‘आपकी बहू सांसद बन जाती,कांग्रेसियों ने मसूबों पर पानी फेरा’:महिला संशोधन बिल पर उपेंद्र कुशवाहा के पोस्ट पर कमेंट; रोहिणी बोलीं- पहले सुरक्षा तो दे दो

लोकसभा में संविधान (131वां संशोधन) विधेयक पारित न होने को लेकर बिहार में भी सियासी पारा चढ़ गया है। CM सम्राट चौधरी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए पार्टी को महिला विरोध बताया है। वहीं रोहिणी आचार्या ने कहा है कि पहले सरकार महिलाओं को सुरक्षा दे दें, फिर सशक्तिकरण की बात करें। तेजस्वी यादव ने भी केंद्र को घेरा है। पटना में LJPR की महिला कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस का पुतला फूंका। उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडियो पर पोस्ट कर इसका विरोध जताया तो यूजर्स ने अजीब तरह से कमेंट किए। एक यूजर ने लिखा- महिला संशोधन बिल पास हो जाता तो आपकी बहू सांसद बन जाती, कांग्रेसियों ने आपके मनसूबे पर पानी फेर दिया। ये कमेंट क्यों किया गया, यह ग्राफिक्स से समझिए… अब जानिए उप्रेंद्र कुशवाहा ने क्या पोस्ट किया उपेंद्र कुशवाहा ने सोशल मीडिया X पर लिखा- हमारी पार्टी के ‘संवैधानिक-अधिकार-परिसीमन-सुधार’ अभियान को लक्ष्य तक पहुंचने से पहले ही विपक्षी दलों ने संसद में इसका विरोध कर रोक दिया। अगर यह बिल कानून का रूप लेता तो बिहार में लोकसभा क्षेत्रों की संख्या 40 की जगह 60 और विधानसभा क्षेत्रों की संख्या 243 की जगह 365 हो जाती। असल में यही लड़ाई हमारी थी। इस पहल के लिए मैं अपने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी, गृह मंत्री अमित शाह और एनडीए के सभी नेताओं का हृदय से धन्यवाद करता हूं। और विपक्षी दलों के राज्य विरोधी और महिला विरोधी इस कुकृत्य की घोर निन्दा करता हूं। बिहार की जनता इनको सबक सिखायेगी। उपेंद्र कुशवाहा की पूरी फैमिली पॉलिटिक्स में एक्टिव है हाल में उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश ने मंत्री पद की शपथ ली थी। वो ना विधायक हैं, ना MLC फिर भी उन्हें मंत्री बनाया गया। उपेंद्र कुशवाहा खुद राज्यसभा सांसद हैं। उनकी पत्नी सासाराम से विधायक हैं। बहू भी पॉलिटिक्स में एक्टिव है। अब जानिए कौन हैं उपेंद्र कुशवाहा की बहू साक्षी मिश्रा उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड IAS एसएन मिश्रा की बेटी साक्षी सोशल वर्कर हैं। साक्षी दो बहने और एक भाई हैं। उनकी मां का देहांत हो चुका है। दीपक ने पत्नी साक्षी मिश्रा (35) से लव मैरिज की है। साक्षी ब्राह्मण परिवार से हैं और दीपक कुशवाहा समाज से आते हैं। शादी के बाद साक्षी अपना नाम साक्षी मिश्रा कुशवाहा लिखती हैं। महिला आरक्षण संशोधन बिल पर पॉलिटिकल रिएक्शन कांग्रेस की दोहरी सोच अब देश के सामने सीएम सम्राट चौधरी ने सोशल मीडिया X पर लिखा- महिला सशक्तिकरण पर ढोंग करने वाली कांग्रेस की दोहरी सोच अब देश के सामने है। विपक्ष महिलाओं की प्रगति की राह में हमेशा बाधा बनकर खड़ा रहा है। क्या देश की आधी आबादी को उनकी आवाज देना इतना मुश्किल था? महिलाओं के सशक्त होने और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभाने की संभावना से घबराकर, असुरक्षित विपक्ष ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के क्रियान्वयन का समर्थन नहीं किया। यूपीए के दौर में महिलाओं के अधिकारों की अनदेखी की गई और आज विपक्ष में रहते हुए भी वही सोच फिर दिखाई दे रही है। कांग्रेस का एक लगातार पैटर्न रहा है, जब भी महिला आरक्षण बिल के लागू होने का समय नजदीक आता है, उसका विरोध शुरू हो जाता है। लेकिन अब महिलाओं का आक्रोश कांग्रेस के हर दिखावे पर भारी पड़ने वाला है। रोहिणी बोलीं- आज भी चल रही पर्दा करने की प्रथा राजद सुप्रीमो लालू प्रसाद की बेटी रोहिणी आचार्य ने सोशल मीडिया X पर लिखा- हमारे देश में महिलाओं की सुरक्षा, उनके वास्तविक सशक्तिकरण, उनको शिक्षित किए जाने, आत्मनिर्भर बनाए जाने की सार्थकता पर ही सवाल है। बड़ी गरीब आबादी वाले देश में गरीब महिलाओं को शिक्षा पाने से वंचित होना पड़ रहा है। महिलाओं के सामाजिक, सार्वजनिक और पेशा में भेदभाव किया जाता है। उनके आगे बढ़ने के अवसरों में अड़चने हैं। महिलाओं की बड़ी आबादी पढ़ने-लिखने के बाद भी चूल्हा-चौका करने को मजबूर है। देश के प्रत्येक राज्य में अब भी पर्दा करने की प्रथा है। निरंतर हो रहे बलात्कार, दहेज को लेकर किए जाने वाले अत्याचार, यौन उत्पीड़न और यौन शोषण की शिकार हो रहीं महिलाओं को न्याय से वंचित होना पड़ रहा है। आत्मसम्मान के लिए अपनी आवाज उठाने पर महिलाओं को घरेलू हिंसा, आज के दौर के कुचलन सोशल मीडिया ट्रोलिंग से जूझना पड़ रहा है। मायके और ससुराल के भेदभाव की अग्नि परीक्षा देनी पड़ रही है। पितृसत्तात्मक वर्चस्व के अधीन रहना पड़ रहा है। आजादी हासिल होने के लगभग आठ दशक के बाद भी हकीकत में बराबरी का दर्जा पाने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है। समाज-परिवार के लिए किए गए उनके त्याग को सौदा बता कर महिलाओं के आत्मविश्वास को तोड़ा जा रहा है। माता-पिता की संपत्ति में बराबर का कानूनी हक हासिल होने के बावजूद महिलाओं-बेटियों को अपने हक से वंचित होना पड़ रहा है। किस मुंह से महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बातें करते हो: रोहिणी रोहिणी ने दूसरे पोस्ट में लिखा- मुजफ्फरपुर महापाप, महिला पहलवानों के साथ हुए यौन उत्पीड़न, मणिपुर में निर्वस्त्र कर सड़कों पर माताओं-बहनों को घुमाया गया। पटना के हॉस्टल में बलात्कार के बाद छात्रा की हत्या पर मौन रहने वालों, सार्वजनिक मंच पर यौन अपराधी की पीठ थपथपाने, उसके लिए वोट की अपील करने और बलात्कारियों को संरक्षण देने, सम्मानित करने, पैरोल पर बाहर लाने वालों, बड़े निर्लज्ज हो तुम सब। किस मुंह से महिला सम्मान और सशक्तिकरण की बातें करते हो। तेजस्वी बोले- साल 2023 में ही महिला आरक्षण बिल संसद से है पारित राजद नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि महिला आरक्षण बिल साल 2023 से ही पारित है। पांच राज्यों के चुनावों के बीच दुबारा उसे पेश कर मोदी सरकार राजनीतिक नौटंकी, ड्रामा और प्रोपेगेंडा कर रही है। बीजेपी के लोग संविधान बदलने के अपने नापाक मंसूबों को सफल करने के लिए महिलाओं की आड़ लेकर उनकी भावनाओं और प्रतिनिधित्व के साथ खिलवाड़ कर रहे है। ये परिसीमन के बहाने लोकतंत्र को समाप्त करना चाहते है। इन लोगों के बुरे दिन अब शुरू हो चुके है। पटना में लोजपा(आर) महिला मोर्चा ने किया प्रदर्शन लोजपा(आर) महिला मोर्चा की ओर से शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। दर्जनों की संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी के पुतले फूंके। इस दौरान महिलाओं ने ‘राहुल गांधी होश में आओ’ के नारे लगाए। महिलाओं ने कहा कि यह बिल महिलाओं के सम्मान में लाया गया था, जिसे कांग्रेस और विपक्षी पार्टियों ने पास होने नहीं दिया। आज का दिन हमारे लिए काला दिन लोजपा(आर) महिला मोर्चा की सदस्य संगीता पासवान ने कहा कि आज का दिन हमारे लिए काला दिन है। हम सभी जश्न की तैयारी कर रहे थे। लेकिन कांग्रेस और विपक्षी पार्टियां बिल को पारित नहीं होने दिया। उन्हें लग रहा है कि हमारी जीत हुई है, पर यह जीत नहीं है। यह महिलाओं का अपमान है। इसलिए हमारी पार्टी की महिलाएं विपक्षी पार्टियों के विरोध में प्रदर्शन की है। आने वाले दिनों में विपक्ष को इसका खामियाजा उठाना पड़ेगा। क्योंकि देश में महिलाओं की बड़ी भागीदारी है।

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