चंडीगढ़ में भीषण गर्मी और हीटवेव को देखते हुए स्कूलों में आयोजित किए जा रहे समर कैंपों को लेकर फैसला लिया गया है। चंडीगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग (सीसीपीसीआर) ने गर्मी की छुट्टियों के दौरान समर कैंप में आउटडोर गतिविधियों पर पाबंदी लगाने के आदेश जारी किए हैं। आयोग ने कहा है कि बच्चों को तेज धूप और गर्म हवाओं से बचाना जरूरी है। ऐसे में दोपहर के समय किसी भी तरह की बाहरी गतिविधियां नहीं करवाई जाएंगी। स्कूलों और संस्थानों को बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। पड़ सकता है स्वास्थ्य पर असर सीसीपीसीआर ने स्कूलों को सलाह दी है कि समर कैंप के दौरान बच्चों को केवल सुरक्षित और ठंडे वातावरण में ही गतिविधियों में शामिल किया जाए। आयोग ने कहा कि लगातार बढ़ते तापमान और लू के कारण बच्चों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। इससे पहले आयोग ने हीटवेव को लेकर एडवाइजरी भी जारी की थी। इसके बाद शिक्षा विभाग, चंडीगढ़ प्रशासन ने 23 मई से सभी सरकारी, निजी और सहायता प्राप्त स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश घोषित कर दिया। खुले में गतिविधियां करवाना जोखिम भरा हालांकि आयोग के संज्ञान में आया कि कई स्कूल छुट्टियों के दौरान समर कैंप आयोजित कर रहे हैं। इसे देखते हुए आयोग ने स्पष्ट किया कि कैंप बच्चों की रचनात्मकता और ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए अच्छे हैं, लेकिन मौजूदा मौसम में बच्चों को खुले में गतिविधियां करवाना जोखिम भरा हो सकता है। सीसीपीसीआर की अध्यक्ष शिप्रा बंसल ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सबसे महत्वपूर्ण है। उन्होंने स्कूलों और संस्थानों से जिम्मेदारी के साथ काम करने की अपील की ताकि कोई भी बच्चा भीषण गर्मी के संपर्क में न आए। उन्होंने अभिभावकों से भी अपील की कि बच्चों को पर्याप्त पानी पिलाएं, धूप में बाहर भेजने से बचें और गर्मी के दौरान जरूरी सावधानियां जरूर बरतें।