चंडीगढ़ में आज (7 मई) से यूटी प्रशासन ने 5 नए कानून लागू कर दिए हैं। इन के तहत अब फायर NOC 5 साल तक वैध रहेगी और हर साल रिन्यूअल कराने की जरूरत नहीं होगी। वहीं, बिना लाइसेंस इमिग्रेशन कारोबार करने वालों पर 3 से 5 साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। नए कानूनों के तहत इमिग्रेशन एजेंसियों पर सख्ती बढ़ाई जाएगी, ताकि विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी और मानव तस्करी पर रोक लगाई जा सके। इसके अलावा अब रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य होगा, जिससे मकान मालिक और किरायेदारों के बीच होने वाले विवाद आसानी से सुलझाए जा सकेंगे। अगर किरायेदार एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी मकान खाली नहीं करता, तो उसे पेनल्टी रेंट देना होगा। वहीं, लाल डोरा के अंदर आने वाले रिहायशी इलाकों की संपत्तियों का आधिकारिक रिकॉर्ड और मालिकाना अधिकार भी दिए जाएंगे। साथ ही प्रॉपर्टी खरीद-बिक्री में सही कीमत तय करने और कम कीमत दिखाकर टैक्स चोरी रोकने के लिए भी नए प्रावधान लागू किए गए हैं। सिलसिलेवार जानिए पांचों कानून के बारे में.. 1. भारतीय स्टाम्प (पंजाब संशोधन) अधिनियम, 2001 और 2003 यह कानून प्रॉपर्टी की खरीद-बिक्री में सही कीमत तय करने और स्टाम्प ड्यूटी की वसूली सुनिश्चित करने के लिए लागू किया गया है। इसका मकसद संपत्ति की कीमत कम दिखाकर टैक्स या स्टाम्प ड्यूटी चोरी करने वालों पर रोक लगाना है। नए नियमों से प्रॉपर्टी लेन-देन में पारदर्शिता बढ़ेगी और सरकार को राजस्व नुकसान होने से बचाया जा सकेगा। 2. पंजाब आबादी देह (अधिकारों का रिकॉर्ड) अधिनियम, 2021 इसका कानून उन रिहायशी इलाकों के लिए लागू किया गया है, जो लाल डोरा के अंदर आते हैं और अब तक सरकारी जमीन रिकॉर्ड में सही तरीके से दर्ज नहीं थे। इस कानून के तहत लोगों को उनकी संपत्ति का आधिकारिक रिकॉर्ड और मालिकाना अधिकार दिया जाएगा। इससे जमीन और मकान को लेकर होने वाले विवाद कम होंगे और यह साफ हो सकेगा कि किस संपत्ति का असली मालिक कौन है। साथ ही लोगों को अपनी प्रॉपर्टी के दस्तावेज मिलने से बैंक से लोन लेने और अन्य सरकारी काम करवाने में भी आसानी होगी। 3. पंजाब मानव तस्करी रोकथाम अधिनियम, 2012 और 2014 संशोधन यह कानून ट्रैवल एजेंटों पर निगरानी रखने और विदेश भेजने के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी रोकने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत ट्रैवल एजेंटों के लिए लाइसेंस लेना जरूरी किया गया है, ताकि बिना अनुमति कोई एजेंट काम न कर सके। इसका मुख्य उद्देश्य मानव तस्करी पर रोक लगाना और विदेश में पढ़ाई या नौकरी के सपने देखने वाले छात्रों और युवाओं को फर्जी एजेंटों से बचाना है। नियम तोड़ने वाले एजेंटों के खिलाफ सख्त कार्रवाई, जुर्माना और जेल तक का प्रावधान किया गया है। अगर कोई व्यक्ति मानव तस्करी या अवैध गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसे 3 से 7 साल तक की जेल और भारी जुर्माना हो सकता है। दोबारा अपराध करने पर सजा और ज्यादा सख्त होगी। 4. हरियाणा अग्नि और आपातकालीन सेवा अधिनियम, 2022 चंडीगढ़ में आग से सुरक्षा के इंतजाम मजबूत करने के लिए लागू किया गया है। इस कानून के तहत ऊंची इमारतों, होटल, स्कूल, अस्पताल और फैक्ट्रियों जैसी जगहों पर फायर सेफ्टी नियमों का पालन करना जरूरी होगा। इसके तहत फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट की वैधता बढ़ाई गई है और मंजूरी लेने की प्रक्रिया को पहले से आसान बनाया गया है, ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। लाइसेंस और एनओसी के लिए हर साल रिन्यूअल की आवश्यकता नहीं होगी। यह अनुमति अब 5 साल तक वैध रहेगी। 5. असम किरायेदारी अधिनियम, 2021 इसे पुराने 1949 के किराया कानून की जगह लागू किया गया है। इसका मकसद मकान मालिक और किरायेदार के बीच किराये से जुड़े नियमों को साफ और व्यवस्थित बनाना है। अब लिखित रेंट एग्रीमेंट अनिवार्य होगा। अगर किरायेदार एग्रीमेंट खत्म होने के बाद भी मकान खाली नहीं करता, तो उसे पेनल्टी रेंट देना होगा। पहले दो महीनों तक दोगुना किराया और उसके बाद चार गुना तक किराया देना पड़ सकता है। सिक्योरिटी डिपॉजिट की सीमा आवासीय संपत्ति के लिए दो महीने और गैर-आवासीय के लिए 6 महीने तय की गई है, किराया केवल एग्रीमेंट के अनुसार ही बदला जा सकेगा, मकान मालिक और किरायेदार की जिम्मेदारियां स्पष्ट कर दी गई हैं, जरूरी सेवाएं जैसे बिजली-पानी बंद नहीं की जा सकेंगी, बेदखली के लिए तय कारण रखे गए हैं। ************* ये खबर भी पढ़ें: चंडीगढ़ में सड़कों पर खड़ी नहीं कर सकेंगे गाड़ियां: खाली पड़ी जमीन पर पार्किंग बनेगी, पहले वाली की कैपेसिटी बढ़ेगी, बंद मल्टी पार्किंग दोबारा शुरू होगी चंडीगढ़ में लोगों की आबादी से ज्यादा वाहन हो गए हैं, जिससे पार्किंग की समस्या लगातार बढ़ रही है। इस समस्या से निपटने के लिए नगर निगम नई स्ट्रेटजी पर काम कर रहा है। शहर में जहां-जहां खाली जमीन पड़ी है, उसे चिन्हित किया जा रहा है, ताकि वहां अस्थायी पार्किंग बनाई जा सके। (पढ़ें पूरी खबर)