ओसामा शहाब की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक:गिरफ्तार करने पटना पहुंची थी सीवान पुलिस, डॉक्टर दंपती की जमीन पर कब्जे का आरोप

पटना हाईकोर्ट ने सीवान कोर्ट के फैसले को पलटते हुए आरजेडी विधायक ओसामा शहाब की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। हाईकोर्ट के फैसले से ठीक पहले सीवान पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने आज पटना स्थित उनके आवास पर पहुंची थी। यह मामला सीवान के महादेवा इलाके में जमीन विवाद से जुड़ा है, जिसमें एक डॉक्टर दंपति ने FIR दर्ज कराई थी। ओसामा सीवान के रघुनाथपुर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं। वह दिवंगत पूर्व सांसद और बाहुबली मो. शहाबुद्दीन के बेटे हैं। कोर्ट ने ओसामा शहाब मामले में पुलिस से केस डायरी की मांग की है। तत्काल उपलब्ध नहीं होने के कारण गिरफ्तारी पर स्टे ऑडर जारी किया गया। केस की अगली सुनवाई 17 जून को सत्यव्रत वर्मा की बेंच करेगी। ओसामा को गिरफ्तार करने पटना पहुंची थी सीवान पुलिस दरअसल, ओसामा शहाब की गिरफ्तारी के लिए सीवान पुलिस बुधवार को पटना पहुंची थी। सीवान SDPO अजय कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित MLA फ्लैट में छापेमारी की। हालांकि, ओसामा अपने सरकारी आवास पर मौजूद नहीं थे। आवास के अंदर RJD विधायक के दो-तीन करीबी मौजूद थे, जिनसे पूछताछ की गई। उनलोगों ने पुलिस को बताया कि मामले में कोर्ट से स्टे मिला हुआ है। इसके बाद पुलिस ने स्टे से संबंधित दस्तावेज मांगे हैं। छापेमारी को लेकर भास्कर ने जब सीवान एसपी अजय सिंह से बातचीत करने की कोशिश की, तो उन्होंने मामले पर सीधे तौर पर कुछ भी कहने से इनकार कर दिया। सिलसिलेवार जानिए पूरा मामला क्या है… 15 अप्रैल 2026; डॉक्टर दंपत्ती की शिकायत पर ओसामा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई यह मामला जमीन विवाद से जुड़ा है। इसी मामले में 15 अप्रैल 2026 को सीवान की एक डॉक्टर दंपति ने आरजेडी विधायक ओसामा के खिलाफ FIR दर्ज कराई थी। आरोप है कि महादेवा थाना क्षेत्र के झुनापुर गांव में डॉक्टर दंपति की जमीन पर चल रहे निर्माण कार्य में RJD विधायक ने बाधा डाली। साथ ही डॉक्टर दंपति के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। मामले में गोपालगंज निवासी पीड़िता डॉ. सुधा सिंह ने थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई। फिलहाल वह गोरखपुर में रह रही हैं। आवेदन के अनुसार, उनके पति डॉ. विनय कुमार सिंह ने सितंबर 2024 में उक्त जमीन खरीदी थी। जमीन से जुड़े सभी दस्तावेज विधिवत रूप से दोनों के संयुक्त नाम पर दर्ज हैं। करीब चार महीने पहले दंपति ने उस जमीन पर चारदीवारी और एक कमरे का निर्माण कार्य शुरू कराया था। इसी दौरान ओसामा ने उस भूमि पर अपना दावा जताते हुए निर्माण कार्य रोकने को कहा। फोन पर काम बंद कराने की दी गई धमकी पीड़िता के अनुसार, उन्होंने अपने सभी दस्तावेज विधायक को दिखाए, जिसके बाद उन्हें आश्वस्त किया गया कि यदि कागजात सही पाए गए तो निर्माण कार्य में कोई बाधा नहीं डाली जाएगी। लेकिन कुछ दिनों तक संपर्क नहीं होने के बाद जब उन्होंने दोबारा निर्माण शुरू कराया, तो 14 अप्रैल को फोन कर काम बंद करने की धमकी दी गई। आरोप है कि इसके बाद विधायक के कहने पर 30-40 लोग हथियारों के साथ मौके पर पहुंचे और मजदूरों के साथ मारपीट की। इतना ही नहीं, मौके पर लगे सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए गए और मजदूरों के मोबाइल, कटर मशीन समेत अन्य सामान भी छीन लिए गए। फरहान और साबिर नामक दो व्यक्तियों पर विशेष रूप से घटना में शामिल होने का आरोप लगाया गया है। इस मामले में महादेवा थाना में विधायक ओसामा शहाब सहित तीन नामजद और 30-35 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। 28 अप्रैल 2026: कोर्ट ने खारिज की अग्रिम जमानत याचिका सीवान कोर्ट ने 28 अप्रैल को इस मामले में राजद विधायक ओसामा शहाब की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। उस वक्त विधायक ओसामा शहाब के अधिवक्ता नवेन्दु शेखर दीपक ने बताया कि निचली अदालत के फैसले को चुनौती देते हुए अब उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत के लिए अर्जी दाखिल की जाएगी। इस मामले में गोपालगंज जिले के मांझागढ़ थाना क्षेत्र स्थित धरम परसा निवासी डॉ. विनय कुमार सिंह की पत्नी डॉ. सुधा सिंह ने प्राथमिकी दर्ज कराई है। प्राथमिकी में रघुनाथपुर से राजद विधायक ओसामा शहाब के साथ-साथ फरहान, सबीर समेत 30-35 नामजद और अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरोप है कि सभी ने मिलकर मारपीट, लूटपाट, तोड़फोड़ और जान से मारने की धमकी जैसी गंभीर घटनाओं को अंजाम दिया। 5 मई 2026: मामले में सीवान में ओसामा घर पर हुई थी रेड इसी मामले में करीब 9 दिन पहले सीवान में ओसामा शहाब के घर पर पुलिस ने रेड मारी थी। 5 मई की सुबह 8 बजे छापेमारी की गई। DIG निलेश कुमार, SP पुरन कुमार झा के साथ मुफ्फसिल और नगर थाने की पुलिस ओसामा के नए घर पहुंचे। छापेमारी के दौरान इलाके में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। आम लोगों की आवाजाही को भी सीमित किया गया। रेड करीब 2 घंटे चली। इसमें क्या कुछ मिला है, इस पर अधिकारी फिलहाल चुप हैं। पूरी खबर पढ़ें… हत्या की साजिश रचने का भी लगा था आरोप बता दें कि यह पहला मामला नहीं है जब विधायक ओसामा शहाब का नाम किसी आपराधिक प्रकरण में सामने आया हो। इसके अलावे हाल ही में एमएच नगर थाना क्षेत्र के सेमरी में हुए दो पक्षों के बीच मारपीट हुआ था। इस मामले में पुलिस ने अपराधी चंदन सिंह गिरफ्तार किया है। अपराधी चंदन सिंह ने आवेदन देकर ओसामा साहब और उनके करीबी डब्लू खान के ऊपर साजिश के तहत हमला करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। विधायक बनने के बाद ओसामा शहाब पर पहला मामला यही दर्ज हुआ है। इसके बाद डॉ दंपति ने जमीन पर रंगदारी और हड़पने का मामला दर्ज कराया गया है। विभिन्न धाराओं में पांच मामले दर्ज सूत्रों के अनुसार, विधायक बनने से पहले भी ओसामा शहाब पर विभिन्न धाराओं में करीब पांच मामले दर्ज हैं, जो अभी न्यायालय में लंबित हैं। ऐसे में लगातार सामने आ रहे मामलों ने उनकी मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की तह तक जाने में जुटी है और जांच के बाद ही सच्चाई सामने आने की उम्मीद है। यह मामला न सिर्फ कानून-व्यवस्था बल्कि जमीन विवादों में बढ़ती हिंसा को भी उजागर करता है, जिस पर प्रशासन की नजर बनी हुई है। ओसामा सहाब की तरफ से बताया गया कि उक्त जमीन जनवरी 2023 में पत्नी डॉ.आयशा के नाम से रजिस्ट्री कराई गई थी। लेकिन कुछ कारण से मामला न्यायालय में चला गया। इसके कारण काम को रुकवा दिया गया था। तभी अचानक पता चला कि नवंबर 2024 में डॉ.विनय कुमार सिंह और डॉ.सुधा सिंह ने उसी जमीन की रजिस्ट्री करा ली गई है।

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