पंजाब में DSP दफ्तर के वॉशरूम में घुसा सांप:कांस्टेबल ने रेस्क्यू किया, बोला-ये शांत स्वभाव का; साल में खाता है 600 चूहे

पंजाब के फरीदकोट में जैतों डीएसपी दफ्तर के एडमिनिस्ट्रेटिव कॉम्पलेक्स के वॉशरूम में सांप घुस गया। जब दफ्तर के कर्मचारी वॉशरूम गए तो अंदर सांप देखकर डर गए। इस पर डीएसपी दफ्तर के कान्सटेबल विक्रम शर्मा ने इसे रेस्क्यू कर बाहर छोड़ा। विक्रम ने अपने इंस्टा अकाउंट पर रेस्क्यू का वीडियो भी शेयर किया है। विक्रम के अनुसार ये घटना 10 अप्रैल की है लेकिन लोगों को अवेयर करने के लिए वीडियो बाद में अपलोड किया गया।
सांप को पकड़ने में 15 से 20 मिनट की मशक्कत करनी पड़ी। विक्रम शर्मा ने बताया कि ये सांप बहुत ही शांत स्वभाव का होता है। जैतो के डीएसपी दफ्तर से रेस्क्यू किया गया यह सांप धामन (कॉमन रैट स्नेक) नस्ल का है। विक्रम के अनुसार इसमें बहुत कम जहर होता है और शांत स्वभाव का होता है। इसे किसानों का मित्र माना जाता है क्योंकि यह साल में लगभग 600 चूहे खाकर फसलों की रक्षा करता है।
गर्मी में सांप निकलना कॉमन विक्रम ने कहा कि अभी गर्मी आ रही है तो ये सांप निकलना पंजाब में कॉमन होगा क्योंकि ये इसी सीजन में निकलते हैं और घरों-दफ्तरों में घुस जाते हैं। इसलिए अपने घरों और सरकारी दफ्तरों के आसपास जितनी भी घास उगी हो उसे काट दें। विक्रम ने कहा कि जब ये सांप निकलता तो दफ्तर के पास एक कंपनी घास की सफाई करवा रही थी जिससे घास से निकलकर ये डीएसपी आफिस के वॉशरूम में आ गया।
सांप रात को ही बनाते हैं शिकार हालांकि इसने किसी को नुकसान नहीं पहुंचाया। उसने बताया कि ये सांप अकसर रात को ही अपना शिकार बनाता है। दिन में बहुत कम अटैक करता है। विक्रम ने बताया कि पहली बार ये इंसान की आंखों की चमक देख चेहरे की तरफ आता है लेकिन फिर शांत हो जाता है। रात को करता वार, बिस्तर झाड़कर ही सोएं
विक्रम ने बताया कि गर्मी के मौसम में निकलने वाले हर सांप को जहरीला समझकर मारें नहीं, क्योंकि पंजाब के मालवा क्षेत्र में मुख्य रूप से कोबरा जहरीले होते हैं। इसलिए सांप दिखने पर उसे मारने के बजाय पेशेवर स्नेक कैचर को बुलाकर सुरक्षित रेस्क्यू करवाएं। इसके साथ ही मालवा एरिया में कॉमन रैट स्नेक ज्यादा दिखता है। ये घरों में बैंड के नीचे, गद्दे के नीचे भी छिपता है, इसलिए गांवों और खुले प्लाट के पास घर बनाकर रह रहे लोग रात को सोने से पहले अपने गद्दे जरूर झाड़क सोएं। जानें पुलिस वाला कैसे बना स्नेक कैचर

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