केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में की गई बेतहाशा बढ़ोतरी ने होटल और रेस्टोरेंट कारोबारियों की कमर तोड़ दी है। केंद्र ने कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में 993 रुपये का बड़ा इजाफा किया है, जिसके बाद अब एक सिलेंडर की कीमत 3000 रुपये के आंकड़े को पार कर गई है। इस फैसले के विरोध में पंजाब होटल एसोसिएशन ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उनका कहना है कि सिलेंडर महंगा होने से उनके बजट पर असर पड़ रहा है। होटलों में खाना मंहगा करना पड़ेगा और खर्चा कम करने के लिए कर्मचारियों को भी निकालना पड़ेगा। इसके बाद उनके व्यापार पर असर पड़ेगा। बैठक में बड़ा फैसला: 10 दिनों का अल्टीमेटम बठिंडा में पंजाब होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष सतीश अरोड़ा की अध्यक्षता में एक अहम बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बठिंडा के सभी होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संघों ने हिस्सा लिया। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि यदि 10 दिनों के भीतर बढ़ी हुई कीमतें वापस नहीं ली गईं, तो एसोसिएशन देशभर में सरकारी कार्यक्रमों का पूर्ण रूप से बहिष्कार करेगी। होटल कारोबारी सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार और गैस कंपनियों के खिलाफ उग्र प्रदर्शन करेंगे। 6 लाख परिवारों के रोजगार पर संकट एसोसिएशन ने सरकार को चेतावनी दी है कि इस महंगाई का असर केवल मालिकों पर नहीं, बल्कि इस उद्योग से जुड़े लगभग 6 लाख परिवारों पर पड़ेगा। सतीश अरोड़ा ने कहा कि होटल उद्योग पहले से ही घाटे और भारी टैक्स के बोझ तले दबा हुआ है। सरकार की ओर से कोई राहत मिलने के बजाय, इस तरह की बढ़ोतरी उद्योग को तबाह कर देगी। आम जनता की जेब पर भी पड़ेगा बोझ एसोसिएशन के अनुसार, यदि कीमतें कम नहीं होती हैं तो उनके पास दो ही रास्ते बचेंगे। इसमें एक तो खर्च कम करने के लिए कर्मचारियों को नौकरी से निकालना पड़ेगा। दूसरा होटल और ढाबों में खाने-पीने की चीजों के दाम बढ़ाने पड़ेंगे, जिससे सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। “होटल उद्योग को कोई विशेष अधिकार या टैक्स छूट नहीं मिल रही है। अगर यह बढ़ोतरी वापस नहीं ली गई, तो पंजाब के कई होटल और ढाबे बंद होने की कगार पर पहुँच जाएंगे। हम केंद्र सरकार से मांग करते हैं कि इस जनविरोधी फैसले को तुरंत बदला जाए।” — सतीश अरोड़ा, अध्यक्ष, पंजाब होटल एसोसिएशन