अमृतसर में अमेरिका से लौटी एक 65 वर्षीय एनआरआई महिला का उसकी पुरानी सहेली ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया। आरोपियों ने महिला को बंधक बनाकर उससे 1 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने की योजना बनाई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए पीड़िता अनीता कौर को सुरक्षित बचा लिया है। जानकारी के मुताबिक अनीता कौर पिछले लगभग 40 वर्षों से अमेरिका में रह रही हैं और वहां से एक अध्यापिका के पद से सेवानिवृत्त हुई हैं। वह हाल ही में अपनी माता के निधन के बाद धार्मिक रस्मों में शामिल होने अमृतसर आई थीं। पीड़िता ने बताया कि उनकी पुरानी परिचित रुपिंदर कौर संधू ने उन्हें फोन कर ड्रीम सिटी स्थित अपने मकान नंबर 453 में बुलाया था। आरोपियों ने छीना महिला का बैग अनीता कौर के वहां पहुंचते ही रुपिंदर कौर और उसके साथ मौजूद कुछ अन्य लोगों ने उन्हें जबरन बंधक बना लिया। आरोपियों ने उनका बैग छीन लिया और सिर पर भारी वस्तुओं से हमला किया। अनीता कौर ने बताया कि वह डायबिटीज की मरीज हैं, लेकिन बार-बार विनती करने के बावजूद उन्हें पानी तक नहीं दिया गया। आरोपियों ने उनका मुंह बांधकर थप्पड़ों और मारपीट से बुरी तरह घायल कर दिया, जिससे उनकी आंख और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं। पीड़िता के अनुसार, आरोपी महिला किसी गैंगस्टर से फोन पर बात कर रही थी और उससे 1 करोड़ रुपए की फिरौती वसूलने की योजना बना रही थी। आरोपियों ने अनीता कौर का आईफोन 16 प्रो, अमेरिकी पासपोर्ट, ओसीआई कार्ड, एटीएम कार्ड और लगभग 25 से 30 हजार रुपए की नकदी भी छीन ली थी। पीड़िता ने भाई को की मदद के लिए काल अनीता कौर ने बताया कि जब आरोपी महिला उसके कमरे को बाहर से बंद कर कहीं गई, तब उन्होंने अपने पास मौजूद दूसरे भारतीय मोबाइल फोन से अपने भाई को मदद के लिए कॉल की। इसके बाद उनके भाई ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर अनीता कौर को आरोपियों के कब्जे से छुड़ा लिया। हालांकि पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई की जा रही है। चौकी इंचार्ज ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पीड़िता का मेडिकल करवाया गया है और उसके बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि वारदात में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा सके। भावुक होते हुए अनीता कौर ने कहा कि वह गुरु रामदास जी की नगरी में खुद को सुरक्षित महसूस करने आई थीं, लेकिन इस घटना ने उनका भरोसा तोड़ दिया। उन्होंने पंजाब सरकार और प्रशासन से NRI लोगों की सुरक्षा के लिए सख्त कानून और प्रभावी सुरक्षा व्यवस्था की मांग की है।