पंजाब में BJP ने विधानसभा चुनाव से पहले केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रधान बना दिया है। 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले भाजपा ने यह फैसला लिया है। केवल ढिल्लों 4 साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। अब वह पंजाब में भाजपा का सिख चेहरा होंगे। इससे पहले पार्टी ने सुनील जाखड़ को प्रधान बनाया था। हालांकि, वह लोकसभा चुनाव के बाद से ही इस्तीफा दे चुके थे, लेकिन भाजपा ने उसे मंजूर नहीं किया था। केवल ढिल्लों को प्रधान बनाने की पैरवी पंजाब में चुनाव को लेकर कैंपेन कर रहे हरियाणा के CM नायब सैनी भी कर रहे थे। केवल ढिल्लों को पूर्व सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह का करीबी माना जाता है। केवल ढिल्लों बोले- 2027 में पंजाब में कमल खिलेगा केवल सिंह ढिल्लों को जब प्रधान घोषित किया गया, उस समय वह चंडगढ़ में गवर्नर हाउस पहुंचे हुए थे। बीजेपी के कुछ नेता आज केवल सिंह ढिल्लों की अगुआई में इलेक्शन कमीशन से मुलाकात के लिए गए थे। उसी समय बीजेपी की तरफ इस संबंधी आदेश जारी कर दिए गए। इस मौके पर केवल ढिल्लों ने कहा कि उन्हें इस आदेश बारे में जानकारी नहीं है। उन्होंने कहा- 2027 में पंजाब में कमल का फूल खिलेगा, भाजपा की सरकार बनेगी। सारी भारतीय जनता पार्टी इकट्ठी है। मिलकर बातचीत करेंगे। वेस्ट बंगाल के बाद अब पंजाब की बारी है। जब केवल ढिल्लों से पूछा कि CM भगवंत मान कह रहे हैं कि 2027 में बीजेपी एक-दो सीटों पर सिमट जाएगी। इस पर ढिल्लों ने कहा कि वह अपनी बात कर रहे हैं। पंजाब में बीजेपी में अपनी सरकार बना रही है। प्रधान बनने के बाद केवल ढिल्लों क्या-क्या बोले… सवाल: पंजाब भाजपा का प्रधान बनाए जाने की जानकारी आपको कब मिली?
ढिल्लों: मुझे अपनी नियुक्ति को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं थी। मैं सुबह से पार्टी के कामों में व्यस्त था। लाइव इंटरव्यू के दौरान जब नियुक्ति पत्र के बारे में पता चला तो मैंने कहा कि पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी निष्ठा से निभाऊंगा। सवाल: पंजाब की मौजूदा स्थिति को आप कैसे देखते हैं?
ढिल्लों: पंजाब में इस समय गुंडा राज है। मौजूदा सरकार जनता से किए वादे पूरे नहीं कर पाई। पंजाब थका जरूर है, लेकिन टूटा नहीं है। सवाल: पंजाब के विकास को लेकर आपका विजन क्या है?
ढिल्लों: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की जीडीपी 7.8% तक पहुंची है। जबकि, अमेरिका जैसे विकसित देश की 2.8% है। हमारा लक्ष्य पंजाब को विकास के मामले में 19वें स्थान से दोबारा पहले स्थान पर लाना है। सवाल: पंजाब में भाईचारे और सांप्रदायिक माहौल को लेकर क्या कहेंगे?
ढिल्लों: पंजाब गुरुओं, पीरों और पैगंबरों की धरती है। यहां हिंदू-सिखों के बीच हमेशा भाईचारा रहा है। हम इस सामाजिक एकता और सद्भाव को बनाए रखने का पूरा ध्यान रखेंगे। सवाल: 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा का लक्ष्य क्या है?
ढिल्लों: 2027 में पंजाब में कमल खिलेगा और भाजपा की सरकार बनेगी। मुख्यमंत्री का यह बयान गलत साबित होगा कि भाजपा 1-2 सीटों तक सिमट जाएगी। सवाल: क्या भाजपा किसी दल के साथ गठबंधन करेगी?
ढिल्लों: मुझे अभी-अभी नई जिम्मेदारी मिली है। गठबंधन को लेकर पार्टी नेतृत्व और सभी साथियों से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। पंजाब में जट्टसिख चेहरे पर ही दांव क्यों केवल सिंह ढिल्लों पंजाब में जट्टसिख कम्युनिटी से आते हैं। पंजाब के वोटरों के जातीय समीकरण की बात करें तो यहां सबसे बड़ा वोट बैंक दलितों का है, लेकिन चुनाव में इनका वोट बंट जाता है। जट्टसिख वोट बैंक दूसरे नंबर है, लेकिन चुनाव को यही सबसे ज्यादा प्रभावित करते हैं। पंजाब की 117 में से 69 सीटों वाले पंजाब के मालवा क्षेत्र में जट्टसिख कम्युनिटी का ही दबदबा है। केवल ढिल्लों जिस बरनाला जिले से आते हैं, वह भी मालवा में ही आता है। यहीं से नई सरकार तय होती है। 2022 के चुनाव में भी AAP ने मालवा की 69 से 62 सीटें जीतकर लैंडस्लाइड विक्ट्री हासिल की थी। इसके अलावा माझा में भी जट्टसिख कम्युनिटी का दबदबा है। दलित आबादी का ज्यादा प्रभाव दोआबा क्षेत्र में है, जहां 23 विधानसभा सीटे हैं। पंजाब BJP ने यह फैसला क्यों लिया, 4 वजहें सुनील जाखड़ का क्या होगा? सबसे बड़ा मुद्दा यह है कि अब भाजपा में सुनील जाखड़ का क्या होगा? जाखड़ ने पॉलिटिक्स की शुरुआत कांग्रेस से की। वह चुनाव नजदीक आते ही एग्रेसिव पॉलिटिक्स कर रहे थे, लेकिन भाजपा ने अचानक कुर्सी छीन ली। ऐसे में अभी यह स्पष्ट नहीं है कि भाजपा में अब उनकी भूमिका क्या रहेगी? ऐसा संभव है कि चुनाव के साथ भाजपा उन्हें नेशनल लेवल पर पार्टी में कोई अहम पद दे सकती है। हम इस खबर को अपडेट कर रहे हैं…