’13 साल की शादी, 2 साल के प्यार में छोड़ा’:BPSC टीचर का हंगामा वाला वीडियो, बेटा बोला- मम्मी बुरी है, उनके साथ नहीं जाऊंगा

फटे कपड़े पहने। 24-24 घंटे तक फोटोग्राफी की, ताकि पैसे कमाकर अपनी पत्नी को अच्छे से पढ़ा सकूं। उसे सरकारी नौकरी दिलवा सकूं। उसके ऐशोआराम और फैशन में कोई कमी नहीं रखी, लेकिन BPSC शिक्षिका बनते ही उसने मुझे छोड़ दिया। अपने 2 साल के बॉयफ्रेंड के लिए 13 साल की शादी बर्बाद करने के लिए तैयार हो गई। अगर मैं उसके प्यार में ज्यादा बाधा बनता तो शायद वो मेरी हत्या कर नीले ड्रम में पैक कर सकती थी। ये कहना है BPSC शिक्षिका गुंजन कुमारी (40) से प्रताड़ित पति अमन कुमार (46) की, जिसने अपनी पत्नी को उसके प्रेमी प्रकाश के साथ एक कमरे में रंगे हाथों पकड़ लिया था। मामला 25 मई का बताया जा रहा है। इसको लेकर अमन-गुंजन के बीच मोहल्ले के लोगों के सामने हंगामा भी हुआ। इसका वीडियो अब सामने आया है। घटना के बाद मौके पर पुलिस पहुंची और दोनों को थाने लेकर गई। इसके बाद पति ने गुंजन के खिलाफ धोखाधड़ी का केस दर्ज करवाया है। इस मामले को लेकर दैनिक भास्कर की टीम ने पीड़ित अमन से बातचीत की। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… खबर से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब सिलसिलेवार तरीके से पढ़िए पूरी खबर… साल 2013 में हुई थी शादी पीड़ित अमन ने बताया, मैं बिदुपुर थाना क्षेत्र के माइल पंचायत वार्ड संख्या-13 में रहता हूं। साल 2013 में हाजीपुर नगर थाना क्षेत्र के लोदीपुर गांव निवासी देवेंद्र सिंह की बेटी गुंजन कुमारी से मेरी शादी हुई थी। शादी के 2 साल बाद हमें एक बेटा हुआ। अभी उसकी उम्र 10 साल है। शादी के एक साल पहले ही गुंजन ने फर्स्ट डिवीजन से इंटरमीडिएट पास की। उसे पढ़ाई में इंट्रेस्ट होने की वजह से मैंने शादी के बाद भी पढ़ाया। उसे ग्रेजुएशन करवाया, फिर B.ed करवाया। परिवार की आर्थिक स्थिति बहुत मजबूत नहीं थी, लेकिन मैंने दिन-रात फोटोग्राफी कर पत्नी को दिक्कत नहीं होने दी। अमन ने आगे बताया, साल 2013 में मेरी मां और 2018 में पिता का निधन हो गया। इसके बावजूद मैंने पत्नी की पढ़ाई नहीं रुकने दी। उसके पढ़ाई का खर्च उठाने के लिए साल 2022 में अपनी पैतृक संपत्ति में हिस्से की डेढ़ कट्ठा जमीन तक बेच दी। मुझे लगा कि ये कुछ अच्छा हासिल कर लेगी तो बच्चे की जिंदगी सुधर जाएगी। साल 2023 तक हम दोनों की लव लाइफ अच्छी थी। वो पढ़ाई करती, मुझे भी समय देती और बच्चे को भी प्यार करती थी। BPSC शिक्षिका बनने के बाद बदला व्यवहार अमन कुमार के अनुसार, BPSC TRE-1 में पत्नी का सिलेकशन नहीं हुआ था, लेकिन हम दोनों ने हिम्मत नहीं हारी और तैयारी जारी रखी। बाद में 2023 के दिसंबर में TRE-2 में उसका सिलेक्शन हो गया। 6 से 8वीं कक्षा की शिक्षिका के रूप में वो सिलेक्ट हो गई। इसके बाद 2024 में वो ट्रेनिंग के लिए चली गई। इस दौरान ट्रेनिंग के लिए गुंजन को सुपौल के त्रिवेणीगंज भेजा गया था। एक महीने तक चली ट्रेनिंग के बाद उसका सुपौल के एक स्कूल UMS मध्य विद्यालय हिंदीगढ़ी में पोस्टिंग हो गया। वहां गुंजन की मुलाकात उसके पुराने दोस्त प्रकाश से हो गई। जिस स्कूल में पत्नी पढ़ाती थी, उसी स्कूल में प्रकाश प्रिंसिपल था। ये दोनों ग्रेजुएशन में साथ में पढ़े थे। 2024 से शुरू हुआ था अफेयर अमन ने आगे बताया, 2024 में मैंने गुंजन को सिमराही बाजार स्थित किराए पर 2BHK रूम लेकर दिया, जो उसके स्कूल से सिर्फ 5 KM दूर था। वहां पर उसे फ्रीज, एसी, वॉशींग मशीन समेत सारी सुविधा वाली चीजें खरीद कर दी। इस दौरान बेटे उसके पास रहा। मेरा वैशाली में ही काम था, इसकी वजह से मैं यहीं पर रह रहा था। 2024 के जून से प्रकाश-गुंजन के बीच अफेयर शुरू हो गया। दोनों एक साथ स्कूल आने जाने लगे। इस बीच प्रकाश गुंजन के रूम पर भी आने जाने लगा। मेरी पत्नी ने बेटे को सीखा दिया था कि अगर कोई पूछे कि ये अंकल कौन हैं, तो सभी को मामा बताना। बेटे ने पिता को बताई अंकल की कहानी अमन कुमार ने बताया कि एक दिन बेटे ने कहा कि पापा, आपके जाने के बाद एक अंकल घर आते हैं। जब मैंने इसको लेकर पत्नी से पूछताछ की तो उसने दोस्त कहकर बात टाल दिया। इसके बाद पता करने पर जानकारी मिली की प्रकाश साथ में ही रहता है। जब मैंने इस संबंध का विरोध किया तो गुंजन ने मेरे साथ रहने से इनकार कर दिया। अमन का दावा है कि पत्नी ने बाद में उनके खिलाफ गलत आरोप लगाकर मामला दर्ज करा दिया था। साथ ही कोर्ट में डायवोर्स के लिए भी अपील की है। गुंजन पिछले एक साल से अलग रह रही है। दार्जिलिंग ट्रिप के बाद बढ़ा विवाद अमन के अनुसार, जनवरी 2025 में मेरी पत्नी ने अपने स्कूल की महिला टीचर्स के साथ दार्जिलिंग घूमने जाने की बात कही और बेटे को घर भेज दिया। बाद में मैंने पत्नी से संपर्क करने की कोशिश की तो फोन रिसीव नहीं हुआ। पूछताछ करने पर मुझे पता चला कि वो फीमेल टीचर्स के साथ दार्जिलिंग गई ही नहीं थीं। इसके बाद मुझे शक हुआ कि गुंजन, प्रकाश के साथ घूमने गई है। वापस आने के बाद पत्नी ने साफ तौर पर मेरे साथ रहने से इनकार कर दिया और अलग रहने लगी। 25 मई को आपत्तिजनक हालत में पकड़ा पीड़ित पति ने बताया कि 25 मई को जानकारी मिली कि उनकी पत्नी हाजीपुर के लिच्छवि नगर स्थित किराए के मकान में अपने कथित प्रेमी के साथ मौजूद है। इसके बाद वहां पहुंचे तो दोनों को आपत्तिजनक स्थिति में देखा। इसके बाद बाहर से दरवाजा बंद कर डायल-112 को सूचना दी। हालांकि, उनका आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले स्थानीय लोग और मकान मालिक पहुंच गए और दरवाजा खुलवा दिया। अमन ने यह भी आरोप लगाया कि इस दौरान उनका मोबाइल फोन छीन लिया गया। उन्होंने कहा कि इस घटना का वीडियो भी उनके पास मौजूद है। बेटा बोला- मम्मी बुरी है, उनके साथ नहीं जाऊंगा बच्चे ने पिता के सामने मां पर गंभीर आरोप लगाए। बच्चे ने कहा कि “मम्मी के पास एक अंकल आते थे। मम्मी कहती थीं कि अगर कोई पूछे तो उन्हें मामा बताना। मम्मी मुझे नीचे भेज देती थीं और खुद ऊपर रहती थीं।” बच्चे ने यह भी कहा कि अब अपनी मां के साथ नहीं रहना चाहता। मां की शिकायत पिता से की तो मां ने कहा कि “तुम मेरे बेटे नहीं हो।” मामला पहुंचा कोर्ट, जांच की मांग पति-पत्नी के बीच का विवाद न्यायालय तक पहुंच चुका है। अमन कुमार का कहना है कि उन्होंने अदालत में अपने दावों से जुड़े सबूत पेश किए हैं। वहीं, दूसरी ओर पत्नी की ओर से अब तक सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले को लेकर इलाके में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। पुलिस का कहना है कि यदि किसी पक्ष की ओर से औपचारिक शिकायत दी जाती है तो कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर कानूनन अपराध है और क्या इसके लिए सजा हो सकती है? 2018 में सुप्रीम कोर्ट ने बदला कानून इस मुद्दे पर देश की सर्वोच्च अदालत ने साल 2018 में ऐतिहासिक फैसला सुनाया था। जोसेफ शाइन बनाम भारत संघ मामले में सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 497 को असंवैधानिक घोषित कर दिया था। धारा 497 के तहत पहले एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर को अपराध माना जाता था। दोषी व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज हो सकता था। हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि यह कानून व्यक्तिगत स्वतंत्रता और समानता के अधिकार के खिलाफ है। फैसले के बाद अब एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर अपराध की श्रेणी में नहीं आता है। यानी सिर्फ अफेयर होने के आधार पर किसी पति या पत्नी को गिरफ्तार नहीं किया जा सकता और न ही जेल भेजा जा सकता है। तलाक का मजबूत आधार माना जाता है हालांकि, एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर पूरी तरह कानूनी रूप से बिना परिणाम वाला मामला नहीं है। भारत के सिविल कानूनों में इसे तलाक का वैध आधार माना गया है। Hindu Marriage Act की धारा 13(1)(i) के अनुसार, यदि पति या पत्नी यह साबित कर दें कि उनके जीवनसाथी का किसी अन्य व्यक्ति के साथ संबंध है, तो वे तलाक के लिए अदालत में याचिका दायर कर सकते हैं। अदालत ऐसे मामलों में सबूत, परिस्थितियां और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर फैसला सुनाती है। हर्जाना और मानसिक क्षति का दावा भी संभव हाल के वर्षों में अदालतों ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि विवाहेतर संबंध के कारण किसी पक्ष को मानसिक, सामाजिक या भावनात्मक नुकसान हुआ है, तो वह अदालत में हर्जाने की मांग भी कर सकता है। दिल्ली हाई कोर्ट ने हालिया टिप्पणियों में कहा कि यदि किसी व्यक्ति को साथी के अफेयर के कारण सामाजिक प्रतिष्ठा या मानसिक शांति को नुकसान पहुंचा है, तो वह आर्थिक मुआवजे की मांग कर सकता है। गुजारा भत्ता पर भी पड़ सकता है असर विवाहेतर संबंध का असर गुजारा भत्ता (Maintenance) के मामलों पर भी पड़ सकता है। यदि पति अदालत में यह साबित कर दे कि पत्नी का एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर था, तो कुछ परिस्थितियों में अदालत पत्नी को गुजारा भत्ता देने से इनकार कर सकती है। इसी तरह, यदि पत्नी यह साबित कर देती है कि पति किसी अन्य महिला के साथ संबंध में था, तो यह भी तलाक और आर्थिक सहायता मांगने का मजबूत आधार बन सकता है। आपराधिक नहीं, लेकिन रिश्तों पर गंभीर असर कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद भले ही विवाहेतर संबंध अपराध नहीं रहा, लेकिन इसका असर वैवाहिक जीवन, बच्चों, परिवार और सामाजिक प्रतिष्ठा पर गंभीर रूप से पड़ सकता है। इसलिए ऐसे मामलों में अदालतें अब आपराधिक सजा की बजाय वैवाहिक अधिकार, तलाक, गुजारा भत्ता और मानसिक क्षति जैसे पहलुओं पर ज्यादा ध्यान देती हैं।

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