के पीछे पाकिस्तान डॉन शहजाद भट्टी का हाथ है। इस मामले के तार ISI से जुड़े हैं। खुद डीजीपी पंजाब गौरव यादव भी पाकिस्तान का हाथ बता चुके हैं। सूत्रों के अनुसार आईएसआई के इशारे पर आतंकी साजिश का प्लान था। वहीं ब्लास्ट मामले में पंजाब में बड़ा ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बुधवार देर रात तक जालंधर पुलिस की कई टीमों ने नकोदर, कपूरथला, नवांशहर, अमृतसर, तरनतारन और होशियारपुर एरिया में सर्च ऑपरेशन चलाए। इस दौरान पुलिस ने संदिग्धों से पूछताछ भी की है। (पढ़ें पूरी खबर) अमृतसर के कॉलेज में छात्र गुट भिड़े, 6 से अधिक छात्र घायल अमृतसर के खालसा कॉलेज में देर रात एक विवाद ने अचानक हिंसक झड़प का रूप ले लिया। इस दौरान पूरे परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। यह घटना कॉलेज के ही कुछ छात्रों के दो गुटों के बीच हुई, जो किसी पुरानी कहासुनी या आपसी रंजिश के चलते बढ़ी बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, कॉलेज परिसर में कुछ छात्रों के बीच पहले हल्की बहस शुरू हुई। थोड़ी ही देर में बहस बढ़कर झगड़े और फिर हिंसक झड़प में बदल गई। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच मारपीट शुरू हो गई और स्थिति बेकाबू हो गई। 6 से अधिक छात्र घायल हो गए। (पढ़ें पूरी खबर) लुधियाना में फर्जी CIA बनकर रेहड़ी वाले का अपहरण, मारपीट की लुधियाना में चाय और सिगरेट की रेहड़ी लगाने वाले एक व्यक्ति के अपहरण का मामला सामने आया है। फर्जी सीआईए स्टाफ के सदस्य बनकर बदमाशों ने व्यक्ति को कार की डिग्गी में लाद लिया और ले गए। थाना सराभा नगर की पुलिस ने इस केस में ढाई महीने की जांच की। अब अज्ञात 7-8 आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता मोहम्मद शाबर खान निवासी सेक्टर टाउन, बसंत सिटी के नजदीक, पक्कोवाल रोड ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उसका मामा ताजुद्दीन पुत्र निजामुद्दीन क्वालिटी चौक, रांची कॉलोनी इलाके में पान-सिगरेट और चाय की रेहड़ी लगाता है। (पढ़ें पूरी खबर)
मलेशिया में फंसा पंजाबी युवक जालंधर पहुंचा,10 दिन डिटेंशन सेंटर रहा मलेशिया में फंसा जालंधर का रहने वाला युवक 16 दिन बाद पंजाब लौट आया है। राज्यसभा सांसद और संत बलवीर सिंह सीचेवाल के प्रयासों से युवक को पंजाब लाया गया। आकाश ने बताया कि वह 13 साल से न्यूजीलैंड में रह रहा था। पिता की गंभीर बीमारी की खबर सुनकर उसने जल्दबाजी में भारत लौटने का फैसला लिया। लेकिन पासपोर्ट एक्सपायर हो चुका था और वीजा संबंधी समस्याओं के कारण वह उसे रिन्यू नहीं करा पाया, इसलिए न्यूजीलैंड इमिग्रेशन से ट्रैवल डॉक्यूमेंट लेकर 23 अप्रैल को भारत के लिए रवाना हुआ। जब 24 अप्रैल को दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा तो इमिग्रेशन अधिकारियों ने उनके पास मौजूद ट्रैवल डॉक्यूमेंट को अमान्य करार देते हुए प्रवेश देने से इनकार कर दिया। इमिग्रेशन विभाग का तर्क था कि आकाश ने विदेश में राजनीतिक शरण का केस लिया था, जिसके कारण वापसी में तकनीकी बाधाएं हैं। उन्हें उसी एयरलाइन (मलेशिया एयरलाइंस) से वापस भेज दिया गया। (पढ़ें पूरी खबर)