TRE-4 को लेकर प्रदर्शन-पटना कॉलेज के गेट बंद किए गए:सड़कों पर वाटर कैनन और भारी फोर्स की तैनाती; हिरासत में छात्र नेता खुशबू पाठक

BPSC TRE-4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर आज फिर पटना में कैंडिडेट्स का प्रदर्शन है। महिलाएं बेलन-थाली लेकर सड़कों पर उतरेंगी। इसके पहले पुलिस ने छात्र नेता खुशबू पाठक को हिरासत में ले लिया है। पुलिस ने पटना कॉलेज के गेट को बंद कर दिया गया है। भारी संख्या में यहां फोर्स तैनात है। जो भी छात्र आंदोलन को लेकर पहुंच रहे हैं, उन्हें पुलिस थाने ले जा रही है। वाटर कैनन की गाड़ी भी बुलाई गई है। इससे पहले मंगलवार को प्रशासन ने पटना के कई शिक्षकों और कोचिंग संचालकों के साथ अहम बैठक की। बैठक में ASP, SDM सहित कई अधिकारी मौजूद रहे। कोचिंग संचालकों को प्रदर्शन से दूर रहने को कहा गया है। प्रदर्शन की शुरुआत सुबह 11 बजे पटना कॉलेज से होगी, जहां से अभ्यर्थी मार्च करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) कार्यालय तक जाएंगे। प्रदर्शन को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है। एक दिन पहले यानी 19 मई को पुलिस को सूचना मिली थी कि यह आंदोलन बड़ा रूप ले सकता है। शिक्षकों को दी गई सख्त चेतावनी मंगलवार को बैठक के दौरान प्रशासन ने शिक्षकों को कानून-व्यवस्था बनाए रखने की सख्त चेतावनी दी। अधिकारियों ने साफ कहा कि अगर छात्रों की ओर से किसी भी प्रकार की हिंसात्मक गतिविधि होती है और उसमें किसी शिक्षक की भूमिका सामने आती है, तो संबंधित शिक्षकों को इसका खामियाजा भुगतना पड़ेगा। शिक्षक गुरु रहमान ने बैठक के बाद कहा, ‘कानून-व्यवस्था बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। शिक्षक ऐसा कोई काम नहीं करेंगे, जिससे माहौल खराब हो।’ नोटिफिकेशन नहीं आने से अभ्यर्थियों में नाराजगी गुरु रहमान ने कहा कि इससे पहले पूर्व शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने जल्द नोटिफिकेशन जारी करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई घोषणा नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि BPSC के एग्जामिनेशन कंट्रोलर की ओर से भी जल्द नोटिफिकेशन जारी होने की बात कही गई थी, लेकिन अभी तक अभ्यर्थियों को कोई आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। इसी वजह से छात्रों में नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। 8 मई को प्रदर्शन के दौरान हुआ था लाठीचार्ज इससे पहले 8 मई को भी TRE-4 अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से मार्च निकालकर जेपी गोलंबर तक प्रदर्शन किया था। इसी दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज कर दिया था। अभ्यर्थियों का आरोप था कि पुलिस ने उन्हें सड़कों पर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस दौरान कई छात्रों के सिर फट गए थे। महिला अभ्यर्थियों के साथ भी बदसलूकी के आरोप लगे थे। कैंडिडेट्स ने कहा था, “हम आने वाले भविष्य के शिक्षक हैं, लेकिन पुलिस हमें गुंडों की तरह पीट रही है।” लाठीचार्ज के बाद सड़क पर अभ्यर्थियों की चप्पलें बिखरी नजर आई थीं। कई छात्रों के कपड़े खून से सने हुए थे। विरोध में कुछ अभ्यर्थियों ने आधे कपड़े उतारकर सड़क पर बैठकर नारेबाजी भी की थी।
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