मधेपुरा के गम्हरिया में मंगलवार शाम एक कैंडल मार्च सह न्याय पदयात्रा निकाली गई। यह पदयात्रा चंदनपट्टी से बस स्टैंड गम्हरिया तक आयोजित की गई, जिसका उद्देश्य मौलाना तौसीफ रजा और एक नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता को न्याय दिलाना था। बीते दिनों किशनगंज जिले के ठाकुरगंज गांव के बाखोटोली निवासी मौलाना तौसीफ रजा उत्तर प्रदेश से एक कार्यक्रम के बाद ट्रेन से अपने घर लौट रहे थे। यात्रा के दौरान कुछ असामाजिक तत्वों ने उनकी वेशभूषा और मजहब के आधार पर उनसे बदसलूकी शुरू कर दी। मौलाना तौसीफ ने खतरे को भांपते हुए अपनी पत्नी तबस्सुम खातून को संभावित अनहोनी की जानकारी दी और पुलिस को फोन कर जान बचाने की गुहार लगाई। इसी बीच, असामाजिक तत्वों ने बेरहमी से मारपीट की और अंततः उन्हें रायबरेली के निकट चलती ट्रेन से फेंक दिया, जिससे उनकी मृत्यु हो गई। वहीं, पटना और गयाजी रेलखंड के बीच एक अन्य घटना में एक नाबालिग बच्ची अपने गांव जहानाबाद से नानीगांव बेलागंज जा रही थी। रास्ते में कुछ असामाजिक तत्वों ने ट्रेन की जंजीर खींचकर उसे रोका, बच्ची को अगवा कर बहियार में ले गए और सामूहिक दुष्कर्म कर छोड़ दिया। इन दोनों गंभीर घटनाओं में न्याय की मांग को लेकर गम्हरिया में यह कैंडल मार्च और पदयात्रा आयोजित की गई।