कुरुक्षेत्र जिले के थानेसर से कांग्रेस विधायक अशोक अरोड़ा ने देश-प्रदेश की सियासी उठापटक पर तीखा बयान दिया है। उन्होंने BJP पर गंभीर आरोप लगाए और दलबदल करने वाले नेताओं पर भी सवाल उठाए। साथ ही दुष्यंत चौटाला और सीआईए के इंचार्ज के बीच चल रहे विवाद पर दुष्यंत चौटाला का समर्थन किया। मीडिया से बातचीत में अशोक अरोड़ा ने कहा कि देश में प्रजातंत्र की भावना को कमजोर किया जा रहा है। आरोप लगाया कि BJP जिस तरह से खरीद-फरोख्त की राजनीति कर रही है, उससे लोकतंत्र मजाक बनकर रह गया है। ऐसा लगता है BJP वन नेशन और वन पार्टी की सोच को आगे बढ़ाना चाहती है। राघव चड्ढा पर भी साधा निशाना अरोड़ा ने राघव चड्ढा के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी। जिसमें चड्ढा ने कहा था कि उनका दम घुट रहा था। इस पर अरोड़ा ने कहा कि अगर वास्तव में ऐसा था, तो सबसे पहले उन्हें अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए था। राज्यसभा सांसद उन्हें आम आदमी पार्टी ने बनाया था। अगर नैतिकता होती तो पहले इस्तीफा देते, फिर कोई और फैसला लेते। एक MP पर 10 दिन पहले हुई रेड बगैर इस्तीफा दिए BJP में जाना लालच को दिखाता है। जिन नेताओं पर पहले जांच एजेंसियों की कार्रवाई होती है, वही बाद में BJP में शामिल होकर साफ हो जाते हैं। BJP में एक ऐसा MP भी शामिल हुआ, जिस पर 10 दिन पहले ED की रेड पड़ी थी, उस समय तो BJP को चोर बताते थे। क्रॉस वोटिंग करने वाले दे इस्तीफा अरोड़ा ने हरियाणा के 5 विधायकों के क्रॉस वोटिंग किए जाने के मामले में अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि अगर कोई विधायक पार्टी बदलना चाहता है, तो यह उसका अधिकार है, लेकिन जिस पार्टी ने उसे एमएलए बनाया, पहले उस पद से इस्तीफा देना चाहिए। फिर चुनाव लड़े, तभी असली समर्थन का पता चलेगा। क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायक भी इस्तीफा दे। दुष्यंत चौटाला के समर्थन में उतरे अशोक अरोड़ा ने हाल ही में हुए पुलिस इंस्पेक्टर विवाद में दुष्यंत चौटाला का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि जिस तरह से एक पुलिस इंस्पेक्टर ने बिना वर्दी के कार्रवाई की, वह गलत है और इसकी जांच होनी चाहिए। अगर किसी को सुरक्षा दी गई है और उसके साथ इस तरह का व्यवहार होता है, तो यह गंभीर मामला है। संबंधित इंस्पेक्टर पर कार्रवाई होनी चाहिए।