नीट (NEET) पेपर लीक मामले में सॉल्वर गैंग की कड़ियों को जोड़ने के लिए बुधवार को जांच का दायरा पावापुरी स्थित भगवान महावीर आयुर्विज्ञान संस्थान (VIMS) तक पहुंच गया। पावापुरी ओपी पुलिस की एक विशेष टीम ने मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल में दबिश दी और फरार चल रहे मुख्य आरोपियों के कमरों की गहन तलाशी ली। पुलिस की टीम ने सबसे पहले 2022 बैच के छात्र और इस पूरे खेल का मुख्य सरगना माने जा रहे उज्ज्वल कुमार उर्फ राजा बाबू के हॉस्टल कमरा संख्या 502 को खंगाला। इसके बाद टीम 2024 बैच के छात्र अवधेश कुमार के कमरा संख्या 110 में पहुंची। उज्ज्वल फिलहाल फरार है, जबकि उसका मौसेरा भाई अमन कुमार पहले से ही न्यायिक हिरासत में है। वीडियोग्राफी के बीच हुई जांच, मिले केवल परिचय पत्र विम्स (VIMS) के अधीक्षक डॉ. जैकी जमा ने बताया कि स्थानीय पुलिस अनुसंधान के उद्देश्य से कॉलेज आई थी। कॉलेज प्रशासन द्वारा गठित टीम की मौजूदगी में दोनों छात्रों के कमरों की सघन तलाशी ली गई। पूरी प्रक्रिया की पारदर्शिता बनाए रखने के लिए इसकी वीडियोग्राफी भी कराई गई। हालांकि, काफी मशक्कत के बाद भी कमरों से कोई आपत्तिजनक दस्तावेज या नीट परीक्षा से जुड़े साक्ष्य बरामद नहीं हुए। पुलिस को कमरों से केवल कॉलेज के परिचय पत्र (ID Card) प्राप्त हुए हैं। गौरव कुमार, पावापुरी ओपी प्रभारी ने बताया कि मेडिकल कॉलेज परिसर में की गई यह कार्रवाई अनुसंधान का एक हिस्सा थी। अधीक्षक द्वारा बनाई गई टीम के सामने कमरों की तलाशी ली गई। फिलहाल कोई आपत्तिजनक सामग्री या नीट से संबंधित पुख्ता साक्ष्य नहीं मिले हैं। फरार आरोपियों की तलाश तेज भले ही बुधवार की छापेमारी में पुलिस के हाथ खाली रहे हों, लेकिन जांच टीम उज्ज्वल कुमार और अवधेश कुमार के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। पुलिस को अंदेशा है कि फरार होने से पहले आरोपियों ने सबूतों को ठिकाने लगा दिया होगा। फिलहाल पुलिस अन्य छात्रों से भी पूछताछ कर रही है ताकि इस सॉल्वर गैंग की जड़ों तक पहुंचा जा सके।