आपकी पुरानी साड़ियां लाएंगी किसी के चेहरे पर मुस्कान:सामूहिक विवाह में दुल्हनों के लिए बनेगा जोड़ा, गयाजी में 3000 साड़ियों का होगा संग्रह

भेजा जाएगा भुवनेश्वर, इनसे बनें दुल्हन के वस्त्र, अदीबा शी विजन कर रही सहयोग
समाज सेवा और महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देने के उद्देश्य से इनरव्हील डिस्ट्रिक्ट 325 (बिहार-झारखंड) ने मदर्स डे पर ‘साड़ी बैंक’ अभियान की शुरुआत की है। इस पहल से गयाजी में करीब तीन हजार साड़ियों का संग्रह किया जाएगा, जिन्हें डाक विभाग के माध्यम से कुरियर कर भुवनेश्वर भेजा जाएगा। इस अभियान में भुवनेश्वर की संस्था ‘अदीबा शी विजन’ सहयोग कर रही है। वहां इन साड़ियों को रीसाइकल कर जरूरतमंद महिलाओं के लिए उपयोगी बनाया जाएगा। खास तौर पर सामूहिक विवाह के लिए दुल्हनों के वस्त्र तैयार किए जाएंगे, जिससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बड़ी राहत मिलेगी। इसके अलावे ​साड़ियों को रीसाइकल कर बटुआ और अन्य उपयोगी वस्तुएं भी बनाई जाएगी, जिससे महिलाओं के जीविकोपार्जन के िलए रोजगार पैदा हो सके। वहीं विधवाओं, सिंगल मदर्स और ग्रामीण क्षेत्रों में काम करने वाली महिलाओं के बीच भी इन साड़ियों को डोनेट किया जाएगा। बता दें कि गयाजी में इनरव्हील की एक नहीं बल्कि आधा दर्जन से ऊपर क्लब चल रहे है, जिसमें करीब तीन सौ शहर की प्रमुख महिलाएं जुड़ी हुई है। इन महिलाओं में खासकर डॉक्टर व व्यवसायी शामिल है। क्लब की सभी महिलाआें से साड़ियां संग्रहित की जाएगी। अभी तक सात सौ से ऊपर साड़ियां संग्रहित हो चुकी है। 30 अप्रैल तक संग्रह का कार्य चलेगा। साड़ी बैंक की स्थापना की हर जगह सराहना: को-ऑडिनेटर सीमा भदानी ने बताया कि इनरव्हील क्लब की इस पहल को जिले भर में सराहना मिल रही है। समाज के विभिन्न वर्गों की महिलाएं इसमें बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं और अपनी साड़ियों का दान कर इस नेक कार्य में सहयोग दे रही हैं। यह पहल न सिर्फ जरूरतमंदों की मदद करेगी, बल्कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। सबसे अच्छी बात यह है कि जिन महिलाओं के पास पुरानी अच्छी स्थिति में है, पर उपयोग में नहीं आ रही, उन साड़ियों को साड़ी बैंक में दान कर सकती है। आपकी साड़ियों से खिल उठेंगे किसी के चेहरे : उन्होंने बताया कि भुवनेश्वर में अदीबा शी विजन एक बड़ी सामाजिक संस्था है, जिसका चेन पूरे देश में है। यह संस्था समाजसेवा के लिए प्रसिद्ध है। साड़ी बैंक के माध्यम से संग्रहित साड़ियां जब यहां भेजी जाएगी तो वे इन साड़ियों को रीसाइकल करेगी, फिर इनका जरूरत के हिसाब से उपयोग होगा। उन्होंने कहा कि आपकी पुरानी साड़ियां किसी के चेहरे पर खुशी ला सकती है और इनरव्हील क्लब का यहीं सोच व उद्देश्य रहता है। तीन मई से संग्रहित साड़ियां भेजी जाएगी भुवनेश्वर
को-ऑडिनेटर सह इंचार्ज सीमा भदानी ने बताया कि साड़ी बैंक समाज कल्याण के लिए एक अनूठी है। मदर्स डे पर इस विशेष प्रोजेक्ट को शुरु किया गया है। इसमें जमशेदपुर, रांची, पटना, मुजफ्फरपुर, बेतिया, नवादा और गयाजी जैसे शहर योगदान दे रहे है। गयाजी से तीन हजार साड़ियों के संग्रह का लक्ष्य है। साड़ियों के संग्रह होने के बाद दो मई से डाक विभाग के माध्यम से कुरियर कर भुवनेश्वर भेजा जाएगा। आठ मई तक सभी साड़ियों की डिलीवरी कर दी जाएगी। यहां से आगे का कार्य अदीबा शी विजन करेगी।

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