हरियाणा के कुरुक्षेत्र में मंगलवार शाम करनाल STF और दो शूटरों के बीच मुठभेड़ हुई। जीटी रोड पर शाहाबाद के रतनगढ़ गांव के पास दोनों ओर से करीब 20 राउंड फायरिंग हुई। इस कार्रवाई में दोनों बदमाशों के पैरों में गोलियां लगीं। दोनों से दो विदेशी पिस्टल बरामद हुई। दोनों को पहले शाहाबाद के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें बेहतर इलाज के लिए कुरुक्षेत्र के LNJP अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों अमृतसर के रहने वाले हैं। इनकी पहचान खजाना गेट निवासी कशिश और श्रीपुरा निवासी हर्ष के रूप में हुई है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि दोनों बदमाश भाऊ गैंग से जुड़े हुए हैं। ये रोहतक जाने के लिए व्हीकल का इंतजार कर रहे थे। वहीं इन्होंने किसी वारदात को अंजाम देना था। STF इंचार्ज बोले- मूवमेंट की सूचना थी STF करनाल यूनिट के इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि टीम को बदमाशों की मूवमेंट की पहले से सूचना मिली हुई थी। इनपुट मिला था कि भाऊ गैंग के दो शूटर हथियारों के साथ जीटी रोड पर रतनगढ़ गांव के पास मौजूद हैं। दोनों पंजाब से किसी वारदात को अंजाम देने की नीयत से आए थे। SI की बुलेट प्रूफ जैकेट पर गोली लगी सूचना मिलते ही STF टीम मौके पर पहुंची। टीम को देखते ही बदमाशों ने फायरिंग शुरू कर दी। इस दौरान टीम में शामिल SI प्रवीण कुमार को गोली लगी। हालांकि उन्होंने बुलेटप्रूफ जैकेट पहन रखी थी, जिससे उनकी जान बच गई। इसके बाद STF ने भी जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से करीब 20 राउंड फायरिंग हुई। दो विदेशी पिस्टल बरामद इंचार्ज दीपेंद्र राणा ने बताया कि इसमें दोनों बदमाशों की टांगों में गोलियां मारी गईं। गोलियां लगने के बाद दोनों गिर पड़े और टीम ने उनको काबू कर लिया। उन दोनों के कब्जे से एक-एक विदेशी पिस्टल बरामद हुई है। दोनों रोहतक जाने के लिए किसी व्हीकल के इंतजार में खड़े थे। इन्होंने रोहतक में वारदात करनी थी। STF दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी है। भाऊ गैंग के बारे में जानिए… रोहतक का हिमांशु गैंग चला रहा रोहतक के रिटौली गांव निवासी हिमांशु भाऊ 2019 तक एक सामान्य छात्र था। पढ़ाई के दौरान उसने फायरिंग की वारदात को अंजाम दिया, जिसके बाद उस पर हत्या का केस दर्ज हुआ। उस समय वह नाबालिग था। पुलिस ने उसे हिसार के सुधार गृह भेजा, लेकिन वहां से वह फरार हो गया। इसके बाद उसके खिलाफ रोहतक, झज्जर और दिल्ली में लगातार केस दर्ज होते गए और वह गैंगस्टर बन गया। 2022 में फर्जी पासपोर्ट से विदेश भागा हिमांशु भाऊ और उसके गैंग पर हत्या, लूट, धोखाधड़ी और फिरौती समेत 18 से ज्यादा केस दर्ज हैं। उसके खिलाफ रोहतक में 10, झज्जर में 7 और दिल्ली में एक मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार, वह नीरज बवाना और नवीन बाली गैंग से जुड़ा हुआ है। हिमांशु 2022 में फर्जी पासपोर्ट के जरिए भारत से फरार हो गया था। पहले वह पुर्तगाल पहुंचा और अब अमेरिका में बैठकर गैंग ऑपरेट कर रहा है। रेड कॉर्नर नोटिस जारी हो चुका 2023 में उसके खिलाफ इंटरपोल ने रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। हरियाणा पुलिस ने उस पर डेढ़ लाख और दिल्ली पुलिस ने एक लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा है। पुलिस का दावा है कि वह विदेश में बैठकर हरियाणा और दिल्ली-एनसीआर में कारोबारियों से रंगदारी वसूल रहा है।