फरीदाबाद में फरवरी में आयोजित किए गए सूरजकुंड इंटरनेशनल क्राफ्ट मेले में 7 फरवरी को सुनामी झूला टूटने से हुए हादसे की जांच करने वाली कमेटी ने झूला मालिक शुभम को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने बिना किसी मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट, फिटनेस जांच या एनओसी के झूला मेले में लगा दिया गया था। इस हादसे में 12 लोग घायल हुए थे और पुलिस इंस्पेक्टर जगदीश प्रसाद की मौत हो गई थी। SIT के अनुसार, मेरठ सदर कैंट निवासी शुभम गुप्ता ने खतौली निवासी रहीस खान से 40 लाख रुपए में यह झूला बनवाया था। हादसे के बाद झूला एजेंसी के मालिक व संचालकों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया था, जिसे बाद में लापरवाही से मौत में तब्दील कर दिया गया है। SIT की तरफ से शुभम गुप्ता को जांच में शामिल होने के लिए कई नोटिस भेजे गए थे लेकिन वह एक बार भी जांच में शामिल नही हुआ। जिसके बाद अब उसको गिरफ्तार किया गया है। झूले बनवाकर लोगों को किराए पर देता था शुभम गुप्ता झूले बनवाकर लोगों को किराए पर देता है। पर्यटन विभाग से टेंडर हासिल करने वाले ठेकेदार मोहम्मद शाकिर के साथ गिरफ्तार हुआ नितेश कुमार शुभम गुप्ता के लिए मैनेजर का काम करता था। टेंडर हासिल करने के बाद ठेकेदार मोहम्मद शाकिर ने नितेश कुमार से ही संपर्क किया था। 40 फीसदी के साथ हिस्सेदारी SIT के अनुसार, नितेश ने ही शुभम गुप्ता से बात कर झूले का इंतजाम किया था। उनके बीच डील हुई थी झूले की टिकट बिक्री से आने वाली राशि में से 60 फीसदी हिस्सा ठेकेदार मोहम्मद शाकिर का और 40 फीसदी हिस्सा शुभम गुप्ता का होगा। जांच में ये भी सामने आया कि उसने बिना किसी मैन्युफैक्चरिंग सर्टिफिकेट, फिटनेस जांच या एनओसी के झूला मेले में लगा दिया गया था, इसलिए मालिक को गिरफ्तार किया गया है। SIT इस मामले में कोर्ट में चालान पेश कर चुकी है। शुभम गुप्ता से पूछताछ के बाद सप्लीमेंट्री चालान पेश किया जाएगा।