चंडीगढ़ क्रेस्ट घोटाले की जांच केंद्र तक पहुंची:पूर्व CEO नवनीत श्रीवास्तव निलंबित, निदेशक सुखविंदर अबरोल हो चुका गिरफ्तार, जांच के दायरे में अधिकारी

चंडीगढ़ में नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े बहुचर्चित बैंक घोटाले में अब अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू हो गई है। आईडीएफसी फर्स्ट बैंक से संबंधित वित्तीय अनियमितताओं के सामने आने के बाद प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए क्रेस्ट के पूर्व CEO और भारतीय वन सेवा (IFS) अधिकारी नवनीत कुमार श्रीवास्तव को निलंबित कर दिया है। प्रशासन की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने यह आदेश जारी किया, जिसके बाद विभागीय हलकों में हलचल तेज हो गई है। जानकारी के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान नवनीत श्रीवास्तव को मुख्यालय में रिपोर्ट करना होगा। इससे पहले उन्हें पिछले सप्ताह ही CEO पद से हटा दिया गया था। मामले में पुलिस पहले ही एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर चुकी है और जांच का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। निदेशक सुखविंदर अबरोल हो चुका गिरफ्तार इस घोटाले में क्रेस्ट के पूर्व परियोजना निदेशक सुखविंदर अबरोल को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है और वह इस समय न्यायिक हिरासत में है। पुलिस की जांच में नगर निगम और क्रेस्ट से जुड़े कई अन्य कर्मचारियों और अधिकारियों की पहचान भी सामने आई है, जिनमें से कुछ को हिरासत में लिया जा चुका है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में इस मामले में और भी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। पिछले महीने हुई नगर निगम की सदन बैठक में पार्षदों ने इस पूरे मामले की जांच सीबीआई से करवाने की सिफारिश भी पारित की थी। प्रशासन इस घोटाले को गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रहा है। टैक्सी के जरिए पहुंचाया गया कैश सूत्रों से पता चला अबरोल ने पुलिस पूछताछ में बताया यह रकम दो बार टैक्सी से गाजियाबाद भेजी गई, जहां इसे IFS अफसर के रिश्तेदार के घर पहुंचाया गया। उसने टैक्सी चालक का नाम भी पुलिस को बताया है। अब पुलिस सबसे पहले टैक्सी चालक से पूछताछ करेगी, जिसके बाद संबंधित IFS अफसर से भी पूछताछ की तैयारी है। वहीं इस पूरे मामले में चंडीगढ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया भी नजर बनाए हुए हैं और उन्हे इस पूरे मामले की जानकारी दी जा रही है। एफडी घोटाले में नलिनी भी जेल भेजी पुलिस रिमांड खत्म होने के बाद सुखविंदर अबरोल को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है और वह इस समय बुडैल जेल में बंद है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट से जुड़े 118 करोड़ रुपए के फर्जी एफडी मामले में गिरफ्तार चीफ फाइनेंस ऑफिसर नलिनी को भी कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने दोबारा रिमांड नहीं मांगा और उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एनपी शर्मा के खिलाफ सबूत नहीं मिले मामले में पूर्व चीफ इंजीनियर एनपी शर्मा से पूछताछ की गई, लेकिन अब तक उनके खिलाफ कोई ठोस सबूत नहीं मिले हैं। जांच में न तो उनके खातों में संदिग्ध लेनदेन मिला और न ही एफडी से जुड़े दस्तावेजों पर उनके हस्ताक्षर पाए गए। जांच में सामने आया है कि ज्वैलर अनुभव मिश्रा ने अपने माता-पिता के खातों में करीब 70 लाख रुपए ट्रांसफर करवाए। बताया जा रहा है कि इस रकम से उसने एक प्रॉपर्टी भी खरीदी है, जिसकी जानकारी पुलिस जुटा रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *