बठिंडा में एएसआई पर रिश्वत मांगने का आरोप:विजिलेंस ने दर्ज किया केस, व्यापारी को झूठे केस में फंसाने की दी थी धमकी

पंजाब सरकार की भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम के तहत बठिंडा विजिलेंस ब्यूरो ने सीआईए स्टाफ-1 के एएसआई मनजिंदर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया है। उन पर एक व्यापारी को झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मामला 22 अप्रैल 2026 को सुबह लगभग 11:45 बजे शुरू हुआ। शिकायतकर्ता दुशांत बांसल, जो बठिंडा की अग्रवाल कॉलोनी में कॉस्मेटिक का थोक व्यापार करते हैं, अपने दोस्त और पार्टनर रूपेश गुप्ता के घर पर मौजूद थे। इसी दौरान, सीआईए स्टाफ-1 के एएसआई मनजिंदर सिंह अपने तीन अन्य साथियों के साथ वहां पहुंचे। उन्होंने रूपेश के घर की तलाशी ली और आरोप लगाया कि वे ‘नकली सामान’ बेच रहे हैं। एएसआई ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि वे इस मामले से बचना चाहते हैं, तो उन्हें रिश्वत देनी होगी। एएसआई मनजिंदर सिंह ने कथित तौर पर मामले को निपटाने के लिए 5,00,000 रुपए की रिश्वत मांगी। बातचीत के बाद, यह राशि 2,25,000 रुपए पर तय हुई। दुशांत बांसल ने एंटी-करप्शन एक्शन को दी शिकायत दुशांत बांसल ने एएसआई मनजिंदर सिंह द्वारा फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से पैसे के लिए दबाव डाले जाने पर उन कॉल्स को रिकॉर्ड कर लिया। इन रिकॉर्डिंग में एएसआई कथित तौर पर पैसे के लेन-देन और मुलाकातों के बारे में बात कर रहा था।23 अप्रैल को, आरोपी एएसआई ने दुशांत को एक सफेद ब्रीजा कार में बिठाकर फिर से रिश्वत की मांग दोहराई, जिसे दुशांत ने रिकॉर्ड कर लिया। पुख्ता सबूत मिलने के बाद दुशांत ने पंजाब सरकार की एंटी-करप्शन एक्शन लाइन (9501200200) पर शिकायत दर्ज कराई।विजिलेंस ब्यूरो, रेंज बठिंडा ने इन रिकॉर्डिंग और तथ्यों की जांच की, जिसमें एएसआई मनजिंदर सिंह पर लगे आरोप सही पाए गए। इसके बाद, 30 अप्रैल 2026 को विजिलेंस ब्यूरो ने एएसआई मनजिंदर सिंह के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम (P.C. Act) की धारा 7 के तहत मामला दर्ज किया। फिलहाल मामले की अगली तफ्तीश इंस्पेक्टर नरिंदर सिंह को सौंपी गई है,। इस घटना ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *