किशनगंज के करोड़पति SDPO गौतम कुमार के बाद टाउन थाना प्रभारी अभिषेक रंजन के ठिकानों पर EOU ने छापेमारी की है। यह कार्रवाई किशनगंज, पटना और छपरा में स्थित उनके पांच अलग-अलग ठिकानों की गई। किशनगंज में सरकारी आवास और चेंबर में रेड की गई। यहां टीम को 6.75 लाख रुपए मिले हैं। थाना के मुंशी के माध्यम से पैसे लेन-देन के सबूत मिलने के साथ साथ सिलीगुड़ी के दार्जिलिंग रोड में 6 कट्ठा जमीन के कागजात मिले हैं। 4 गाड़ियों से EOU की 9 सदस्यीय टीम मंगलवार सुबह 8 बजे पहुंची, इसमें एक महिला अधिकारी भी शामिल हैं। पटना के रामकृष्णा नगर में टीम छापेमारी करने पहुंची। अभिषेक रंजन सारण के रहने वाले हैं, जिले के भेल्दी थानां क्षेत्र में उनके पैतृक गांव पैगा में EOU ने सुबह-सुबह दबिश दी। टीम दस्तावेज और सामानों को खंगाली है। अभिषेक रंजन के खिलाफ आय से 1 करोड़ 70 लाख 22 हजार अधिक का केस दर्ज किया गया है। सूत्रों की माने को टाउन थाना अध्यक्ष अभिषेक कुमार को विभागीय कार्रवाई के कारण एसपी ने पद से हटा दिया हैं। थाना अध्यक्ष के ड्राइवर हरेंद्र से भी जांच एजेंसी पूछताछ कर रही है। अभिषेक कुमार के माफिया से साठगांठ की बात भी सामने आ रही है। पटना के शाहपुर में घर के अलावे दो जगह जमीन भी है। रेड से जुड़ी कुछ तस्वीरें…
डायरी में लेन-देन का जिक्र किशनगंज में आवास के पास के जंगल से एक डायरी मिली है। बताया जा रहा है कि इस डायरी में कई लोगों के नाम दर्ज है। डायरी में लेन देन का भी जिक्र है। पटना में टीम को करना पड़ा इंतजार पटना के रामकृष्णा इलाके के देवनगर कॉलोनी में EOU ने रेड की है। सुबह 8 बजे 8 लोगों की टीम छापेमारी करने पहुंची। इस छापेमारी का नेतृत्व DSP सीपी यादव कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि, ये अभिषेक कुमार रंजन का अपना मकान है। टीम के आने पर घर पर कोई सदस्य मौजूद नहीं था, इसलिए टीम को घंटों परिजनों का इंतजार करना पड़ा। 2009 बैच के दरोगा हैं अभिषेक रंजन अभिषेक रंजन 2009 में दारोगा के रूप में पुलिस विभाग में नियुक्त हुए थे। इसके बाद पुलिस निरीक्षक पद पर प्रोन्नति मिली थी। अभिषेक रंजन ने दिसंबर 2024 में किशनगंज सदर थाना का पदभार ग्रहण किया था। हालांकि किशनगंज में सबसे पहले वह बहादुरगंज थाना अध्यक्ष बने इसके बाद किशनगंज टाउन थाना अध्यक्ष बनाया गया। अभिषेक रंजन पटना के गोपालपुर थाना समेत अलग-अलग थानों में भी थानेदार रह चुके हैं। शाहपुर में भी घर बनाया है। इसके अलावा भी गोपालपुर और गौरी चक इलाके में जमीन है। जिले में महज पंद्रह दिनों में लगातार दूसरी बार एसवीयू की कार्रवाई हुई है।इससे पहले 31 मार्च को पूर्व एसडीपीओ गौतम कुमार के सरकारी आवास पर आर्थिक अपराध इकाई के द्वारा छापेमारी की गई थी। कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप है। जमींदार परिवार से आते है SHO
SHO अभिषेक रंजन मूल रूप से भेल्दी थाना क्षेत्र के पैगा गांव के रहने वाले हैं। वो तीन भाइयों में सबसे छोटे हैं। सबसे बड़े भाई मिथिलेश श्रीवास्तव पटना में ठेकेदारी का काम करते हैं। जबकि दूसरे नम्बर के भाई सुरेश श्रीवास्तव भी बाहर में रहकर व्यवसाय करते हैं। पिताजी रवि भूषण श्रीवास्तव सरकारी नौकरी में थे। रिटायर्ड होने के बाद पटना रहते थे, वहीं 1 साल पहले उनकी मृत्यु हो गई। अभिषेक रंजन का पैतृक गांव में कम आना जाना होता है। वह ज्यादातर पटना में ही रहते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि अभिषेक रंजन पूर्व के जमींदार परिवार से ताल्लुकात रखते हैं। पैगा सहित आसपास के कई गांव में सैकड़ो साल पुरानी उनकी पैतृक संपत्ति है। अभिषेक रंजन के दादा का बनाया पुराना घर खंडहर हो गया है। जिससे परिवार के सदस्यों को गांव में आने के बाद रहने में परेशानी होती थी। इसलिए वे मुख्य सड़क के किनारे एक नए घर का निर्माण करावा रहे है। एक समय मे अभिषेक रंजन का परिवार मजबूत खेतिहर किसान परिवार था। लेकिन बीतते समय के साथ सभी लोग गांव छोड़कर शहर के तरह पलायन कर गए। जमींदार परिवार होने के चलते अभी भी क्षेत्र में मजबूत पकड़ और अचल संपत्ति है। खबर अपडेट की जा रही है…..