अंतरराष्ट्रीय नर्स दिवस के अवसर पर गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल, चंडीगढ़ की सीनियर नर्सिंग ऑफिसर पूनम वर्मा को नेशनल फ्लोरेंस नाइटिंगेल अवार्ड 2026 से सम्मानित किया गया है। उन्हें यह सम्मान देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रदान किया। पूनम शर्मा पिछले 25 वर्षों से नर्सिंग क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं। कोविड काल के दौरान उन्होंने फ्रंटलाइन वर्कर के रूप में मरीजों की देखभाल करते हुए कठिन परिस्थितियों में भी अपनी ड्यूटी निभाई। इसके अलावा ब्रेस्ट कैंसर जागरूकता अभियानों में भी उनकी सक्रिय भूमिका रही है। वहीं, एएलएस/बीएएलएस (ALS/BLS) प्रशिक्षण, और आईसीयू (ICU) संचालन में उत्कृष्टता के लिए यह सम्मान प्रदान किया गया है इन 14 हस्तियों को भी किया सम्मानित इस पुरस्कार का उद्देश्य उन नर्सों के समर्पण, साहस और सेवा भावना को सम्मान देना है, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी मानव सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। समारोह में कुल 14 नर्सिंग कर्मियों को सम्मानित किया गया, जिनमें लद्दाख की कुलविंदर पाड़ी, महाराष्ट्र की उज्ज्वला महादेव सोयम, मिजोरम की लालन थांगी नामटे, सिक्किम की मधुमाला गुरुंग, उत्तराखंड की पूजा परमार राणा, पश्चिम बंगाल की गीता कर्माकर, चंडीगढ़ की पूनम वर्मा, दादर एवं नगर हवेली वदमन-दीव की दीपा बीजू, दिल्ली के डॉ. श्रवण कुमार ढाका, गोवा की रक्षा रूपो पर्वतकर, कर्नाटक की कविता जगन्नाथ, केरल की मंजू मोल वीएस, लक्षद्वीप की आयशा बीबी के, तमिलनाडु के प्रोफेसर डॉ. आर. शंकर शमुगम तथा सैन्य नर्सिंग सेवा की मेजर जनरल लिसम्मा पीवी शामिल रहीं। नौकरी के साथ पढ़ाई जारी रखी पूनम वर्मा ने आईसीयू एसओपी (ICU SOP) विकास और क्लीनिकल उत्कृष्टता में महत्वपूर्ण योगदान दिया । पूनम ने नौकरी के साथ अपनी पढ़ाई जारी रखी और जीएनएम से लेकर बीएससी, एमएससी व अन्य डिप्लोमा कोर्स पूरे किए। कई रिसर्च प्रोजेक्ट्स में योगदान देने के साथ वह बेसिक लाइफ सपोर्ट की इंस्ट्रक्टर भी रहीं और स्वास्थ्यकर्मियों को प्रशिक्षण देती रही हैं। लक्ष्य सर्टिफिकेशन के तहत लेबर रूम और आईसीयू की एसओपी टीम में भी उनका योगदान महत्वपूर्ण रहा। पूनम वर्मा के पति सुलेमान भी पीजीआई में सीनियर नर्सिंग ऑफिसर हैं।