ऑटो पर पलटा ट्रक, CISF जवान-पत्नी, ड्राइवर की मौत:क्रेन की मदद से ढाई घंटे बाद निकाले गए शव, छुट्टी में अपने गांव खगड़िया आए थे

खगड़िया में गुरुवार सुबह सड़क हादसे में CISF जवान, उनकी पत्नी समेत 3 लोगों की मौत हो गई। गिट्टी लदा ट्रक अनियंत्रित होकर ऑटो पर पलट गया। जिसमें दबकर पति-पत्नी और ऑटो ड्राइवर की मौत हो गई। घटना महेशखुट थाना क्षेत्र के गौछारी स्थित NH-31 पर हुई। मृतक की पहचान गोगरी थाना क्षेत्र के मालिया गांव निवासी CISF जवान बिपिन चौरसिया, पत्नी दीपमाला चौरसिया और ऑटो ड्राइवर टांकेश मुनि के रूप में हुई है। हादसे में ऑटो में सवार CISF जवान समेत 3 लोगों की दबने से मौत हो गई। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। बिपिन चौरसिया 2 साल बाद अपने घर आए थे और छुट्टियों के बाद ड्यूटी जॉइन करने वापस दुर्गापुर जाने के लिए सुबह 5 के करीब मानसी रेलवे स्टेशन जा रहे थे। सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा हादसा…. अब मौके से आई कुछ तस्वीरें… जेसीबी से शव निकालने की कोशिश फेल मुखिया शंभू कुमार चौरसिया ने बताया, आज सुबह 5:40 बजे मलिया से ऑटो में सवार होकर CISF जवान बिपीन चौरसिया अपनी पत्नी के साथ स्टेशन जा रहे थे। इस दौरान गौछारी ढाला के पास गिट्टी से लदा ट्रक अनियंत्रित होकर ऑटो के ऊपर पलट गया। जिससे ऑटो में सवार जवान, उनकी पत्नी और ड्राइवर तीनों ट्रक के नीचे दब गए। हादसे में कोई भी बच नहीं पाया। घटना के समय मैं पेट्रोल पंप पर था। जानकारी मिली तो मैं एक JCB लेकर मौके पर पहुंचा। एक शव मिला लेकिन वो उसमें दबा रह गया, हम उसे निकाल नहीं पाए। क्रेन की मदद से ढाई घंटे बाद निकाले गए शव शंभू कुमार चौरसिया ने बताया, ट्रक पर गिट्टी लदा होने के कारण तीनों उसमें बुरी तरह दब गए थे। 6:15 तक हमलोगों ने बॉडी निकालने का प्रयास किया। इससे पहले मैंने थाना प्रभारी को फोन भी किया था। लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। इसके बाद मैंने डायल 112 को कॉल किया। इसके बाद SI इंद्रजित चौरसिया मौके पर आए। 8 बजे के करीब क्रेन से बॉडी निकाली गई। मैं सरकार से मांग करता हूं कि तीनों के परिजन को 50-50 लाख सहायता राशि दी जाए। वहीं हादसे पर काबू पाने के लिए इस रास्ते में ब्रेकर की व्यवस्था की जाए। CISF में हेड कॉन्स्टेबल थे बिपिन चौरसिया बिपिन चौरसिया CISF में हेड कॉन्स्टेबल थे, उनकी पोस्टिंग पश्चिम बंगाल के दुर्गापुर में थी। वो 2 साल बाद कल बुधवार को अपने गांव खगड़िया आए थे। खगड़िया आने से पहले वो पत्नी के साथ मुंगेर गए थे, जहां एक शादी समारोह में पति-पत्नी शामिल हुए। मृतक जवान के चाचा सुनील चौरसिया ने बताया, बिपिन पत्नी के साथ शादी में शामिल होने मुंगेर आया था। ड्यूटी पर वापस लौटने से पहले वो कल शाम परिवार वालों से मिलने खगड़िया आया था। बिपिन की शादी को 10 साल से ज्यादा हो चुका था। उसको एक बेटा और एक बेटी है, दोनों अभी पढ़ाई करते है। पत्नी झारखंड में सरकारी स्कूल में टीचर थी। बिपिन के 4 भाई और उनका परिवार भी चितरंजन में रहता है। मेरे भइया भी पहले रेलवे में वहीं नौकरी करते थे। भइया- भाभी की डेथ के बाद से बच्चे कभी-कभी हमलोग से मिलने आया करते थे। मृतक जवान की चाची द्रौपदी देवी ने बताया, ‘बहू के जिद करने पर बिपिन कल शाम 4 बजे घर लेकर आया। हम दोनों बच्चों को खाना बनाकर खिलाएं। इसके बाद बिपिन मेरे साथ अपने सारे चाचा और उनके परिवार से मिलने गया। बहू का मायका देवघर था, वो झारखंड में ही नौकरी करती थी। पोती दिल्ली में पढ़ाई करती है और पोता विशाखापट्टनम में पढ़ता है।’ ऑटो ड्राइवर की बेटी की होनी थी शादी ड्राइवर के पिता दिनामनी ने बताया, मुझे पता नहीं कि सुबह-सुबह गाड़ी लेकर बेटा कहां जा रहा था। 10 साल से ऑटो चलाकर परिवार का भरण पोषण करता था। टांकेश चार भाईयों में दूसरे नंबर पर था। 25 साल पहले उसकी शादी हुई थी। उसके 4 बच्चे है, 2 बेटा-2 बेटी। एक बेटी की शादी होने वाली थी। ————- इसे भी पढ़िए… दिल्ली में बिहारी कहकर मारे गए युवक की कहानी:3 साल पहले बहन की हत्या, पिता-छोटा भाई बीमार, गांव वाले बोले–ये पूरे बिहार की बेइज्ज्ती है ‘बिहारियों पर मजदूर होने का ठप्पा लगा है। बिहारी कोई गाली नहीं, बल्कि संघर्ष, मेहनत और हौसले की पहचान है। हमें तिरस्कार नहीं, सम्मान मिलना चाहिए। दिल्ली में युवक की हत्या पूरे बिहार की बेइज्जती है।’ ये कहना है खगड़िया के रहने वाले छात्र निखिल कुमार का, जिनके गांव के रहने वाले पांडव कुमार को दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल ने गोली मार दी। पूरी खबर पढ़ें।

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