यमुनानगर में करंट लगने से इकलौते बेटे की मौत:खेत में घास काटने गया, अचानक गिरा बिजली का खंभा, बिजली निगम पर लापरवाही का आरोप

यमुनानगर में करंट लगने से एक युवक की मौत हो गई। युवक खेत में घास काटने गया था। इसी दौरान खेत में लगा बिजली का खंभा अचानक गिर पड़ा, जिसकी चपेट में आने से वह बुरी तरह झुलस गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान 22 वर्षीय इरफान पुत्र गफूर निवासी गांव सरांवा, थाना सढौरा क्षेत्र के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि इरफान अपने परिवार का इकलौता बेटा था। उसकी दो बहनें हैं। इरफान ने बारहवीं तक पढ़ाई की थी। इसके बाद घर पर रहकर परिवार का हाथ बंटाता था। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। सूचना मिलते ही सढौरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल जगाधरी की मोर्चरी में भिजवाया। घर न लौटने पर पिता ढूंढते हुए खेत पहुंचे मृतक के चचेरे भाई कादिर ने बताया कि, रविवार की सुबह करीब 11 बजे इरफान घर से करीब आधा किलोमीटर दूर खेत में घास लेने के लिए साइकिल पर गया था। उसने खेत के बाहर साइकिल खड़ी की और अंदर जाकर घास काटने लगा। इसी दौरान खेत में लगा बिजली का खंभा अचानक नीचे गिर गया। खंभा गिरते ही बिजली की तारें इरफान के ऊपर आ गिरीं, जिससे वह करंट की चपेट में आ गया। काफी देर तक जब इरफान घर वापस नहीं लौटा तो उसके पिता गफूर उसे तलाशते हुए खेत में पहुंचे। वहां खेत के बाहर इरफान की साइकिल खड़ी मिली। उन्होंने उसे कई बार आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद जब वह खेत के अंदर पहुंचे तो देखा कि बिजली की तारें जमीन पर पड़ी थीं और इरफान करंट से झुलसी हालत में पड़ा हुआ था। परिजनों ने बिजली निगम को ठहराया जिम्मेदार इसके बाद परिजनों ने तुरंत ग्रामीणों को सूचना दी। उसी दौरान बिजली सप्लाई बंद हो चुकी थी, जिसके बाद ग्रामीणों की मदद से शव को खेत से बाहर निकाला। घटना की सूचना डायल 112 और बिजली निगम को भी दी गई। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और मामले की जांच शुरू कर दी है। परिजनों ने इस हादसे के लिए बिजली निगम की लापरवाही को जिम्मेदार ठहराया है। चचेरे भाई कादिर का आरोप है कि खेत में लगाया गया बिजली का खंभा जमीन में केवल दो से तीन फुट तक ही गाड़ा गया था, जिसके कारण वह अचानक गिर पड़ा। उनका कहना है कि यदि खंभा सही तरीके से लगाया गया होता तो इरफान की जान बच सकती थी।

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