चंडीगढ़ नगर निगम का एजेंसियों को आदेश:पेंडिंग काम 15 दिन में पूरा करें, वरना ब्लैकलिस्ट; मनमानी करनी है तो मीटिंग न बुलाए

चंडीगढ़ नगर निगम की बैठक शुरू होते ही हंगामा हो गया। इस दौरान संसद में महिला आरक्षण बिल पास न होने का मुद्दा गरमा गया। भाजपा की महिला पार्षदों ने कहा कि महिलाओं को 33 फीसदी आरक्षण मिलना चाहिए। वहीं मेयर सौरभ जोशी ने कहा कि पार्षदों का निंदा प्रस्ताव स्वीकार कर इसे टेबल एजेंडा में शामिल किया जाएगा। इस पर कांग्रेस के पार्षदों ने भी हंगामा किया। पार्षद मेयर तक पहुंच गए। फिलहाल मेयर ने आदेश दिया कि जिन कंपनियों ने तय समय बीतने के बाद भी अलॉट किए गए काम पूरे नहीं किए हैं, उन्हें 15 दिन के भीतर काम पूरा करना होगा। वरना ऐसी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। भाजपा पार्षद गुरबख्श रावत ने कहा कि अगर अधिकारियों ने अपने मन की ही करनी है, तो हमें मीटिंग में न बुलाया जाए। इस पर मेयर ने कहा कि सारे पार्षद मेरे ऑफिस में आएं, वहीं बैठकर बात करेंगे। उन्होंने कहा कि जो अधिकारी बात नहीं सुन रहे हैं, उनके नाम बताए जाएं। मेयर ने माहौल को शांत करते हुए मीटिंग को लंच तक स्थगित कर दिया। अब लंच के बाद दोबारा मीटिंग शुरू होगी। 50 हजार से ऊपर बुकिंग, फिर भी AC बंद नगर निगम हाउस की बैठक में कांग्रेस पार्षद गुरप्रीत ने कहा कि शहर के कम्युनिटी सेंटरों में लगे AC की सर्विस नहीं हो रही। लोग 50 हजार रुपए से अधिक की बुकिंग देते हैं, फिर भी सुविधाएं सही नहीं मिल रहीं। इस दौरान सदन में “कांग्रेस मुर्दाबाद” के नारे लगे। गुरप्रीत ने कहा कि इसमें पार्षदों की नहीं, बल्कि निगम अधिकारियों की गलती है। 15 दिन में काम पूरा करो, वरना ब्लैकलिस्ट सभी दलों के पाषर्दों ने कहा गया कि जिन कंपनियों को विकास के काम अलॉट किए गए हैं, वे समय पर काम नहीं कर रही हैं। दो-दो साल हो गए हैं और लोग परेशान हो चुके हैं। सड़कें टूटी पड़ी, सीवरेज लाइनों का काम अधूरा है। इस पर मेयर ने अधिकारियों से पूछा कि पिछले समय में कितनी कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया गया, जो समय पर काम नहीं कर रही थीं। कोई जवाब नहीं दे पाया। मेयर ने आदेश दिए कि जिन एजेंसियों को अलॉट हुआ काम तय समय पूरा होने के बाद पेंडिंग पड़ा हैं, उसे पूरा किया जाए। वरना 15 दिन में कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा। कोई नोटिस नहीं दिया जाएगा। साथ ही अगली मीटिंग में एक्शन टेकन रिपोर्ट पेश की जाए। विकास कार्यों पर फोकस नए प्रस्तावों में सड़कों की मरम्मत प्रमुख मुद्दा रहेगा। रोड डिवीजन नंबर-1 के अंतर्गत आने वाली सड़कों और पार्किंग क्षेत्रों की री-कारपेटिंग के लिए 1710.93 लाख रुपए का संशोधित बजट पास किया जा सकता है। इसके अलावा शहर की सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए अटावा, बुड़ैल, मलोया, कजहेड़ी और डड्डूमाजरा समेत 10 इलाकों में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए औपचारिक समझौते का प्रस्ताव रखा जाएगा। सड़क कार्यों में तेजी लाने के लिए 242.67 लाख रुपए की लागत से 4 टिप्पर और 3 हाइड्रोलिक एक्सकेवेटर-कम-लोडर खरीदने पर भी चर्चा होगी। गीले कचरे को जैविक खाद में बदलने के लिए एंजाइमेटिक ऑर्गेनिक कंपाउंड आधारित नए प्रोजेक्ट को स्विस चैलेंज मोड में शुरू करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। सदन की बैठक में ये प्रस्ताव आएंगे मौजूदा पाइपलाइन में लीकेज और बार-बार खराबी की समस्या के कारण पानी की बर्बादी हो रही है। नई पाइपलाइन बिछाने से पानी की सप्लाई सुचारु और नियमित हो सकेगी। इससे क्षेत्र के निवासियों को कम दबाव और गंदे पानी की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है। यह प्रोजेक्ट भविष्य में बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जाएगा, ताकि लंबे समय तक समस्या न हो। नया प्लांट लगाने की तैयारी शहर में बागवानी कचरे के प्रबंधन के लिए 60 टीपीडी क्षमता का नया प्लांट लगाने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। यह प्रोजेक्ट रॉयल्टी बेसिस पर होगा। मेसर्स पलक एग्रो इंडस्ट्रीज ने प्रति मीट्रिक टन 92.50 रुपए रॉयल्टी देने की सहमति दी है। कंपनी को मौजूदा 30 टीपीडी प्लांट का संचालन भी करना होगा। यह ठेका 7 साल के लिए होगा, जिसे प्रदर्शन के आधार पर 3 साल और बढ़ाया जा सकता है। बैठक में स्ट्रीट वेंडर सरला सिंह के बकाया माफ करने के मामले पर भी विचार किया जाएगा। टाउन वेंडिंग कमेटी ने बकाया न भरने पर उसका सर्टिफिकेट रद्द कर दिया था, लेकिन अपीलेट अथॉरिटी ने 15 सितंबर 2025 को मामले पर पुनर्विचार के निर्देश दिए थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *