गयाजी में एक कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के ऊपर पत्थर फेंके जाने का मामला सामने आया है। उन पर दो पत्थर फेंके गए। राहत की बात रही कि केंद्रीय मंत्री बाल-बाल बच गए। पुलिस ने इस मामले में दो युवक को हिरासत में लिया है। इनसे पूछताछ की जा रही है। वहीं दो फरार युवकों की तलाश में पुलिस छापेमारी कर रही है। पूछताछ में युवकों ने पुलिस को बताया कि वो 4 की संख्या में थे। सभी टॉयलेट के लिए बाहर निकले थे। इस बीच सोशल मीडिया पर फेमस होने के उद्देश्य से जीतनराम मांझी के कार्यक्रम में घुस गए और पत्थरबाजी की इस घटना को अंजाम दे दिया। घटना खिजरसराय प्रखंड के सीसवर स्थित संत थॉमस इंग्लिश स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान हुई। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल है। समर्थकों का कहना है कि लगातार मांझी परिवार को टारगेट किया जा रहा है। स्कूल परिसर में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री को सम्मानित किया गया था। सम्मान समारोह के बाद जैसे ही वे मंच से लोगों को संबोधित करने पहुंचे, तभी कार्यक्रम स्थल के बाहर से युवकों ने पत्थर फेंक दिया। पत्थर सीधे मंच की ओर आया। अचानक हुई इस घटना से शोर शराबा होने लगा। सुरक्षाकर्मी तुरंत हरकत में आ गए और केंद्रीय मंत्री को सुरक्षा घेरे में ले लिया। हिरासत में लिए गए युवक आसपास के गांव के है घटना के बाद खिजरसराय पुलिस हरकत में आई और मौके से दो युवकों को पकड़ लिया। हिरासत में लिए गए युवक भी आसपास के गांव के बताए जा रहे हैं। हालांकि पुलिस इस मामले में ज्यादा डिटेल बताने से बच रही है। घटना के बाद हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के नेताओं और समर्थकों में भारी नाराजगी है। पार्टी नेताओं का कहना है कि बीते कुछ दिनों से लगातार मांझी परिवार को निशाना बनाया जा रहा है। हाल ही में बाराचट्टी विधायक ज्योति देवी पर हमला हुआ था। उग्र लोगों को देख ज्योति मांझी दहशत में आ गईं थी। फिर विधायक ने अपने स्थानीय लोगों को घटना की सूचना दी। इसके बाद ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जुटी और उन लोगों की की मदद से किसी तरह सुरक्षित निकली। विधायक ने पुलिस को दिए आवेदन में कहा कि साल 2025 विधानसभा चुनाव के समय से हमपर हमले हो रहे हैं। इसकी सूचना पुलिस प्रशासन को पहले भी दी गई, लेकिन हालात नहीं बदले। विधायक ने इस बार घटना का वीडियो और तस्वीर भी पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपे हैं। इसके बाद सोशल मीडिया पर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी के खिलाफ अभद्र टिप्पणी और वायरल वीडियो का मामला सामने आया। अब सीधे कार्यक्रम में पत्थर फेंके जाने की घटना ने सियासी माहौल को और गर्म कर दिया है। आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे HAM(S) समर्थकों का कहना है कि दलित नेतृत्व को दबाने और डराने की कोशिश की जा रही है। वहीं विपक्ष इस पूरे मामले में सरकार और प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है। लोगों का कहना है कि जब एक केंद्रीय मंत्री सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। कार्यक्रम स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। नीमचक बथानी एसडीपीओ सुरेंद्र सिंह ने घटना की पुष्टि की है। लेकिन उन्होंने फिलहाल कुछ भी बताने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पत्थर चले हैं। दो लड़कों को पकड़ा गया है, उनसे पूछताछ की जा रही है। हर एंगल से जांच पड़ताल की जा रही है। वहीं SSP सुशील कुमार ने कहा कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं आई है। सुरक्षाकर्मी को भी पत्थर नहीं लगे हैं। हमने कई लोगों से बातचीत की। किसी ने नहीं कहा कि सुरक्षा कर्मी को चोट आई है।