नेशनल आर्चरी कोच को हरियाणा कोर्ट से सजा:पॉक्सो एक्ट में 5 साल की कैद, होटल में प्लेयर का सेक्सुअल हरासमेंट किया था

हरियाणा के सोनीपत की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट ने नाबालिग आर्चरी प्लेयर से छेड़छाड़ और यौन उत्पीड़न मामले में आरोपी नेशनल आर्चरी कोच को 5 साल की सजा सुनाई। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश नरेंद्र की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद कोच को पॉक्सो एक्ट के तहत कुलदीप कुमार वेदवान को 10 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। यह मामला अगस्त 2023 में मुरथल थाना क्षेत्र में दर्ज हुआ था, जिसमें राष्ट्रीय स्तर की आर्चरी प्लेयर ने अपने कोच पर आरोप लगाए थे। जिसके बाद कोच को जेल भेज दिया गया था। फास्ट ट्रैक कोर्ट में चली सुनवाई यह मामला सोनीपत की फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट में चला। स्पेशल प्रॉसिक्यूटर विजेंद्र सिंह खत्री ने बताया कि अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें और साक्ष्यों पर सुनवाई के बाद 15 मई को दोषी करार दिया था, जबकि आज 20 मई 2026 को सजा सुनाई। यौन उत्पीड़न की धारा में भी मिली सजा कोर्ट ने आरोपी को धारा 354A के तहत भी दोषी करार दिया। इस धारा में आरोपी को तीन वर्ष की कठोर कैद और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को एक महीने की अतिरिक्त साधारण कैद काटनी होगी। 5 पॉइंट में पढ़िए मामला क्या था… अपने कमरे में रुकने को दबाव बनाता था कोच प्लेयर ने अपनी शिकायत में बताया था कि बाद में दूसरे होटल में ठहरने के दौरान भी आरोपी लगातार उस पर अपने कमरे में रुकने का दबाव बनाता रहा। उसने कथित तौर पर प्लेयर से कहा कि यदि वह उसके साथ सहज रहेगी तो वह उसे “बड़ा प्लेयर” बना देगा। पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया कि कोच होटल के फोन से बार-बार कॉल करता था और देर रात तक उसके कमरे का दरवाजा खटखटाता था। एशिया कप के लिए चयन के बाद परिवार को बताई पूरी घटना पीड़िता का ट्रायल के बाद एशिया कप सिंगापुर के लिए चयन हो गया था। इसके बाद उसने अपने पिता को फोन कर सोनीपत बुलाया और उनके साथ घर लौट गई। कुछ समय बाद उसने अपनी मां को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। परिवार ने बाद में इस मामले की शिकायत श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड से की, जहां एक जांच कमेटी बनाई गई। कमेटी के सामने बयान दर्ज कराने के बाद पीड़िता को सोनीपत में केस दर्ज कराने की सलाह दी गई। इसके बाद 18 अगस्त 2023 को वह अपने पिता के साथ मुरथल थाना पहुंची, जहां आरोपी कोच कुलदीप के खिलाफ केस दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की जांच महिला जांच अधिकारी को सौंप दी है और स्पेशल रिपोर्ट उच्च अधिकारियों व संबंधित मजिस्ट्रेट को भेज दी गई है। कौन है कोच कुलदीप वेदवान… भारत में पैरा आर्चरी को नई पहचान दिलाने वाले कोच कुलदीप वेदवान देश के प्रमुख आर्चरी कोचों में गिने जाते हैं। उनकी कोचिंग में तैयार खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीते हैं। कुलदीप वेदवान स्पोर्ट्स फाउंडेशन के माध्यम से वह लगातार नए खिलाड़ियों को प्रशिक्षण दे रहे हैं। गांव से शुरू हुआ आर्चरी का सफर उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के धनौरा टिकरी गांव के रहने वाले कुलदीप वेदवान ने बचपन से ही आर्चरी में रुचि दिखाई। बाद में उन्होंने भारतीय सेना जॉइन की, लेकिन खेल के प्रति जुनून के चलते उन्होंने कोचिंग के क्षेत्र में आने का फैसला लिया। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खेल चुके कुलदीप वेदवान ने वर्ष 2009 में बागपत में वेदवान आर्चरी अकादमी की स्थापना की। इस अकादमी में ग्रामीण और युवा खिलाड़ियों को आर्चरी का प्रशिक्षण दिया जाने लगा। 2010 से 2013 के बीच देशभर में बढ़ाया नेटवर्क वेदवान आर्चरी अकादमी की सफलता के बाद वर्ष 2010 से 2013 के बीच गाजियाबाद में गुरुकुल द स्कूल आर्चरी अकादमी, कानपुर देहात आर्चरी अकादमी और पुडुचेरी में अशोका आर्चरी अकादमी शुरू की गईं। 2012 में सेना की नौकरी छोड़ फुल टाइम कोच बने वर्ष 2012 में कुलदीप वेदवान ने भारतीय सेना की नौकरी छोड़ दी और पूरी तरह आर्चरी कोचिंग को अपना करियर बना लिया। इसके बाद उन्होंने कई युवा खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना शुरू किया।
करीब 300 खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देने के बाद वर्ष 2017 में उन्होंने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स ज्वाइन किया। यहां उन्होंने पैरा आर्चरी खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देना शुरू किया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *