पंजाब विधानसभा का आज 11 बजे विशेष सत्र बुलाया गया है। एक दिन का यह सत्र खास रहने वाला है। सरकार की ओर से न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने का प्रस्ताव रखा जाएगा। इसके साथ ही AAP के 6 राज्यसभा सांसदों के BJP में शामिल होने के बाद सरकार पर भी खतरा मंडरा रहा है, ऐसे में सरकार आज फ्लोर टेस्ट करवा सकती है, ताकि 6 महीने के लिए निश्चिंत होकर सरकार चलाई जा सके। सूत्रों के अनुसार, AAP ने अपने सभी विधायकों को विधानसभा में हाजिर रहने के लिए व्हिप भी जारी कर दी है। यही नहीं पार्टी ने सभी विधायकों को तय समय से एक घंटा पहले विधानसभा में बुला दिया है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि सभी विधायक समय पर विधानसभा पहुंच जाएं। दरअसल, पार्टी में टूट की सुगबुगाहट के बीच दो दिन पहले सभी सांसदों व विधायकों को जालंधर में बुलाया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उस बैठक में 65 ही विधायक पहुंचे जबकि बाकी नदारद रहे। वहीं तीनों लोकसभा सांसद भी बैठक में नहीं पहुंचे। AAP के पास अभी 117 में से कुल 94 विधायक हैं, जबकि बहुमत के लिए 59 विधायक जरूरी होते हैं। वड़िंग का दावा- 50 विधायक पार्टी छोड़ेंगे राज्यसभा सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद लगातार कयास लगाए जा रहे हैं कि 30 से 35 विधायक राघव चड्ढा व संदीप पाठक के संपर्क में हैं। कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग भी AAP के 50 विधायकों के पार्टी छोड़ने का दावा कर चुके हैं। अकाली दल के नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया भी आप में टूट की बार-बार बात कर रहे हैं। क्या है फ्लोर टेस्ट जानिए अगर विपक्ष सरकार के खिलाफ ‘अविश्वास प्रस्ताव’ लाता है और सरकार उसे जीतकर अपना बहुमत साबित कर देती है, तो विधानसभा के नियमों के अनुसार विपक्ष अगले 6 महीने तक दोबारा ऐसा प्रस्ताव नहीं ला सकता। वहीं सरकार अगर खुद विश्वास प्रस्ताव लाती है और जीत जाती है, तो सामान्य परिस्थितियों में छह महीने तक अविश्वास प्रस्ताव नहीं लाया जा सकता। लेकिन अगर सरकार के ज्यादा विधायक अलग धड़ा बना लें या फिर राज्यपाल को लिखकर दें तो राज्यपाल मुख्यमंत्री को शक्ति परीक्षण के लिए कह सकते हैं। AAP के विधायक पार्टी छोड़ सकते हैं, इस बात की चर्चा क्यों है? सिटिंग MLA को टिकट कटने का डर: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. औलख के अनुसार, आम आदमी पार्टी के कई विधायकों के इस समय विवाद चल रहे हैं या फिर वो पार्टी हाईकमान से नाराज हैं। राज्य में कई विधायक ऐसे हैं, जो एंटी इंकमबेंसी की वजह से पार्टी से किनारा कर सकते हैं। वहीं दूसरी तरफ आम आदमी पार्टी हलकों में अपने लेवल पर सर्वे करवा रही है। विधायाकों को डर है कि उनके टिकट न कट जाएं। डॉ संदीप पाठक के पास सब की रिपोर्ट है। ऐसे में वो उन विधायकों से भी संपर्क साध सकते हैं, जिनकी टिकट कटने का खतरा है। 9 मंत्रियों की हो चुकी कैबिनेट से छुट्टी, वह नाराज: पॉलिटिकल एक्सपर्ट डॉ. औलख के अनुसार आम आदमी पार्टी की सरकार से 9 मंत्रियों की छुट्टी हो चुकी है। कैबिनेट से छुट्टी होने से कहीं न कहीं उनके मन में भी टीस है। जिनकी मंत्रिमंडल से छुट्टी हुई है उनमें- अनमोल गगन मान, चेतन सिंह जौड़ामजरा, कुलदीप सिंह धालीवाल, ब्रह्म शंकर जिम्पा, बलकार सिंह, इंद्रबीर सिंह निज्जर, फौजा सिंह सरारी, विजय सिंगला के अलावा लालजीत भुल्लर के नाम शामिल हैं। लालजीत भुल्लर डीएम रंधावा सुसाइड केस में जेल में हैं। अमृतसर से कुंवर विजय प्रताप कर चुके बगावत: अमृतसर से AAP विधायक व पूर्व आईजी कुंवर विजय प्रताप लंबे समय से पार्टी से नाराज चल रहे हैं। बरगाड़ी कांड को लेकर वो लगातार सरकार को घेरते रहे हैं। यही नहीं उन्होंने अरविंद केजरीवाल के खिलाफ भी खुलकर मोर्चा खोला है। इसके बावजूद पार्टी ने उन्हें निकाला नहीं है। अनमोल गगन मान ने भी पार्टी छोड़ दी थी: खरड़ से विधायक व पूर्व मंत्री गगन अनमोल मान ने भी पिछले साल राजनीति से सन्यास लेने का ऐलान किया था। वो भी मंत्री पद से हटाए जाने के कारण पार्टी से नाराज चल रही थी। हालांकि बाद में पार्टी के पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के मनाने पर वह फिर से एक्टिव हो गईं। *********** ये खबर भी पढ़ें: AAP की टूट से BJP को पंजाब में क्या फायदा: चड्ढा केजरीवाल के खिलाफ नैरेटिव सेट करेंगे, पाठक स्ट्रैटजी बनाएंगे; जानें ‘कैप्टन’ कौन होगा पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले ही आम आदमी पार्टी (AAP) में टूट हो गई। पंजाब के 6 सांसदों ने अचानक पार्टी छोड़ दी। इनमें से 3 राघव चड्ढा, अशोक मित्तल और संदीप पाठक ने भाजपा जॉइन कर ली। अब सबकी नजरें इस बात पर हैं कि पंजाब में AAP के MLA भी टूटेंगे या नहीं। (पढ़ें पूरी खबर)