कैमूर-सिर कटी 4 लाशों की मर्डर मिस्ट्री, आरोपी भाई गिरफ्तार:पति-पत्नी और 2 बच्चों को जिंदा काटा, आंगनबाड़ी की ड्रेस से खुला हत्या का राज

कैमूर में 6 दिन पहले 4 सिर कटी लाशें मिली थी। युवक और बच्चे की बंद सूटकेस में नदी में उपलाते शव मिला था। जबकि महिला और उसकी बेटी का बोरे में बंद शव मिला था। इन चारों की पहचान शनिवार को कर ली गई है। ये सभी एक ही परिवार के बताए जा रहे हैं। शनिवार की शाम SIT टीम और जिला पुलिस ने स्कूल ड्रेस के स्टीकर से इस मर्डर मिस्ट्री को सुलझा लिया है। इस मामले में एक आरोपी को भी पुलिस ने अरेस्ट कर लिया है। आरोपी मृतक परिवार का रिश्तेदार (मृतक युवक का भाई) बताया जा रहा है। मृतक की पहचान कृष्ण मुरारी, उसकी पत्नी और बेटा-बेटी के रूप में हुई है। वहीं, आरोपी विकास गुप्ता की निशानदेही पर अभी तक 2 सिर बरामद किए गए हैं। अन्य 2 सिर की तलाश जारी है। मामला रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव की है। कब से मिल रहा था शव? किस हालात में मिले चारों शव? पुलिस आरोपी तक कैसे पहुंची? घटना को क्यों दिया गया अंजाम? इन सारे सवालों का जवाब जानने के लिए पूरी खबर पढ़िए… पहले जानिए कैसे आरोपी तक पहुंची पुलिस 10 मई से इस पूरे खौफनाक घटनाक्रम की शुरुआत हुई थी। सबसे पहले रामगढ़ और मोहनिया थाना क्षेत्र के बॉर्डर पर दुर्गावती नदी के पुल के पास ग्रामीणों ने दो सूटकेस उपलाते देखे थे। जब सूटकेस खोला गया, तो उसके अंदर से एक युवक और एक बच्चे की लाशें टुकड़ों में कटी हुई मिली थीं। दोनों के सिर गायब थे। पुलिस अभी सूटकेस की लाशों की शिनाख्त में जुटी ही थी कि दो दिन बाद 12 मई को रामगढ़ थाना क्षेत्र के अभैदे गांव के पास कर्मनाशा नगर किनारे बोरियों में फिर से लाशों के टुकड़े मिले। इसमें भी दो शव थे और दोनों के सिर धड़ से अलग थे। लगातार एक के बाद एक चार शव मिलने से पूरे पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ था। शव बुरी तरह से काटे गए थे। इस कारण उनकी पहचान करना भी मुश्किल हो रहा था। आंगनबाड़ी ड्रेस बनी ‘मास्टर की’ जांच के दौरान पुलिस को एक बच्चे के शव के पास से आंगनबाड़ी की ड्रेस बरामद हुई। इस ड्रेस पर रामगढ़ सिलाई दुकान का टैग लगा था। पुलिस ने तुरंत रामगढ़ इलाके के आंगनबाड़ी केंद्रों की जांच शुरू कर दी। जांच में पता चला कि एक बच्चा कई दिनों से आंगनबाड़ी केंद्र नहीं आ रहा था। इसी जानकारी ने पुलिस को इस ब्लाइंड मर्डर केस की गुत्थी सुलझाने के लिए एक दिशा दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार यही सुराग इस पूरे हत्याकांड की मेन लीड साबित हुई। डहरक गांव पहुंची पुलिस आंगनबाड़ी से मिले सुराग के बाद पुलिस की टीम रामगढ़ थाना क्षेत्र के डहरक गांव पहुंची। यहां पता चला कि गांव निवासी कृष्ण मुरारी का पूरा परिवार पिछले पांच से छह दिनों से रहस्यमय तरीके से लापता है। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घर पर बाहर से ताला लगा हुआ है। परिवार के सभी सदस्यों के मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हैं। इसके बाद पुलिस का शक और गहरा गया। संदिग्ध मानकर मकान किया गया सील एसपी हरि मोहन शुक्ला ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरे परिवार को संदिग्ध मानते हुए मकान को तत्काल सील करवा दिया। फिलहाल घर के बाहर पुलिस और चौकीदारों की निगरानी लगाई गई है। पुलिस टीम घर के अंदर और आसपास के इलाके में साक्ष्य जुटाने में लगी हुई है। सूत्रों के अनुसार घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों के निशान भी मिले हैं, जिसकी फॉरेंसिक जांच कराई जा रही है। वहीं, इन सब के आधार पर पुलिस ने लापता लोगों के घर से कुछ ही दूर पर रह रहे मृतक कृष्ण मुरारी के भाई को अरेस्ट किया। उससे पूछताछ की जा रही है। उसकी निशानदेही पर अभी तक दंपती का सिर मिला है। वहीं, दोनों बच्चों के सिर की तलाश पुलिस आरोपी के साथ कर रही है। गोताखोरों की मदद से नदी में सिर की तलाश रविवार सुबह तक जारी है। दो सिर और हथियार बरामद पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथियार भी बरामद कर लिया है। इस संबंध में मोहनिया डीएसपी प्रदीप कुमार ने बताया कि एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। दो सिर भी पुलिस ने बरामद किए हैं। पुलिस अभी भी जांच कर रही है। हत्या में शामिल अन्य की गिरफ्तारी के लिए प्रयास जारी है। रामगढ़ थाना प्रभारी हरिप्रसाद शर्मा ने बताया कि हत्या में इस्तेमाल हथियार बरामद कर लिया गया है। हत्या की वजह क्या है, कितने लोग इस घटना को अंजाम देने में संलिप्त हैं, सभी बिंदुओं पर पुलिस जांच कर रही है। हत्या में शामिल अन्य को भी गिरफ्तारी जल्द कर लिया जाएगा। भाइयों में जमीन को लेकर चल रहा था विवाद बता दें कि कृष्ण मुरारी फास्ट फूड का ठेला लगाकर अपने परिवार वालों को पाल रहा था। दोनों बच्चों को आंगनबाड़ी में पढ़ाता था। वहीं, मृतक का भाई महाराष्ट्र में एक निजी कंपनी में काम करता था। बताया जा रहा है कि आरोपी 4 दिन पहले ही अपने गांव लौटा था। दोनों भाइयों के बीच जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। अब जानिए पुलिस के पंचनामे में क्या है अब जानिए 10 मई को किस हालत में मिली दो लाश 10 मई को कैमूर की दुर्गावती नदी के किनारे टुकड़ों में दो शव मिले थे। दोनों शव लावारिस बैग में क्षत-विक्षत हालत में बरामद किए गए। एक बैग खाली था, जबकि दूसरे में कटे हुए हाथ-पैर थे। आशंका है कि पुल से दोनों बैग को नीचे फेंका गया, जिससे एक बैग में भरे गए शव के टुकड़े नीचे गिर गए। ये लाश एक बच्चे और एक युवक की थी। दोनों शव करीब 18 टुकड़ों में काटे गए हैं, जबकि दोनों सिर गायब रहे। युवक का धड़ पानी में मिला, बैग में हाथ-पैर दुर्गावती नदी के किनारे 10 मई की सुबह करीब 9 बजे स्थानीय लोगों ने शव के टुकड़े देखे। दोनों शव क्षत-विक्षत हालत में मिले है। युवक के शरीर का एक हिस्सा नदी में उपलाता दिखा। युवक का धड़ मिला, लेकिन उसके हाथ-पैर नहीं है। सिर भी गायब है। वहीं एक और टुकड़ा नदी किनारे उपलाता दिखा, जो बच्चे का हो सकता है। बोरी में शव भरकर बैग में पैक किया गया दोनों शवों को बोरियों में भरकर दो अलग-अलग बैग में पैक कर फेंका गया है। आंशका जताई जा रही है कि चौरसिया पुल से दोनों बैग नीचे फेंके गए। जिससे बच्चे के शव वाला बैग पूरी तरह से खुल गया और टुकड़े बिखर गए। जबकि दूसरे बैग से युवक का धड़ निकल कर बाहर गिर गया। बाकी टुकड़े बैग में मिले हैं। दोनों शव ब्लू कलर के बैग में पैक थे। हत्या कर के बॉडी यहां डंप हो रही रविवार को दुर्गावती नदी में बोरे में पुरुष और बच्चे की सिर कटी लाश मिली थी। मंगलवार रात को दुर्गावती नदी से 5 KM दूर महिला और बच्ची की सिर कटी लाशें मिली हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कोई है जो हत्या करने के बाद बॉडी को यहां डंप कर रहा है। 10 मई को दुर्गावती नदी पर मौजूद एमएलसी प्रतिनिधि कृष्ण कुमार जायसवाल ने इसे दुखद घटना बताया। उन्होंने आशंका जताई कि अपराधियों ने हत्या कहीं और की है और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शवों को सूटकेस में भरकर यहां फेंका है। घटनास्थल की कुछ और तस्वीरें….

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