पानीपत जिला पुलिस की सीआईए-3 (CIA-3) टीम ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पद का दुरुपयोग करने के मामले में इसराना के सरपंच राजेश को गिरफ्तार किया है। दरअसल, राजेश ने ग्राम पंचायत की भूमि से बिना अनुमति के अवैध रूप से कीकर और शीशम के कीमती पेड़ कटवाए। टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर इसराना क्षेत्र से ही सरपंच को हिरासत में लिया। BDPO की शिकायत पर खुली थी पोल जानकारी के अनुसार, खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी (BDPO) इसराना ने थाना इसराना में एक लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि इसराना ग्राम पंचायत के अधिकार क्षेत्र में आने वाली पंचायती भूमि पर बड़ी संख्या में कीकर और शीशम के सरकारी पेड़ खड़े थे, जिन्हें उच्च अधिकारियों या सरकार की बिना किसी प्रशासनिक अनुमति के अवैध रूप से काट दिया गया है। प्रशासनिक जांच में सरपंच और ठेकेदार की मिलीभगत की हुई पुष्टि बीडीपीओ की शिकायत मिलने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच टीम का गठन किया गया था। इस टीम में ग्राम सचिव, कनिष्ठ अभियंता (JE), खंड पटवारी और अन्य संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया गया। जब इन अधिकारियों ने मौके पर जाकर गहनता से मुआयना किया और पैमाइश की, तो जांच रिपोर्ट में साफ तौर पर पुष्टि हुई कि वर्तमान सरपंच राजेश ने अपनी शह पर ठेकेदार जितेंद्र के साथ मिलकर इस बड़े घोटाले को अंजाम दिया और सरकारी पेड़ों को अवैध रूप से कटवा दिया। 1 करोड़ 10 लाख में लिया था ठेका सीआईए-3 के प्रभारी इंस्पेक्टर विजय ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि इस संबंध में मुख्य आरोपी ठेकेदार जितेंद्र को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस रिमांड और पूछताछ के दौरान ठेकेदार ने कई अहम राज उगले थे। जांच में सामने आया कि ठेकेदार जितेंद्र ने पास की ही जमीन पर सफेदे के पेड़ों को काटने का ठेका करीब 1 करोड़ 10 लाख रुपए में लिया था। लेकिन अधिक मुनाफा कमाने के लालच में ठेकेदार ने सरपंच राजेश के साथ साठगांठ की। सफेदे के पेड़ों की कटाई की आड़ में इन लोगों ने नियमों को ताक पर रखकर साथ लगती पंचायती भूमि पर खड़े कीमती कीकर और शीशम के पेड़ों पर भी कुल्हाड़ा चला दिया और उन्हें बाजार में बेचकर सरकारी खजाने को चूना लगाया।