जनसुराज के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पटना में प्रशांत किशोर को रहने के लिए अपना घर (शेखपुरा हाउस) देने वाले उदय सिंह ने पॉलिटिक्स से ब्रेक ले लिया है। भास्कर से खास बातचीत में उन्होंने बताया, ‘मैं अब पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष नहीं रहूंगा। प्रशांत किशोर को ये बात बता दी है। लंबे समय से मेरे कुछ काम पेंडिंग थे, उन्हें अब पूरा कराऊंगा।’ उदय सिंह ने कहा, ’लंबे समय से पेंडिंग काम में एक शेखपुरा हाउस को रिकंस्ट्रक्ट कराना है। वहां कई छोटी-छोटी बिल्डिंग्स हैं। उन्हें तोड़ा जाएगा। जिस घर में प्रशांत किशोर रह रहे थे, उसे भी तोड़कर वहां नए सिरे से बिल्डिंग बनाई जाएगी।’ उन्होंने बताया कि इस जमीन पर उनकी ख्वाहिश ऐसी बिल्डिंग बनाने की है जो आम आदमी के काम आ सके। यहां वे कोई कमर्शियल बिल्डिंग नहीं बनाएंगे। अभी लाइब्रेरी या मीटिंग हॉल बनाने पर बातचीत चल रही है। जल्द ही फाइनल हो जाएगा कि यहां क्या बनेगा। प्रशांत किशोर का आवास से लेकर उनका कार्यालय तक सब इनकी बिल्डिंग में संचालित हो रहा था। प्रशांत के साथ आपसी सहमति के बाद लिया ब्रेक उदय सिंह ने भास्कर को बताया कि न तो जनसुराज से और न ही प्रशांत किशोर के साथ उनका किसी तरह का विवाद या मनमुटाव हुआ है। आपसी सहमति के बाद उन्होंने पॉलिटिक्स से ब्रेक लेने का निर्णय लिया है। प्रशांत भी अपनी इच्छा से आश्रम में रहने वाले हैं। अब उस आश्रम को जानिए, जहां प्रशांत किशोर रहेंगे बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में करारी हार के बाद प्रशांत किशोर अपने और जनसुराज के कार्यकर्ताओं के लिए पटना से 32KM दूर बिहटा के अमहारा गांव में आश्रम बनवा रहे हैं। IIT पटना कैंपस के ठीक बगल में इस हाईटेक आश्रम को तैयार किया जा रहा है। यह देसी और मॉडर्न फैसिलिटी से लैस होगा। आम के बागीचे के बीच बने आश्रम में जर्मन हैंगर के तंबू के साथ फूस की बनी हवादार और सुकून देने वाली झोपड़ियां हैं। विधानसभा चुनाव से पहले बने थे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष विधानसभा चुनाव से 6 महीने पहले 19 मई को प्रशांत किशोर ने उदय सिंह को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया था। इसके बाद वे लगातार बिहार में कैंप किए। प्रशांत किशोर के अलग-अलग आंदोलनों में साथ रहे। सीमांचल के इलाके में जनसुराज के प्रचार अभियान की कमान संभाली। सीमांचल के चारों जिलों में सभाएं की। इसके अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी छोटी-छोटी सभाएं की थीं। वैनिटी वैन और कंपनी से सैलरी देने पर हुआ था विवाद जनसुराज के साथ उदय सिंह का नाम तब जुड़ा था जब गांधी मैदान में आंदोलन के दौरान उदय सिंह का वैनिटी वैन प्रशांत किशोर इस्तेमाल कर रहे थे। इसके बाद वैनिटी वैन पर खूब विवाद हुआ था। तब उदय सिंह सामने आकर बोले थे कि उन्होंने अपना वैनिटी वैन प्रशांत को इस्तेमाल के लिए दिया है। प्रशांत अभी भी इस वैनिटी वैन का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके अलावा उदय सिंह और उनकी फैमिली से जुड़ी कंपनी जॉय ऑफ गिविंग ग्लोबल फाउंडेशन के माध्यम से जनसुराज से जुड़े प्रोफेशनल लोगों को सैलरी भी दी जाती थी। हालांकि तब उन्होंने भास्कर को बताया था कि इसमें डोनेशन का पैसा आता था। जन कल्याण के लिए इस पैसे का इस्तेमाल किया जाता था। पिता IAS, मां 2 बार सांसद रहीं, परिवार से 5 सांसद बने