जज को ब्लैकमेल कर 2 करोड़ की फिरौती मांगने वाला वकील अरेस्ट

चंडीगढ़/रोहतक | साइबर पुलिस स्टेशन चंडीगढ़ की टीम ने चंडीगढ़ के एक जज की शिकायत पर हरियाणा के रोहतक से आरोपी एडवोकेट और उसके दोस्त को अरेस्ट किया है। आरोपी एडवोकेट की पहचान ओमेक्स सिटी के रहने वाले मोहित वर्मा व दोस्त की पहचान याशिम के रूप में हुई है। दोनों को साइबर सेल की टीम ने डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर ले लिया है। सूत्रों के अनुसार साइबर सेल ने आरोपियों के मोबाइल कब्जे में लेकर जांच की है, जिसमे संबंधित जज की एक वीडियो मिली है। साइबर सेल अब आरोपियों से यह जानने का प्रयास कर रही है कि यह वीडियो एआई के माध्यम से बनाई है या सच में ही बनाई है। इसके साथ कब और कहां पर यह वीडियो बनाई गई है। वहीं आरोपियों से इस वीडियो को लेकर टीम पूछताछ भी कर रही है। सूत्रों के अनुसार अप्रैल के पहले सप्ताह में साइबर पुलिस स्टेशन के पास एक जज ने उनको एडवोकेट की ओर से ब्लैकमेल करने की शिकायत दी थी। शिकायत में एडवोकेट जज की वीडियो वायरल न करने के लिए 2 करोड़ की डिमांड कर रहा था। इस शिकायत के आधार पर सबसे पहले साइबर पुलिस स्टेशन ने अपने सीनियर ऑफिसर से मामला विचार विमर्श कर इसमें एडवोकेट खिलाफ रंगदारी मांगने, ब्लैकमेल करने आई आईटी एक्ट के तहत एक सिक्रेट एफआईआर दर्ज की। उसके बाद साइबर सेल ब्लैकमेल करने वाले इस एडवोकेट के बारे में चुपचाप पता करते रहे। जिस पर गत रात ही टीम को पता चला कि एडवोकेट रोहतक का रहने वाला है और वहीं प्रैक्टिस करता है। आपत्तिजनक वीडियो बताई जा रही है.… सूत्रों के अनुसार एडवोकेट मोहित जिस वीडियो के नाम पर जज को ब्लैकमेल कर रहा था वह आपत्तिजनक बताई जा रही है। इसमें जज दिख रहे हैं लेकिन साइबर सेल की जांच चल रही है कि क्या यह एआई से तैयार की गई है या नहीं। इसके अतिरिक्त यह वीडियो पैसे से संबंधित भी है। लेकिन इसको लेकर साइबर सेल जांच कर ही रही है और रिपोर्ट आने पर ही साफ होगा। इसके साथ ही इस बात की चर्चा भी थी कि अब इस आरोपी एडवोकेट का केस कौन अन्य एडवोकेट लडेगा। लेकिन यह समय ही बताएगा कि इस मामले में बचाव पक्ष बनकर कौन का एडवोकेट आता है? शनिवार तड़के एडवोकेट को घर से उठाया सूत्रों के अनुसार साइबर पुलिस स्टेशन चंडीगढ़ की टीम शनिवार तड़के रोहतक के आईएमटी पुलिस स्टेशन में पहुंची और वहां से दो मुलाजिमों को रेड पर चलने के लिए अपने साथ लिया। लोकल मुलाजिमों को साथ लेकर साइबर सेल टीम ओमेक्स कॉम्पलैक्स पहुंची और वहां पर सो रहे एडवोकेट की घर की घंटी बजाई। जैसे ही दरवाजा खुला तो टीम अंदर घुस गई और एडवोकेट मोहित को पकड़ लिया। पुलिस ने उसका मोबाइल भी कब्जे में ले लिया था और उसके घरवालों को भी सारी बात बताई कि वह एक चंडीगढ़ के जज को ब्लैकमेल कर रहा है। सूत्रों के अनुसार पूछताछ में मोहित के साथी याशिम का नाम भी आया। साइबर सेल ने उसको भी उठा लिया था। इन दोनों को यहां कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। ऑफिसर से मामला विचार विमर्श कर इसमें एडवोकेट खिलाफ रंगदारी मांगने, ब्लैकमेल करने आई आईटी एक्ट के तहत एक सिक्रेट एफआईआर दर्ज की। उसके बाद साइबर सेल ब्लैकमेल करने वाले इस एडवोकेट के बारे में चुपचाप पता करते रहे। जिस पर गत रात ही टीम को पता चला कि एडवोकेट रोहतक का रहने वाला है और वहीं प्रैक्टिस करता है।

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