पंजाब यूनिवर्सिटी मामले में चंडीगढ़ पुलिस की ऑपरेशन सेल ने विदेश में बैठे गैंगस्टर डोनी बल और शगनप्रीत गैंग से जुड़े 4 मुख्य शूटरों को अरेस्ट किया है। आरोपियों के कब्जे से 3 अत्याधुनिक ऑटोमैटिक पिस्टल और 16 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। आरोपियों की गिरफ्तारी से पंजाब के दो चर्चित मर्डर केस और खन्ना फायरिंग केस की गुत्थी भी सुलझ गई है। इनमें गोपी निज्जर हत्याकांड और अमृतसर में 12वीं के छात्र अमरजोत सिंह की हत्या का मामला शामिल है। आरोपियों को डीआईजी राजीव रंजन सिंह की सुपरविजन में ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों और इंस्पेक्टर सतविंदर सिंह की अगुवाई में पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान गौरव उर्फ गोला, रजत उर्फ गुड्डा, रवि निज्जर उर्फ काली और आर्यन के रूप में हुई है। सभी आरोपी पंजाब और हरियाणा के रहने वाले हैं। SOPU प्रधान पर की फायरिंग पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने खुलासा किया कि विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के निर्देश पर उन्होंने पंजाब यूनिवर्सिटी में SOPU प्रधान जशन जवांधा को निशाना बनाने की योजना बनाई थी। इसके लिए आरोपी गौरव उर्फ गोला, रजत, जसप्रीत सिंह उर्फ गुज्जर और रवि उर्फ काली यूनिवर्सिटी कैंपस में हथियारों के साथ पहुंचे थे। पुलिस के अनुसार आरोपियों ने पहले से रेकी कर रखी थी और कैंपस में जशन जवांधा की मूवमेंट पर नजर रखी जा रही थी। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी पंजाब यूनिवर्सिटी के पिछले गेट की तरफ से भाग निकले ताकि पुलिस और सुरक्षा कर्मियों से बचा जा सके। भागते समय आरोपियों ने यूनिवर्सिटी के बाहर मंदिर के पास एक व्यक्ति को गन पॉइंट पर रोक लिया। आरोपियों ने हथियार दिखाकर उससे बुलेट मोटरसाइकिल छीनी और उसी बाइक पर मोहाली की तरफ फरार हो गए। पुलिस ने इस संबंध में लूटपाट और आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। आरोपी विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के संपर्क में थे जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के दौरान आरोपी लगातार विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के संपर्क में थे। वे एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिए निर्देश ले रहे थे ताकि उनकी बातचीत ट्रेस न हो सके। पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि फरारी के दौरान उन्हें ड्रग्स खरीदने और छिपने के लिए भी पैसे भेजे गए थे। यह रकम अलग-अलग माध्यमों और QR कोड के जरिए पहुंचाई जाती थी। जांच एजेंसियां अब इस फंडिंग नेटवर्क और गैंग के अन्य सहयोगियों की पहचान में जुटी हैं। गोपी निज्जर और अमरजोत मर्डर केस सुलझा आरोपी आर्यन को इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों ने पकड़ा। उसे पंजाब पुलिस भी तलाश रही थी और वह मर्डर केस में भगोड़ा चल रहा था। इस बार आरोपी को चंडीगढ़ पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने कबूल किया कि कपूरथला के चर्चित गोपी निज्जर हत्याकांड में भी उनकी सीधी भूमिका थी। जांच में सामने आया है कि यह हत्या विदेशी गैंगस्टर डोनी बल और शगनप्रीत सिंह के इशारे पर करवाई गई थी। आरोपियों को विदेश में बैठे गैंगस्टरों से लगातार निर्देश मिल रहे थे। वारदात से पहले टारगेट की रेकी करवाई गई और फिर सही मौके पर हमला करने को कहा गया। पूछताछ में आरोपी गौरव उर्फ गोला ने खुलासा किया कि उसने अपने अन्य हथियारबंद साथियों के साथ मिलकर गोपी निज्जर पर फायरिंग की थी। वारदात के दौरान गैंगस्टर उन्हें एन्क्रिप्टेड ऐप्स के जरिए निर्देश दे रहे थे। पुलिस के अनुसार यह हत्या गैंगवार और वर्चस्व की लड़ाई से जुड़ी हो सकती है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि हत्या की साजिश कहां रची गई और इसमें और कौन-कौन लोग शामिल थे। इसके अलावा अमृतसर में 12वीं के छात्र अमरजोत सिंह की हत्या में भी आरोपियों की भूमिका सामने आई है। पुलिस के मुताबिक पूछताछ में आरोपी रजत उर्फ गुड्डा ने खुलासा किया कि 3 मई 2025 को विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत सिंह के निर्देश पर उसने अपने भाई आर्यन और साथी बॉबी के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। रजत ने बताया कि बॉबी नामक आरोपी उन्हें ऑटोमैटिक पिस्टल और कारतूस उपलब्ध करवाकर जलाल गांव की तरफ ले गया था। रास्ते में टारगेट की लोकेशन मिलने के बाद आरोपियों ने हमला किया। पुलिस के अनुसार सबसे पहले रजत उर्फ गुड्डा ने गोली चलाई, जिसके बाद बॉबी ने लगातार कई राउंड फायर किए। इस फायरिंग में अमरजोत सिंह को गोली लगी और उसकी मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तुरंत मौके से फरार हो गए थे और लगातार अपने विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में बने हुए थे। अब पुलिस इस मामले में अन्य फरार आरोपियों और गैंग से जुड़े नेटवर्क की तलाश कर रही है। गौरव उर्फ गोला ने पूछताछ में बताया कि उसने आर्यन और सोनू उर्फ शंगा के साथ मिलकर खन्ना की मंडी में एक आढ़ती की दुकान की रेकी की थी। इसके बाद विदेशी गैंगस्टर शगनप्रीत के कहने पर दुकान पर फायरिंग की गई। एन्क्रिप्टेड एप्स के जरिए गैंगस्टरों से संपर्क जांच में खुलासा हुआ कि गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से विदेशी गैंगस्टर डोनी बल और शगनप्रीत सिंह के सीधे संपर्क में थे। दोनों गैंगस्टर विदेश में बैठकर पंजाब और चंडीगढ़ में अपने नेटवर्क को ऑपरेट कर रहे थे। आरोपी उनसे सीधे फोन कॉल के बजाय एन्क्रिप्टेड सोशल मीडिया एप्लीकेशन के जरिए संपर्क करते थे, ताकि पुलिस उनकी बातचीत ट्रैक न कर सके। आरोपियों को अलग-अलग टास्क दिए जाते थे। इनमें टारगेट की रेकी करना, मूवमेंट की जानकारी जुटाना, फायरिंग करना और टारगेट किलिंग जैसी वारदातों को अंजाम देना शामिल था। आरोपी पहले इलाके की रेकी करते थे और फिर गैंगस्टरों को लोकेशन, फोटो और गतिविधियों की जानकारी भेजते थे। इसके बाद उन्हें वारदात को अंजाम देने के निर्देश मिलते थे। गैंगस्टर आरोपियों को खर्च और हथियारों के इंतजाम के लिए पैसे भेजते थे। यह रकम सीधे बैंक ट्रांसफर की बजाय अलग-अलग लोगों और QR कोड के जरिए भेजी जाती थी, ताकि लेन-देन का रिकॉर्ड आसानी से पकड़ में न आए। पुलिस अब इस फंडिंग नेटवर्क और इस्तेमाल किए गए अकाउंट्स की जांच कर रही है। पंजाब में हत्या मामलों का खुलासा
गौरव पर आरोप है कि उसने अपने साथियों के साथ मिलकर गोपी निज्जर मर्डर केस में फायरिंग की।
रजत और उसका भाई आर्यन, अमृतसर के 12वीं के छात्र अमरजोत सिंह हत्याकांड में शामिल हैं। इसी तरह
रवि निज्जर भी गैंग के सक्रिय शूटर और कई वारदातों में शामिल रहा है।