बाढ़ अनुमंडल के बालिका उच्च विद्यालय में 9वीं क्लास में छात्राओं का एडमिशन नहीं हो रहा है। स्थानीय छात्राएं और उनके पैरेंट्स परेशान हैं। विद्यालय मॉडल हाईस्कूल में परिवर्तित हो गया है, जहां इस साल से छात्र और छात्रा दोनों का नामांकन हो रहा है। चार सौ छात्राओं का एडमिशन होता है। आज लगभग 50 छात्रा पहुंची, लेकिन एडमिशन नहीं हो सका। छात्राओं का कहना है कि हम स्थानीय निवासी हैं, फिर भी प्रवेश नहीं लिया जा रहा है, जबकि क्षेत्र के बाहर से आए छात्र-छात्राओं को प्रवेश मिल रहा है। छात्राओं ने बताया कि स्कूल प्रबंधन ने सूचित किया है कि बाहरी छात्र-छात्राओं का नामांकन सरकार के आदेश पर किया जा रहा है। एडमिशन के लिए अधिकारियों को लिखा है लेटर स्कूल प्रबंधन के अनुसार, उन्होंने स्थानीय छात्रों के नामांकन के संबंध में स्थानीय विधायक, शिक्षा पदाधिकारी और अनुमंडल पदाधिकारी सहित सभी संबंधित अधिकारियों को पत्राचार किया है। हालांकि, उन्हें अभी तक कोई आश्वासन नहीं मिला है, जिसके कारण स्थानीय छात्राओं का नामांकन नहीं किया जा रहा है। छात्राओं ने यह भी शिकायत की कि विद्यालय प्रबंधन की ओर से कई बार नामांकन की तिथि घोषित की गई और उन्हें बुलाया गया, लेकिन उनका प्रवेश नहीं लिया गया, जिससे वे काफी परेशान हैं। इस मुद्दे को लेकर सभी छात्राएं विधायक से मिलने उनके आवास पर भी गई हैं।
नामांकन रोकने के लिए दिशा-निर्देश मिले हैं विद्यालय की प्रधानाध्यापिका रानी पुष्प लता ने बताया कि राज्य सरकार की ओर से इसे मॉडल स्कूल घोषित किया गया है, जिसके कारण छात्र और छात्रा दोनों प्रवेश के लिए आ रहे हैं। उन्होंने पुष्टि की कि स्थानीय बच्चों का नामांकन नहीं हो रहा है, जिससे वे भी परेशान हैं और छात्रों के नामांकन का विरोध कर रहे हैं। प्रधानाध्यापिका ने बताया कि बिहार सरकार की ओर से बच्चों का नामांकन रोकने के लिए दिशा-निर्देश मिले हैं।