हरियाणा में भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल पर विवादित बयान दिया। रेखा शर्मा ने कहा कि इस एरिया में भजनलाल और उनके बेटे चंद्रमोहन (कांग्रेस विधायक) की बदमाशी थी। बदमाशी करके इन्होंने इलेक्शन जीते थे। रेखा शर्मा के मुंह से बंसीलाल भी निकला, लेकिन वह रुक गईं। रेखा शर्मा ने शुक्रवार को पंचकूला में भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल के नामांकन से पहले हुई जनसभा में ये बातें कही। उस समय मंच पर मुख्यमंत्री नायब सैनी भी मौजूद थे। इसका वीडियो भी सामने आते ही पूर्व मुख्यमंत्री के बेटे व कांग्रेस विधायक चंद्रमोहन ने रेखा शर्मा को लीगल नोटिस भिजवाया है। इस नोटिस में चंद्रमोहन ने कहा कि बदमाशी से कोई चुनाव जीता होता तो जनता 5 बार न चुनती। इस लीगल नोटिस में रेखा शर्मा को 7 दिनों के भीतर सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए कहा गया है। उधर, रेखा शर्मा के बयान के बाद हिसार में बिश्नोई सभा ने कल, 26 अप्रैल को मीटिंग बुलाई है। चंद्रमोहन की ओर से रेखा शर्मा को भेजा गया लीगल नोटिस… चंद्रमोहन ने लीगल नोटिस में कही ये बातें…. सेक्टर-5 में जनसभा को संबोधित कर रही थीं शुक्रवार को भाजपा के मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल ने नामांकन दर्ज किया। इससे पहले सेक्टर-5 में जनसभा रखी गई थी। यहीं सांसद रेखा शर्मा ने विवादित बयान दिया। उस समय मंच पर मुख्यमंत्री नायब सैनी, नायब सैनी के राजनीतिक सचिव तरुण भंडारी, पूर्व मंत्री कंवरपाल गुर्जर, भाजपा के जिला अध्यक्ष अजय मित्तल, पूर्व स्पीकर ज्ञानचंद गुप्ता, भाजपा नेता बंतो कटारिया समेत अन्य नेता मौजूद थे। बोलीं- बदमाशी करके ये इलेक्शन जीते रेखा शर्मा ने मंच से कहा, “आपसे एक निवेदन है कि आप खुद तो वोट डालें ही, अपने आसपास के लोगों से भी इतने वोट डलवाएं कि पंचकूला में हिस्ट्री बन जाए और श्यामलाल बंसल से ज्यादा वोट किसी को न मिलें। श्यामलाल बंसल ने वो समय भी देखा है, जब यहां पर कांग्रेस की बदमाशी थी। जब यहां बदमाशी थी भजनलाल की और चंद्रमोहन की। पूरी तरह बदमाशी करके ये इलेक्शन जीते थे।” भजनलाल का नाम लेने से पहले रेखा बंसीलाल भी बोल रही थीं, लेकिन वह बीच में ही रुक गईं। दैनिक भास्कर से बातचीत में रेखा शर्मा ने कहा- 1996 में शामलाल बंसल को बदमाशी और धोखे से हराया गया था। बंसीलाल का नाम गलती से निकल गया। चौधरी बंसीलाल तो उस समय भाजपा के साथ चुनाव लड़ रहे थे। 1996 में चंद्रमोहन से हारे थे श्यामलाल कांग्रेस MLA चंद्रमोहन ने साल 1996 में कालका विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था। उनके सामने BJP के श्यामलाल बंसल ही उम्मीदवार थे। पहली बार चुनाव लड़ रहे श्यामलाल बंसल की हार हुई। चंद्रमोहन को 54,929 वोट, जबकि श्यामलाल को 34,300 वोट मिले थे। इसी चुनाव को लेकर रेखा शर्मा ने बदमाशी का जिक्र किया। इसके बाद, साल 2000 और 2005 के चुनाव में श्यामलाल का सामना चंद्रमोहन से हुआ। तब भी श्यामलाल को हार का सामना करना पड़ा था। खट्टर ने पैसे देकर काम करवाने का किस्सा सुनाया था केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने भी भजनलाल का नाम लिए बिना एक किस्सा सुनाया था। वह 10 अप्रैल 2024 को लोकसभा चुनाव के दौरान हिसार में भाजपा उम्मीदवार रणजीत चौटाला के लिए प्रचार करने आए थे। कैमरी गांव में जनसभा को संबोधित करते हुए खट्टर ने कहा था- मैं आपको एक पुराना किस्सा बता रहा हूं। मैं इसमें शामिल नेता का नाम नहीं बताऊंगा। इसी इलाके (हिसार जिले) का एक व्यक्ति चंडीगढ़ में उनके नेता के पास गया और शिकायत की कि गांव के पटवारी ने फर्द (भूमि रिकॉर्ड की नकल) जारी करने के लिए उससे 100 रुपए की रिश्वत ली है। खट्टर के मुताबिक, इस पर नेता ने उस व्यक्ति से पूछा कि चंडीगढ़ आने में आपका कितना खर्च हुआ? तो व्यक्ति ने कहा कि चंडीगढ़ आने में उसे 200 रुपए खर्च हुए और 2 दिन भी बर्बाद हुए। यह सुनने के बाद नेता ने उस व्यक्ति को डांटते हुए कहा कि जब पैसे देकर अपना काम करवा लिया तो चंडीगढ़ आने के लिए 200 रुपए क्यों बर्बाद किए? इस कहानी को पूरा करते हुए खट्टर ने आगे कहा कि पहले हरियाणा के नेताओं की मानसिकता ऐसी ही थी। बिश्नोई परिवार का मानना है कि जिस नेता की कहानी खट्टर ने सुनाई, वह पूर्व मुख्यमंत्री भजनलाल थे। इसी बात को लेकर बिश्नोई परिवार नाराज भी हुआ। कुलदीप बिश्नोई ने कहा था- चौधरी साहब ने जेब से 400 रुपए दिए थे मनोहर लाल खट्टर के इस बयान के बाद भाजपा नेता कुलदीप बिश्नोई ने भी प्रतिक्रिया दी थी। उन्होंने कहा था कि खट्टर के बयान से चुनाव में हिसार, फतेहाबाद और सिरसा में सबसे ज्यादा और पूरे हरियाणा में इसका असर देखने को मिला। भजनलाल के समर्थकों में गुस्सा था। मैंने बार-बार सोशल मीडिया के माध्यम से समझाने का प्रयास भी किया। मैंने माफ कर दिया कि इसे गलत मत समझो। कुलदीप ने कहा कि खट्टर साहब ने पूरा किस्सा नहीं सुनाया। किस्से का अंत सुनाना चाहिए था। चौधरी भजनलाल की मजाक करने की आदत थी। जो लोग गए थे उन्हें मजाक में कहा था। मगर, सच्चाई अलग है और वह रिकॉर्ड में भी है कि रावत खेड़ा के बिश्नोई थे। चौधरी साहब ने उन्हें 200 के बजाय 400 रुपए जेब से निकाल के दिए और उस पटवारी को भी सस्पेंड किया, जिसने रुपए मांगे। चौधरी भजनलाल जननेता और जनप्रिय नेता थे और जनमुख्यमंत्री थे। वह गलत काम नहीं कर सकते थे। इन्फोग्राफिक्स में रेखा शर्मा, भजनलाल और उनके परिवार के बारे में जानिए… ———————- ये खबर भी पढ़ें… भजनलाल ने रातोंरात बदल दी थी हरियाणा सरकार:विधायक दल-बदल न करें, इसलिए बंदूक रखते थे; पुण्यतिथि पर पूर्व CM के रोचक किस्से 6 अक्टूबर 1930 को संयुक्त पंजाब के बहावलपुर में जन्मे भजनलाल का परिवार बंटवारे के बाद हरियाणा के हिसार जिले के आदमपुर में आकर बस गया। उन्होंने पहले कारोबार में हाथ आजमाया, लेकिन फिर अचानक राजनीति में आ गए। (पूरी खबर पढ़ें)