पंजाब BJP के प्रतिनिधिमंडल ने रविवार को राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया से मुलाकात की। प्रदेश प्रधान सुनील जाखड़ की अगुवाई में हुई इस मुलाकात के दौरान नेताओं ने पंजाब के मौजूदा राजनीतिक हालात, सुरक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक कामकाज को लेकर ज्ञापन सौंपा। इस मौके पर सुनील जाखड़ ने राज्यसभा सांसद संदीप पाठक पर दर्ज मामलों को लेकर कहा, “पर्चों से तो हम निपट लेंगे। बीजेपी पर्चों से डरने वाली नहीं है। यह कोशिश अपने विधायकों को डराने के लिए की जा रही है कि हम संदीप पाठक तक पर हाथ डाल सकते हैं। अगर कोई आगे-पीछे होता है या दल बदलता है, तो उसके खिलाफ पर्चा दर्ज कर दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि राज्यपाल से मांग की गई है कि चीफ सेक्रेटरी को बुलाकर पूछा जाए कि मीटिंग में क्या हुआ था और अफसरों को सुरक्षा दी जाए। पंजाब में सीएम बदलने की स्थिति पर बयान सुनील जाखड़ ने कहा, “फ्लोर टेस्ट पास करने के बाद मुख्यमंत्री आराम से बैठे हैं कि अब उनके खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव नहीं आएगा। मैंने राज्यपाल से कहा है कि इस मामले में न्यायिक सलाह ले लें। अगर बहुमत वाले विधायक आपके पास आकर कहें कि उनके पास बहुमत है, तो हर मामले में फ्लोर ऑफ द हाउस में जाने की जरूरत नहीं होती। इसका निपटारा राजभवन में भी हो सकता है। आने वाले समय में स्थिति साफ हो जाएगी।” उन्होंने कहा कि संजीव अरोड़ा एक बड़े बिजनेसमैन हैं और उनका राजनीतिक प्रभाव भी अच्छा है। “उनके मन में भी टीस है। मुझे लगा था कि वह इस्तीफा देंगे। मुख्यमंत्री को बदला जा सकता है, लेकिन हम किसी तरह का गवर्नर रूट नहीं चाहते। मुख्यमंत्री को विपश्यना में भेज दो।” चीफ सेक्रेटरी को बुलाकर पूछने की मांग जाखड़ ने कहा, “मैंने राज्यपाल साहब से मांग की है कि चीफ सेक्रेटरी को बुलाकर जरूर पूछा जाए कि मीटिंग में क्या हुआ था। मुझे पूरी जानकारी है कि दो मंत्रियों को जलील किया गया। इससे भी ज्यादा गलत भाषा का प्रयोग मुख्यमंत्री ने चीफ सेक्रेटरी के लिए किया। हो सकता है उन्होंने अपनी इज्जत बचाने के लिए बात दबा दी हो, लेकिन यह पंजाब का मुद्दा है।” उन्होंने कहा, “पहले गाने वाले कलाकारों को राजनीतिक मंचों पर लाया जाता था, अब आईएएस और पीसीएस अधिकारियों के साथ ऐसा व्यवहार किया जा रहा है। चीफ सेक्रेटरी और अफसरों को प्रोटेक्शन मिलनी चाहिए। मुख्यमंत्री साहब को भी बुलाकर बात कर लो। अरविंद केजरीवाल से कहो कि इन्हें बदल दो। चाहे हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा या किसी और को मुख्यमंत्री बना दो, लेकिन मुख्यमंत्री पद के लिए भगवंत मान फिट नहीं हैं। हालांकि हम इस मुद्दे पर सड़क की लड़ाई नहीं लड़ेंगे, यह लड़ाई राजनीतिक स्तर पर लड़ी जाएगी।” सांसदों की सुरक्षा हटाने पर सवाल बीजेपी ने राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि बीजेपी में शामिल हुए पांच राज्यसभा सांसदों की सुरक्षा अचानक वापस ले ली गई, जबकि भ्रष्टाचार मामले में गिरफ्तार विधायक रमन अरोड़ा की सुरक्षा बहाल कर दी गई। बीजेपी ने इसे राजनीतिक भेदभाव बताया। ड्रग सेंसस पर भी उठाए सवाल जाखड़ ने कहा, “कल तक मुझे कहा जाता था कि मैं पंजाब को बदनाम करता हूं। अब पंजाब में ड्रग सेंसस शुरू होने जा रही है। भगवंत मान जी, आप खुद क्यों नहीं करवाते? शराब भी नशा होती है। क्या शराब को इससे बाहर रखा गया है?”