AAP से अकाली दल में शामिल पार्षद की दुकान तोड़ी:खन्ना नगर कौंसिल ने की कार्रवाई; EO ने कहा- नक्शा पास नहीं, शिअद बोला- बदले की राजनीति

लुधियाना के खन्ना में आम आदमी पार्टी (AAP) छोड़कर शिरोमणि अकाली दल (SAD) में शामिल हुए पार्षद सर्वदीप सिंह कालीराव की नई दुकानों पर नगर कौंसिल ने कार्रवाई की। 2 अप्रैल को अकाली दल में शामिल हुए कालीराव की बिलां वाली छप्पड़ी इलाके स्थित दुकानों को जेसीबी से ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई भारी पुलिस बल की मौजूदगी में की गई। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए खन्ना पुलिस जिले के तीन डीएसपी, चार एसएचओ सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात थे। नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (EO) ने बताया कि दुकानों का नक्शा पास नहीं कराया गया था। अकाली दल का जोरदार प्रदर्शन, सरकार पर जबरन कार्रवाई का आरोप इस कार्रवाई के विरोध में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। उन्होंने जेसीबी मशीनों को घेरकर नारेबाजी की और पंजाब सरकार पर जबरन कार्रवाई करने का आरोप लगाया प्रदर्शनकारियों ने कार्रवाई रोकने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने उन्हें हटा दिया। इसके बाद नगर कौंसिल की टीम ने कार्रवाई पूरी की और मशीनों से दुकानों को गिरा दिया गया। विधायक सौंद पर बदले की राजनीति का आरोप शिरोमणि अकाली दल के हलका इंचार्ज यादविंदर सिंह यादू ने खन्ना के विधायक और कैबिनेट मंत्री तरुणप्रीत सिंह सौंद पर बदले की राजनीति करने का आरोप लगाया। यादू ने कहा कि जब पार्षद सर्वदीप सिंह कालीराव आम आदमी पार्टी में थे, तब इन दुकानों को अवैध नहीं माना गया। अकाली नेता हनी रोशा ने भी इस कार्रवाई की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि इसका जवाब जरूर दिया जाएगा। बिना नोटिस कार्रवाई, अकाली दल नहीं झुकेगा: यादू उनके अनुसार, कालीराव के अकाली दल में शामिल होने और नगर कौंसिल चुनाव लड़ने की घोषणा के तुरंत बाद यह कार्रवाई की गई। यादू ने यह भी आरोप लगाया कि यह कदम बिना किसी पूर्व नोटिस के उठाया गया है। उन्होंने कहा कि अकाली दल किसी भी दबाव के आगे नहीं झुकेगा और “21 के 51 वापस करेगा।” पार्षद कालीराव- बोले- यहां हुई बैठकों में मंत्री भी आते थे, तब अवैध नहीं थी
नक्शा पास नहीं था, कौंसिल के ध्यान में आया तो कार्रवाई
दूसरी ओर नगर कौंसिल के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) चरणजीत सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई पंजाब म्यूनिसिपल एक्ट 1911 के तहत की गई है। उन्होंने कहा कि संबंधित निर्माण का नक्शा पास नहीं था, और जब यह मामला नगर कौंसिल के ध्यान में आया तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की गई। जब शहर में अन्य अवैध निर्माणों के बारे में सवाल किया गया तो ईओ ने कहा कि सभी के खिलाफ कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी और इसमें किसी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।
10 दिन में ही अवैध हो गई बिल्डिंग, दो अप्रैल को ही शिअद में आए थे शीअद नेताओं का कहना है कि कालीराव बीती दो अप्रैल को आम आम आदमी पार्टी की प्रदेश व जनविरोधी नीतियों से परेशान होकर अकालीदल में शामिल हुए हैं। इसके पहले इसी दुकान में आम आदमी पार्टी की बैठक भी होती थी। यहां विधायक सौंध कई बार आए हैं। जबतक कालीराव आप में थे, यह बिल्डिंग ठीक थी। पार्टी छोड़ने के 10 दिन में अवैध हो गई है। जांच भी हो गई और कार्रवाई भी

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