RJD महिला प्रकोष्ठ की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष रितु जायसवाल ने मंगलवार को बीजेपी का दामन थाम लिया है। बीजेपी दफ्तर में प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावनी ने उन्हें बीजेपी की सदस्यता दिलाई। बीजेपी जॉइन करने के बाद रितु जासवाल ने कहा, ‘कई पुराने वीडियो से मुझे ट्रॉल किया जाएगा, लेकिन मैं निडर हूं। जब मुझे परिहार सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ने का मौका मिला तो लोगों ने कहा बागी है। मैं कभी बागी नहीं हुई। उस वक्त बागी परिहार की जनता हो चुकी थी। उन्हें रितु जायसवाल ही चाहिए थी। मुझे 65 हजार मिले। ये पार्टी राष्ट्र को आगे रखती है। प्रधानमंत्री देश के लिए अच्छे काम कर रहे हैं।’ बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष संजय सरावगी ने कहा, रितु जायसवाल जी का बीजेपी में स्वागत है। अगर हमने अपने दरवाजे खोल दिए तो RJD की चौखट पर नेता नहीं दिखेंगे। 2025 बिहार विधानसभा चुनाव में परिहार सीट से राजद ने उन्हें बेटिकट कर दिया था। इसके बाद रितु जायसवाल ने पार्टी के खिलाफ मोर्चा खोला और निर्दलीय चुनाव भी लड़ी थीं, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। रितु जायसवाल ने 24 मई को अपने एक्स हैंडल से पोस्ट कर बीजेपी जॉइन की जानकारी दी थी। राजनीति सेवा का माध्यम, प्रदर्शन का नहीं अपने पोस्ट में रितु जायसवाल ने लिखा- देश इस समय कई चुनौतियों और संवेदनशील परिस्थितियों से गुजर रहा है। प्रधानमंत्री ने ऊर्जा और ईंधन बचत की अपील है। ऐसे समय में अनावश्यक भीड़, लंबा काफिला और दिखावा उचित नहीं है। राजनीति मेरे लिए सेवा, जिम्मेदारी और विचार का माध्यम है, प्रदर्शन का नहीं। सादगी, संवेदनशीलता और जनहित की भावना के साथ भी समाज और राष्ट्र की सेवा की जा सकती है। राजद की टिकट पर विधायक-सांसद का लड़ चुकी हैं चुनाव बिहार की राजनीति में रितु जायसवाल एक चर्चित चेहरा रही हैं। RJD में उन्होंने लंबे समय तक सक्रिय भूमिका निभाई। पार्टी ने उन्हें महिला प्रकोष्ठ का प्रदेश अध्यक्ष बनाया था। साल 2021 से 2023 तक वह राजद की राष्ट्रीय प्रवक्ता भी रहीं। 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें परिहार सीट से उम्मीदवार बनाया था, हालांकि उन्हें हार का सामना करना पड़ा। शिवहर से लोकसभा चुनाव लड़ा 2024 के लोकसभा चुनाव में राजद ने रितु जायसवाल को शिवहर सीट से मैदान में उतारा था। चुनाव में उन्हें करीब 4.47 लाख वोट मिले थे, लेकिन वह लगभग 29 हजार वोटों से लवली आनंद से हार गई थीं। 2025 के विधानसभा चुनाव में राजद ने परिहार सीट से उनका टिकट काट दिया। पार्टी ने वहां से रामचंद्र पूर्वे की बहू को उम्मीदवार बनाया। इसके बाद रितु जायसवाल निर्दलीय चुनाव मैदान में उतर गईं। चुनाव में उन्होंने करीब 64 हजार वोट हासिल किए, जिसे राजद उम्मीदवार की हार का बड़ा कारण माना गया। बाद में पार्टी ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया। इसके बाद उन्होंने नई पार्टी बनाने तक की बात कही थी।