भाजपा के राज्यसभा सांसद व क्रिकेटर हरभजन सिंह की सुरक्षा मामले की सुनवाई आज पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में हुई। मामले में जवाब दाखिल करने के लिए राज्य सरकार ने 3 सप्ताह का समय मांगा, जिसे अदालत ने स्वीकार कर दिया। अदालत ने अगले बुधवार को जवाब दाखिल करने के आदेश दिए है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पंजाब सरकार से पूछा कि पंजाब पुलिस किन अधिकारियों और लोगों को सुरक्षा प्रदान कर रही है। राज्य के भीतर और राज्य से बाहर सुरक्षा देने के लिए क्या मानदंड तय किए गए हैं। इस संबंधी सारा जवाब दाखिल करने के आदेश दिए है। दो प्वाइंटों में जाने आखिर सिक्योरिटी मामला क्या है 1. इसी साल अप्रैल महीने में हरभजन सिंह ने आम आदमी पार्टी को छोड़ दिया था। इसके बाद वह भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद पंजाब सरकार ने उनकी सुरक्षा वापस ले ली थी। उनके घर के बाहर तैनात करीब 10 पुलिसकर्मियों को वापस बुला लिया। सुरक्षा हटने के बाद, जालंधर में उनके घर के बाहर उग्र भीड़ ने प्रदर्शन किया और उनके घर की दीवारों पर ‘गद्दार’ लिख दिया गया। 2. पंजाब पुलिस की सुरक्षा हटने के तुरंत बाद, केंद्र सरकार ने हस्तक्षेप किया और उन्हें CRPF के कमांडो की सुरक्षा प्रदान की। वहीं, हरभजन सिंह ने सुरक्षा हटाए जाने के खिलाफ पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की। कोर्ट ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए पंजाब सरकार को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई तक हरभजन और उनके परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और उन्हें कोई शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए। जबकि जब आज सुनवाई हुई तो भी जवाब मांगा।