मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में शनिवार को हुई पंजाब कैबिनेट बैठक में ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’ को मंजूरी दे दी है। इस नए कानून के जरिए बेअदबी के दोषियों के लिए सजा को बेहद सख्त बनाते हुए उम्रकैद तक का प्रावधान किया गया है। यह विधेयक बैसाखी के अवसर पर 13 को बुलाए जा रहे विस के विशेष सत्र में पेश किया जाएगा। ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कैबिनेट ने एक बड़े ‘सोलर स्ट्रीट लाइटिंग प्रोग्राम’ को हरी झंडी दी है। राज्य के 11,500 गांवों में 3 लाख सोलर लाइटें लगाई जाएंगी। इस योजना में 70% खर्च राज्य सरकार उठाएगी, जबकि 30% योगदान ग्राम पंचायतों द्वारा किया जाएगा। पहल का मुख्य लक्ष्य गांवों में महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाना व पर्यावरण के अनुकूल ऊर्जा को बढ़ावा देना है। इसे पंजाब ऊर्जा विकास एजेंसी की ओर से लागू किया जाएगा। {शेष पेज 5 पर 5 लाख से 25 लाख रु. तक का जुर्माना भी संभव ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) विधेयक-2026’के नए प्रावधानों के तहत, श्री गुरु ग्रंथ साहिब, श्रीमद्भगवद गीता, पवित्र कुरान और पवित्र बाइबल की बेअदबी करने वाले दोषी को न्यूनतम 10 वर्ष से लेकर अधिकतम उम्रकैद तक की सजा का प्रावधान किया गया है। सजा के साथ-साथ दोषी पर 5 लाख से 25 लाख रुपए तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। बेअदबी का प्रयास करने पर 3 से 5 साल की जेल और 3 लाख तक का जुर्माना हो सकता है। यह अपराध ‘कॉग्निजेबल’ (बिना वारंट गिरफ्तारी) और गैर जमानती होगा। मामले की जांच डीएसपी या उससे ऊपर के रैंक के अधिकारी द्वारा की जाएगी। राज्यपाल तय करेंगे राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है या नहीं वह सब जो आपके लिए जानना जरूरी है मोहम्मद खालिद, एडवोकेट इसे लाने का कारण: सरकार का मानना है कि बीएनएस, 2023 की मौजूदा धाराएं इस तरह के अपराधों को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं थीं। वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने इस संबंध में कहा कि सरकार विशेष सत्र में यह कानून लाने जा रही है। विधानसभा में पारित इस विधेयक को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया को भेजा जाएगा। वे ही इस विधेयक को मंजूरी देकर उसे कानून का रूप देंगे। विधेयक को केंद्र सरकार को नहीं भेजा जाएगा, क्योंकि यह स्टेट का मैटर है। पंजाब विधानसभा में बेअदबी का विधेयक पास होने के बाद राज्यपाल के पास जाएगा। इस विधेयक पर राज्यपाल अपनी लीगल टीम की राय लेंगे और यह भी देखेंगे कि इस विधेयक का केंद्र के कानूनों से कोई टकराव तो नहीं है या इस संबंध में पहले से कोई कानून बना हुआ है। सभी पहलुओं को देखने के बाद राज्यपाल ही तय करेंगे कि इस पर राष्ट्रपति की मंजूरी जरूरी है या नहीं। अगर उन्हें लगा कि मंजूरी जरूरी है तो यह विधेयक राष्ट्रपति के पास जरूर भेजा जाएगा। दायरा बढ़ाया: बेअदबी के दायरे को विस्तृत किया है। इसमें पवित्र ग्रंथों को जलाना, फाड़ना, नुकसान पहुंचाना, विरुपित करना या उनका अपमान करना शामिल है। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब के साथ-साथ ‘पोथी’ व ‘गुटका साहिब’ को भी शामिल किया गया है।