केंद्रीय रेल राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू ने सीएम भगवंत मान को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने उन्हें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई का एजेंट करार दिया है। उन्होंने कहा, “आईएसआई के कहने पर हमारे देश को खतरे में डालना चाहता है और प्रधानमंत्री जी के काम में बाधा डालना चाहता है। लोगों को मैं कहना चाहता हूं कि इस पर नज़र रखो।” आइए अब जानते हैं कि आखिर बिट्टू ने सीएम को क्या कहा 1. केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत सिंह बिट्टू आज चंडीगढ़ में थे। इस दौरान वह बलटाना में एक प्रोजेक्ट का शुभारंभ करने पहुंचे थे। इस दौरान जब मीडिया ने उनसे पूछा कि सीएम भगवंत मान पीएम की विदेश यात्राओं पर तंज कस रहे हैं, तो इसके जवाब में उन्होंने सीएम पर तंज कसते हुए कहा, “तू प्राइम मिनिस्टर की बराबरी करता है? नहीं, तू प्राइम मिनिस्टर के बराबर काम कर लेगा? देश का प्रधानमंत्री है वह, उसने दुनिया में जाना ही है। अगर वह दुनिया में नहीं जाएगा, तो दुनिया में कैसे तेल और गैस की ये चीजें हल करेगा? वह यूएई गए, उन्होंने वहां कहा कि यहां हमारा स्टॉक जमा करो। ” 2. केंदीय मंत्री ने आगे कहा, “छोड़ो यार, एक मिनट, एक गंभीर (सीरियस) बात है यार। प्रधानमंत्री जी अगर देश के नाते कहीं जाते हैं, तो वहां देश जाता है। इस वजह से यह बहुत-बहुत गंभीर बात है। यह कहीं न कहीं… मुझे नहीं पता अयाली का, पर मैं यह बात कहना चाहता हूं कि यह आदमी आईएसआई (ISI) का एजेंट है। आईएसआई के कहने पर हमारे देश को खतरे में डालना चाहता है और प्रधानमंत्री जी के काम में बाधा डालना चाहता है। लोगों को मैं कहना चाहता हूँ कि इस पर नज़र रखो।” जब मीडिया ने सवाल किया, “कौन जी कौन?” तो बिट्टू ने जवाब दिया, “यह भगवंत मान। चलो बस।” पिछले कुछ दिनों से सीएम पीएम पर हमलावर अप्रैल के आखिर में आम आदमी पार्टी के छह राज्यसभा सांसद बीजेपी में शामिल हो गए थे। उसके बाद से सीएम पीएम नरेंद्र मोदी पर लगातार जुबानी हमला कर रहे हैं। लेकिन मौजूदा विदेश दौरे को लेकर वह ज्यादा हमलावर दिखे। चंडीगढ़ से लेकर पटना साहिब, बिहार तक उन्होंने पीएम को घेरा। सीएम ने कहा कि पीएम मोदी पश्चिम एशिया संकट के बीच देशवासियों से ईंधन बचाने, विदेशी मुद्रा रिजर्व रखने, सोना न खरीदने और विदेश यात्रा टालने की अपील कर रहे हैं, लेकिन खुद विदेश यात्राएं कर रहे हैं। उन्होंने इस दौरान पेट्रोल-डीजल के दामों में ₹3 की वृद्धि की आलोचना की और इसे एक ‘अघोषित लॉकडाउन’ बताया। इसके बाद 19 मई 2026 को उन्होंने इस मुद्दे पर दोबारा केंद्र को घेरते हुए तंज कसा कि पीएम मोदी को अपने पुराने बयानों और ‘माई फ्रेंड डोनाल्ड ट्रंप’ का हवाला देकर देश को बताना चाहिए कि आखिर देश की असल आर्थिक स्थिति और विदेश नीति क्या है।